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pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"वाह हर एक दोहा सावन मे नहाया हुआ। हार्दिक बधाई इस मनभावन दोहावली पर आदरणीय लक्ष्मण धामी जी"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"नाना विधि की बने मिठाई, भर-भर पीपे आती हैंबहनों के घर में बहुतेरी, रौनक लेकर आता सावन।// सही है  सावन में ही तो रक्षा बन्धन आता है। प्रदत्त विषय पर मनभावन रचना। हार्दिक बधाई आदरणीय सतविन्दर भाई"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"मुझे ये रचना प्रदत्त विषय से हटी हुई लगी। विषय से हट कर देखने पर सामयिक हालातो पर तंज करती अच्छी रचना है। हार्दिक बधाई आपको"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"सराबोर ये जल बूँदों से, पर्ण बहुत तरसाते हैं I आग लगाते हैं ये तन को, मन को भी सरसाते हैं II// बहुत सुन्दर हार्दिक बधाई इस सुन्दर प्रस्तुति पर आदरणीय अशोक जी"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय जवाहरलाल सिंह जी प्रदत्त विषय पर मनभावन प्रस्तुति हार्दिक बधाई प्रेषित है"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"प्रदत्त विषय पर सुन्दर सृजन। हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"सावन की मस्ती में डूबी सुन्दर प्रस्तुति हार्दिक बधाई आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"वर्षा का है आगमन,मन में उठे हिलोर।पत्तों में है बांकपन,करे मयूरा शोर//वाह   प्रदत्त विषय पर शानदार सृजन। बधाई प्रेषित है आदरणीया रचना भाटिया जी"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"मेघराग गाती इस सुंदर प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीया बबीता जी"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय सुरेन्द्र जी मौसम और विषय के अनुरूप आपने छंद का चयन भी खूब किया है।विषय को जीवन्त करते हुए शब्दों का चयन और प्रवाह मुग्ध कर रहा है। हार्दिक बधाई आपको"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"गीत अपने मन का  राजा बादल करता रहता है मनमानी कभी तो जल को तरसाता है दूर पवन संग उड़ जाता है प्यासी धरती की मनुहारें सुनकर भी ना पिघलाता है फटी चुनरिया ओढ़े धरती माँगा करती चूनर धानी झूले देख कभी  मुस्काता छप छप बचपन संग हर्षाता अपने…"
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 98 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीया मंजीत कौर जी"
Jun 23
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 98 in the group चित्र से काव्य तक
"छंदमय टिप्पणी के लिये हार्दिक आभार आदरणीय सतविन्दर भाई"
Jun 23
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 98 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर जी"
Jun 23
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 98 in the group चित्र से काव्य तक
", रचना की सराहना व उत्साहवर्धन के लिये हार्दिक आभार आदरणीय सौरभ जी//आजके आम दादाओं को वाकई सुनने वाला कौन है ? कितने हैं ? // जी सही कहा आपने। वैसे सुना दादियों को भी कम ही जाता है पर महिलायें किसी भी तरह से अपने मन की बाहर उँडेल ही देती हैं जो…"
Jun 23
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 98 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह छन्नपकैया सार छंद में आपने चित्र की आत्मा को उकेर दिया है आदरणीया मंजीत कौर जी  हार्दिक बधाई। बचपन लगे प्यारा// इसमे 11 मात्राएँ हो रही हैं। "
Jun 23

Profile Information

Gender
Female
City State
Ratlam Madhya Pradesh
Native Place
Almora Uttarakhand
Profession
was a teacher , currently house wife and a social worker
About me
I am from a sahitya premi family ,love to read and write

Pratibha pande's Blog

राज़ [ लघुकथा प्रतिभा पाण्डे ]

“ कब से इंतज़ार कर रहा हूँ तेरा I एक राज़ की बात बतानी है I’’ राधा के बाहर आते ही अब्दुल ड्राईवर झट उसके पास आ गया I

“जल्दी बता, बहुत काम पड़ा है I” झटके का कपड़ा कमर में खोंसती राधा बोली I

“ कल तू बता रही थी ना कि मेमसाब आजकल बदली बदली हैं, बहुत मीठा बोलती हैं , टूट फूट में चिल्लाती  भी नहीं हैं I’’

“ हाँ तो ?’’

“दोनों कड़वे करेलों की दरियादिली का राज़ आज खुल गया है I’’ अब्दुल का अंदाज़ भेद भरा था  I

“दोनों मतलब ?’’

“ साहब भी आजकल मीठे हो रहे हैं I…

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Posted on July 6, 2017 at 6:00pm — 9 Comments

मेरी दादी [गीत ] प्रतिभा पांडे

ऊन सलाई संग दादी का

बहुत पुराना था याराना

चपल उँगलियों का दादी की  

जाड़े ने भी लोहा माना

 

छत पर जब दादी को पाती

धूप गुनगुनी  मिलने आती

ख़ास सहेली बन दादी की  

वो भी फंदों से बतियाती

 

सीधे पर दो उल्टे फंदे

बुनता जाता ताना बाना

 

कल जो था बाबा का स्वेटर

अब छोटू का टोपा मफलर

नई पुरानी ऊनों के संग

चपल उँगलियाँ चलतीं सर सर

 

इस रिश्ते से उस रिश्ते तक

गर्माहट का आना…

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Posted on December 18, 2016 at 1:00pm — 8 Comments

फिर आओ गोपाल [ दोहा गीत जन्माष्टमी पर ]

 

हे पार्थ के सारथी, हे जसुमति के लाल

हरने जन की पीर अब , फिर आओ  गोपाल

 

ध्वस्त किया था कंस का ,इक दिन तुमने मान

निडर हो गया कंस अब ,और हुआ बलवान

घूम रहा है ओढ़ कर ,सज्जनता की खाल

हरने जन की पीर अब ,  फिर आओ  गोपाल

 

पाँचाली के चीर का ,किया खूब विस्तार   

नयनों में भर नीर फिर ,तुमको रही पुकार

अंध सभा में ठोकता , दुःशासन फिर  ताल

हरने जन की पीर अब  ,फिर आओ गोपाल

 

अर्जुन का रथ थाम कर…

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Posted on August 25, 2016 at 8:00am — 14 Comments

‘बेच रहा है आज तिरंगा’

 

चौराहे नाके पर बालक

बेच रहा है आज तिरंगा

 

झंडे लेकर उससे इक दो

कुछ पैसे उसको दे डालो

फिर गाडी में उन्हें लगा कर

आज़ादी की रस्म निभा लो

 

खाली हाथों घर जो लौटा

बाप करेगा पी कर पंगा

 

शनि लेकर कल घूम रहा था

सरसों तेल व जलती बाती

भूखे बच्चे चौराहे पर

कब बीतेगी साढ़े साती

 

रोजी उसकी ही खा जाता 

खादी  जाली का हर दंगा

 

बीते न बस रस्मी…

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Posted on August 15, 2016 at 11:18am — 4 Comments

Comment Wall (20 comments)

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At 3:07pm on November 18, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

 

आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक बधाई और  शुभकामनाएँ।

At 1:39pm on November 18, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीया प्रतिभा पांडे साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रखे. सादर 

At 12:19pm on November 18, 2018, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय प्रतिभा पांडे जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें।प्रभु आपकी समस्त मनोकामनायें पूर्ण करें।माता रानी का सदैव आशीर्वाद मिले। जीवन में सुख, शाँति,समृद्धि और सेहत से मालामाल रहें।सदैव उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 7:55am on June 24, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आपको कविता पर कविता पसंद आई हार्दिक आभार।
At 7:35pm on June 23, 2016, kanta roy said…
इस बीच मैने महसूस किया है कि कई गहरे आत्मीय संबंध मेरी मित्र सूची में शामिल नहीं है तो अचरज से भर गई । वास्तव में हमारा रिश्ता बहुत गहरा है । अपनी सौम्य ,सहज साझीदार को हृदय से अभिनंदन प्रेषित करती हूँ । :)))
At 6:57pm on November 19, 2015, maharshi tripathi said…

धन्यवाद  आ.प्रतिभा जी |

At 3:58pm on November 19, 2015, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिवस पर शुभ कामनाएं व्यक्त करने अनुग्रहित करने के  लिए ह्रदयतल से आभारी हूँ आपका  आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी, सादर   -
ईश कृपा से ही हुऐ,सात दशक ये पार,
मित्रों इस सद्भाव का, बहुत बहुत आभार ।

- लक्ष्मण रामानुज लडीवाला,जयपुर

At 6:27pm on November 18, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया प्रतिभा जी आपको सपरिवार जन्मदिन की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं। 

At 5:24pm on November 18, 2015, नादिर ख़ान said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीया प्रतिभा जी । 

At 2:55am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
जन्मदिन की सालगिरह पर तहे दिल बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी।
 
 
 

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