For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr.Prachi Singh's Blog – December 2017 Archive (1)

कब तक झूलोगी? (नवगीत)//प्राची

झूठ-सत्य के दो पलड़ों पर

टँगी हुई उम्मीदों बोलो-

कब तक झूलोगी ?

अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर

पाने की आवारा ज़िद में-

क्या-क्या भूलोगी ?



शब्दों की प्यासी बन कर तुम

चीख मौन की झुठलाती हो

बोलो आखिर क्यों ?

मनगढ़ मीठी बातें रखकर

खारापन बस तौल रही हो

इतनी शातिर क्यों…

Continue

Added by Dr.Prachi Singh on December 9, 2017 at 10:36am — 3 Comments

Monthly Archives

2022

2020

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

2012

1999

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"जनाब नवीन जी, आप की इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
44 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"अच्छी ग़ज़ल हुई नवीन मणि जी .मतले के सानी में 'ने' चिन्ह का दोष लगता है "
1 hour ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय सालिक गणवीर जी बहुत अच्छी ग़ज़ल कही अपने ...वाह "
1 hour ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी ग़ज़ल अभी समय चाहती है ."
1 hour ago
सूबे सिंह सुजान posted photos
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुन्दर गजल हुई है। गिरह भी अच्छी हुई है। हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: सुरूर है या शबाब है ये
"अरे वाह वाह वाह बहुत खूब लिखा है"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान left a comment for Samar kabeer
"वाह वाह वाह बहुत खूब। ओ बी ओ"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"वाह वाह"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"बहुत सुंदर"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"बहुत सुंदर"
4 hours ago
सूबे सिंह सुजान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"अच्छी ग़ज़ल कही"
4 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service