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डॉ छोटेलाल सिंह's Blog – February 2018 Archive (1)

सबक

सबक

देश खोखला होता जाता,आज यहाँ मक्कारों से

सदा कलंकित होता भारत, भीतर के गद्दारों से

लाज शर्म है नहीं किसी को, अपना नाम डुबाने में

मटियामेट करे इज्जत को, देखो आज जमाने में  

देश धरा के जो हैं दुश्मन, सबको नाच नचाते हैं

सारी अर्थव्यवस्था को वे, तितर वितर कर जाते हैं

अपनी मर्जी के हैं मालिक, अपना हुक्म चलाते हैं

लूट लूट कर भरे तिजोरी, फिर ये गुम हो जाते हैं

आज व्यवस्था जमीदोज है, हर जुर्मी हैवानों से

कैसे मुक्ति मिले भारत को, इन पाजी…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on February 25, 2018 at 9:21am — 10 Comments

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