For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दोहा त्रयी : वृद्ध

दोहा त्रयी : वृद्ध


चुटकी भर सम्मान को, तरस गए हैं वृद्ध ।
धन-दौलत को लालची, नोचें बन कर गिद्ध । ।


लकड़ी की लाठी बनी, वृद्धों की सन्तान ।
धू-धू कर सब जल गए, जीवन के अरमान ।।


वृक्षहीन आँगन हुए, वृद्धहीन आवास ।
आशीषों की अब नहीं, रही किसी में प्यास ।।


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 129

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on March 8, 2021 at 6:37pm

आदरणीय नाथ सोनांचली जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।अवगत हुआ। हार्दिक आभार।

Comment by नाथ सोनांचली on March 7, 2021 at 8:18pm

आद0 सुशील सरना जी सादर अभिवादन

अच्छे दोहे सृजित किये हैं आपने,, गिद्ध और वृध्द की तुकांतता सहीह नहीं है। देखिएगा।। बधाई आपको 

Comment by Sushil Sarna on March 4, 2021 at 8:53pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। जी, अवगत हुआ। हार्दिक आभार।

Comment by Samar kabeer on March 2, 2021 at 6:12pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छे दोहे लिखे,बधाई स्वीकार करें ।

'चुटकी भर सम्मान को, तरस गए हैं वृद्ध । 
धन-दौलत को लालची, नोचें बन कर गिद्ध 

इस दोहे में 'वृद्ध' और 'गिद्ध' की

तुकांतता पर विचार करें ।

Comment by Sushil Sarna on February 25, 2021 at 8:48pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 24, 2021 at 5:56am

आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । उत्तम दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत शुक्रिय:,जनाब । मुझे भी ओबीओ के बग़ैर चैन नहीं मिलेगा, ओबीओ के तरही मुशाइर: में शिर्कत की भरपूर…"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब, आदाब - - - सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है ।"
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । आप सही ✅ हैं सर । मैं अभी संशोधित…"
4 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, मन पर अच्छे दोहे हुए हैं, बधाई स्वीकार करें।  हालांकि मैं इस विधा का…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवाद । मन के दोहे अच्छे हुए हैं । हार्दिक बधाई । पाँचवे दोहे की तुकांतता…"
6 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post कोरोना को हराना है।
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, रचना पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार। सादर।"
6 hours ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ० समर कबीर साहिब, आदाब! आपकी अनुपस्थिति में यह मंच सूना-सूना सा लगेगा. लेकिन मज़हबी ज़िम्मेवारी हर…"
10 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

मन पर दोहे ...........

मन पर दोहे ...........मन माने तो भोर है, मन माने तो शाम ।मन के सारे खेल हैं, मन के सब संग्राम ।…See More
10 hours ago
Sushil Sarna commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post कोरोना को हराना है।
"वाह आदरणीय जी आज के संदर्भ में बेहतरीन प्रस्तुति । हार्दिक बधाई सर ।"
10 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गरीबी ........
"आदरणीय  अमीरुद्दीन साहिब,  आदाब ---सृजन के भावों को मान देने का दिल से शुक्रिया । "
10 hours ago
Aazi Tamaam commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post कोरोना को हराना है।
"बात एकदम पते की है जनाब अमीर जी बेहद बस टोटके हैं......... ताली थाली नहीं बजाना है बेहद पसंद आया…"
12 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम - लघुकथा
"हार्दिक आभार आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी"
13 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service