For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सबसे पहले आपको नाथ नवाता शीश
यही याचना, आपका मिलता रहे आशीष

जीवन मे उत्थान दे मंगलमय नव-वर्ष
नए साल में छूइए नए-नए उत्कर्ष

शुभकामना स्वीकारिये मेरी भी श्रीमान
शुक्ल पक्ष के चाँद सी बढ़े आपकी शान

जैसे इस ब्रम्हांड का नही आदि ना अंत
वैसे ही श्रीमान को खुशियाँ मिलें अनंत

धन-सम्पत से युक्त हों लोभ-मोह से हीन
उनको भी उद्धारिये जो हैं दीन-मलीन 

मौलिक एवं अप्रकाशित


आशीष यादव

Views: 293

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' on January 25, 2022 at 7:43pm

जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, अच्छे दोहे रचे हैं आपने, हार्दिक बधाई। 

'मिलता रहे आशीष'        इस सम चरण में 11 के विपरीत 12 मात्राएं हैं, 

'शुभकामना स्वीकारिये'   इस विषम चरण में 13 के विपरीत 14 मात्राएं हैं, देखियेेगा। 

Comment by आशीष यादव on January 24, 2022 at 11:27pm

आदरणीय श्री सौरभ पांडेय सर प्रणाम। 

प्रत्येक रचना पर आपकी टिप्पणियों की प्रतीक्षा रहती है। आपका सुझाव माननीय है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

Comment by आशीष यादव on January 24, 2022 at 11:23pm

आदरणीय श्री बृजेश कुमार ब्रज जी बहुत-बहुत धन्यवाद।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 18, 2022 at 5:18pm

नववर्ष की हारिक शुभकामनाएँ .. 
इस छांदसिक प्रयास के लिए बधाइयाँ ! 

शुभकामना स्वीकारिये मेरी भी श्रीमान ..  इस पद के विषम चरण पर ध्यान दीजिएगा. 

दूसरे, ब्रह्माण्ड सही अक्षरी है. 

शुभातिशुभ

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on January 17, 2022 at 10:58pm

बहुत ही सुंदर दोहे हुए आदरणीय यादव जी बधाई

Comment by आशीष यादव on January 5, 2022 at 9:29am

आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी मुसाफिर सर दोहों तक पहुंचने एवम् टिप्पणी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके लिए नववर्ष के मंगलमय की कामना करता हूं।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 1, 2022 at 9:48am

आ. भाई आशीष जी, नववर्ष पर सुन्दर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।

साथ ही नववर्ष की असीम हार्दिक शुभकामनाएँ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी, तरही मिसरे पर सुन्दर गजल के लिए बधाई।"
1 minute ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"गुरप्रीत सिंह जी, तरही मिसरे पर सुन्दर गजल के लिए बधाई।"
3 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. भाई अमित जी, खूबसूरत गजल हुई है। हार्दिक बधाई।  भाई अनिल जी की बात का संज्ञान लें।…"
4 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
" सूबे सिंह सुजान जी, तरही मिसरे पर सुन्दर गजल के लिए बधाई स्वीकार करें।"
4 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"दण्डपाणि नाहक जी, तरही मिसरे पर सुन्दर गजल के लिए बधाई स्वीकार करें।"
5 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"रिचा यादव जी, तरही मिसरे पर सुन्दर गजल के लिए बधाई।"
7 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
10 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आप शीघ्र स्वस्थ हो हमारे बीच पधारें । ईश्वर से यही प्रार्थना है।"
12 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. भाई अनिल जी, सादर अभिवादन। बहुत सुन्दर गजल हुई है। हर शेर उम्दा है । हार्दिक बधाई। गिरह की कमी…"
14 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"जनाब नवीन जी, आप की इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
1 hour ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"अच्छी ग़ज़ल हुई नवीन मणि जी .मतले के सानी में 'ने' चिन्ह का दोष लगता है "
2 hours ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय सालिक गणवीर जी बहुत अच्छी ग़ज़ल कही अपने ...वाह "
2 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service