For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

विजयदशमी पर कुछ दोहे :

विजयदशमी पर कुछ दोहे :

राम शरों ने पाप को, किया धरा से दूर।
दम्भी रावण का हुआ, दम्भ अंत में चूर।1।

हाथ जोड़ वंदन करें , कहाँ राम हैं आप।
प्रतिपल बढ़ते जा रहे ,हर सत्या पर पाप।2।

छद्म वेश में घूमते, जगह जगह लंकेश।
नारी को वो छल रहे, धर कर मुनि का वेश।3।

राम नाम के दीप से, हो पापों का अंत।
मन से रावण दूर हो ,उपजे मन में कंत।4।

जीवन में लंकेश सा, जो भी करता काम।
ऐसे पापी को कभी , क्षमा न करते राम।।

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 258

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on October 18, 2019 at 5:09pm

आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का आभारी है। 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 16, 2019 at 7:31pm
  1. आ. भाई सुशील जी, उत्तम दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।
Comment by Sushil Sarna on October 14, 2019 at 6:45pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब , सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार।

Comment by Sushil Sarna on October 14, 2019 at 6:45pm

आदरणीय  बृजेश कुमार 'ब्रजजी सृजन में निहित भावों को मान देने का दिल से आभार।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 12, 2019 at 10:07am

वाह बहुत ही सुन्दर दोहे आदरणीय..

Comment by Samar kabeer on October 11, 2019 at 7:05pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,विजयदशमी पर अच्छे दोहे लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sushil Sarna on October 8, 2019 at 9:13pm

आदरणीय  TEJ VEER SINGH जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार, विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ । 

Comment by Sushil Sarna on October 8, 2019 at 9:13pm

आदरणीय  Sheikh Shahzad Usmani  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार, विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ । 

Comment by Sushil Sarna on October 8, 2019 at 8:23pm

आदरणीय  Sheikh Shahzad Usmani  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार, विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ । 

Comment by Sushil Sarna on October 8, 2019 at 8:22pm

आदरणीय TEJ VEER SINGH  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार, विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ । 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post किसे आवाज़ दूँ (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय रूपम कुमार 'मीत' भाई, आपकी नवाज़िश और मुहब्बत के लिए तह-ए-दिल से शुक्रिया!"
28 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post किसे आवाज़ दूँ (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, आपकी ज़र्रा-नवाज़ी और हौसला-अफ़ज़ाई के लिए बेहद शुक्रगुज़ार…"
30 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post छत पे आने की कहो- ग़ज़ल
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा साहिब, इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर आपको दाद और मुबारकबाद पेश करता हूँ।"
33 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post वो मेरी ज़िंदगी को सदा छोड़ क्या गया (ग़ज़ल)
"आदरणीय रूपम कुमार 'मीत' भाई, ग़ज़ल का प्रयास बहुत अच्छा हुआ है। आपको कुछ सुझाव देना चाहता…"
36 minutes ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post उरिझै कवनेउ मंद
"प्रणाम, डा0 प्राची सिंह जी,मैं यह बात पटल पर कई बार कह चुकी हूँ कि मैं किसी विधा  का ख्याल…"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तेरे ख्वाहिशों के शह्र में- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें!"
7 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted a blog post

वो मेरी ज़िंदगी को सदा छोड़ क्या गया (ग़ज़ल)

बह्र-221/2121/1221/212वो मेरी ज़िंदगी को सदा छोड़ क्या गयाआँखों से प्यार का मेरे मौसम चला गया[1]वो…See More
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post छत पे आने की कहो- ग़ज़ल
"आ. भाई बसंत कुमार जी, सादर अभिवादन । वर्षा रितु के हिसाब से उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तेरे ख्वाहिशों के शह्र में- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)

२२१/२१२१/१२२१/२१२१/२लिखना न मेरा नाम तेरे ख्वाहिशों के शह्र मेंआयेगा कुछ न काम तेरे ख्वाहिशों के…See More
8 hours ago
Neelam Dixit posted a blog post

गीत- नेह बदरिया नीर नदी बन

नेह बदरिया नीर नदी बनआंखों आंखों स्वप्न सधे हैंकाजल की काली रेखाएंसरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।नख…See More
8 hours ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

छत पे आने की कहो- ग़ज़ल

मापनी २१२२ २१२२ २१२२ २१२ इस जिग़र में प्यास बाकी है बुझाने की कहो, झूमती काली घटा से छत पे आने की…See More
8 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post उरिझै कवनेउ मंद
"हार्दिक धन्यवाद डा0 प्राची सिंह जी, मुझे मालूम है कि मैं इसे बेहतर लिख सकती थी । मैंने इसको केवल…"
18 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service