For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जिम्मेदारियाँ--लघुकथा

आज वह सोचकर आया था कि पापा से नई घडी और पैंट शर्ट के लिए कह ही देगा. अब तो स्कूल के बच्चे भी कभी कभी चिढ़ाने लगे थे. लेकिन घर की हालत देखकर उसकी कहने की इच्छा नहीं होती थी. जैसे ही वह पापा के कमरे में पहुंचा, पीछे पीछे उसका चचेरा भाई भी आ गया. अभी वह कुछ कहता तभी उसके चचेरे भाई ने अपनी फरमाईस रख दी "बड़े पापा, मेरी साइकिल बिलकुल खचड़ा हो गयी है, इस महीने नई दिला दीजिये".
पापा ने उसकी तरफ प्यार से देखते हुए कहा "ठीक है, इस बार बोनस मिलना है, जरूर खरीद दूंगा. लेकिन संभाल कर चलाना, गिरना मत".
चचेरा भाई प्रसन्न मन से चला गया, उसको लगा कि पापा से इस समय कहने में कोई दिक्कत नहीं है. उसने पापा की तरफ देखा तभी पापा ने पूछ लिया "सब ठीक है ना रवि, पढ़ाई बढ़िया चल रही है तुम्हारी?
"पढ़ाई बढ़िया चल रही है पापा, बस एक नई घड़ी और पैंट शर्ट चाहिए थी", उसने उत्साहित होकर कहा.
पापा की नजरें जैसे कहीं दूर खो गयीं, फिर वह उसकी तरफ देखते हुए बोले "देखता हूँ, इस बार तो छोटे की साइकिल जरुरी है, तुम्हारे सामने ही तो उसको बोला है. अगर पैसे बचे तो जरूर खरीद दूंगा".
इतना बोलकर पापा बाहर निकल गए, उसके मन में आक्रोश भर गया. वह दौड़ते हुए माँ के पास गया और लगभग चिल्लाते हुए बोला "माँ, पापा छोटे की हर बात मान लेते हैं लेकिन मेरे लिए उनके पास पैसा ही नहीं रहता है. आखिर चाचा छोटे के लिए क्यों नहीं खरीदते हैं".
माँ ने उसको पुचकारते हुए अपने पास बैठाया और समझाने लगी "अरे तेरे चाचा कहाँ कमा पाते हैं, पैसा तो तेरे पापा ही कमाते हैं. लेकिन घर के बड़े होने की जिम्मेदारियां भी बहुत बड़ी होती हैं, तुझे भी बाद में समझ आएगा".
माँ अपने हिसाब से उसे समझाने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसे फिलहाल यह गणित समझ में नहीं आ रहा था.

मौलिक एवम अप्रकाशित

Views: 32

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 20, 2019 at 4:32am

आ. भाई विनय जी, अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by विनय कुमार on November 16, 2019 at 4:07pm

इस उत्साह बढ़ाने वाली टिप्पणी के लिए बहुत बहुत आभार आ समर कबीर साहब

Comment by Samar kabeer on November 16, 2019 at 2:19pm

जनाब विनय कुमार जी आदाब, बहुत अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"आदरणीय शुशील सरना जी आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
10 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
10 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
10 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तितली-पुष्प प्रेम :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बात चीत के अंदाज़ में अच्छे दोहे रचे,बधाई स्वीकार करें । 'हाली सी…"
15 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post अप टू डेट लोग(लघुकथा)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कठिन बस वासना से पार पाना है-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post दो मुक्तक (मात्रा आधारित )......
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,मात्रा भार क्या लिया है ये भी लिखें,ताकि कुछ कहने में आसानी हो ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post एक पागल की आत्म गाथा
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नक़्श-ए-पा
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on Usha's blog post ऐसी सादगी भरी शोहरत को सलाम। (अतुकांत कविता)
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on Manju Saxena's blog post मेरा चेहरा मेरे जज़्बात का आईना है
"मुहतरमा मंजू सक्सेना जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'दिल मे लिक्खे ये…"
17 hours ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सदमे में है बेटियाँ चुप बैठे हैं बाप - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छे दोहे लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें । 'आदम…"
17 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service