For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मन के जतन :

फूल हुए शूल हुए
रास्ते की धूल हुए
अर्थहीन हो गए
अर्द्ध रैन स्वप्न

अवरोध प्रीत के
छंद सजे गीत के
सृष्टि में अट्हास हुआ
प्रीत का उपहास हुआ
सहमे
तन और मन

मेघों के आँचल पर
खुशबू से नाम लिखे
अनुरोधों की देहरी पर
बेमोल बिक गए
अंतर मौन स्वप्न

स्वीकार सभी खो गए
वनपाखी से हो गए
सायों से मिलने के
व्यर्थ हुए जतन
क्यूँ रोये नैना
न वो जाने
न हम

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 49

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on May 9, 2020 at 9:28pm

मैं तो ठीक हूँ, अस्ल में मेरा छोटा भाई और दो बेटे बीमार थे,भाई 20 दिन अस्पताल में रहा,और बेटे 14 दिन,तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई,अब वो घर पर हैं,और अल्लाह के फ़ज़्ल से ठीक हैं ।

Comment by Sushil Sarna on May 9, 2020 at 7:48pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब ... सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। सर अब आपकी सेहत कैसी है। उम्मीद करता हूँ कि अब आप स्वस्थ होंगे। परवरदिगार आपको अच्छी सेहत बख़्शे।

Comment by Samar kabeer on May 9, 2020 at 2:27pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post उरिझै कवनेउ मंद
"हार्दिक धन्यवाद डा0 प्राची सिंह जी, मुझे मालूम है कि मैं इसे बेहतर लिख सकती थी । मैंने इसको केवल…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Neeta Tayal's blog post कोरोना और सावन
"प्रिय नीता ये मंच साहित्य का गुरुकुल है, ऐसा अप्रतिम गुरुकुल जहाँ सब एक दूसरे को पढ़ते हुए ,…"
2 hours ago
Neeta Tayal commented on Neeta Tayal's blog post कोरोना और सावन
"बहुत बहुत आभार सखी, तुम्हारे गाइडेंस में मुझे बहुत सीखना है"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Vinay Prakash Tiwari (VP)'s blog post कामोदसामन्त : विनय प्रकाश
"आ० विनय जी सुन्दर द्विपदियाँ कही हैं आपने भाव बहुत प्यारे है लेकन शब्दों में थोड़ी…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Usha Awasthi's blog post उरिझै कवनेउ मंद
"अहा ! आनंदित करता दोहा प्रयास बहुत सुन्दर शिल्प कहीं कहीं कमज़ोर रह गया,, सतत अभ्यास…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Neeta Tayal's blog post कोरोना और सावन
"प्रिय सखी नीता तुम्हारा मंच पर तुम्हारी पहली रचना के साथ बहुत बहुत स्वागत है आंचलिक शैली…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Dr.Prachi Singh's blog post उम्र आधी कट गई है, उम्र आधी काट लूँगी
"भाई लक्ष्मण जी  गीत पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार "
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Dr.Prachi Singh's blog post उम्र आधी कट गई है, उम्र आधी काट लूँगी
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी जो शब्द 'उम्र' आपको पुनरुक्ति के कारण खटक रहा है .... वो मुझे…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Dr.Prachi Singh's blog post उम्र आधी कट गई है, उम्र आधी काट लूँगी
"आदरणीय अखिलेश जी शुद्ध हिंदी के शब्दों में एक गीत तो क्या पूरा का पूरा महाकाव्य बहुत सहजता से…"
5 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post किसे आवाज़ दूँ (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"बंद है हर दर यहाँ तो हर गली वीरान हैज़िन्दगी मुझको कहाँ लाई किसे आवाज़ दूँ आदरणीय रवि साहब, आपको…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई नवीन मणि जी, सादर अभिवादन । सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post किसे आवाज़ दूँ (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
8 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service