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ग़ज़ल ( हद में कभी थे हद से गुज़रना पड़ा हमें.....)

(221 2121 1221 212)

हद में कभी थे हद से गुज़रना पड़ा हमें
कई बार जीने के लिए मरना पड़ा हमें

शेरों की माँद में भी कभी बेहिचक गए
दौर-ए-रवाँ में चूहों से  डरना पड़ा हमें

आकर समेटता है हमें वो ही बारहा
हर बार टूटते ही बिखरना पड़ा हमें

आए नहीं वो कल भी तो हर बार की तरह
वादे से अपने आज मुकरना पड़ा हमें

मंज़िल भी होती पाँव के नीचे मगर सुनो
उसके लिए रस्ते में ठहरना पड़ा हमें

होते कहीं पे हम भी परीलोक में मगर
ख़्वाबों के पंख फिर से कतरना पड़ा हमें

* मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by सालिक गणवीर on July 21, 2020 at 3:31pm

आदरणीय रवि शुक्ला जी,

सादर अभिवादन

ग़ज़ल पर आपकी हाज़िरी और सराहना के लिए मश्कूर-ओ-ममनून हूँ.

Comment by Ravi Shukla on July 21, 2020 at 12:08pm

आदरणीय सलीक गणवीर जी । अच्छे अशआर हुए है। हार्दिक  बघाई स्वीकार कीजिये। ख्वाबों के पंख वाले  मिसरे में मुझे कछ अटकाव लग रहा है । बहुपचन के अनुसार कााफिया बदल रहा है । सादर ।

Comment by सालिक गणवीर on July 21, 2020 at 10:05am

आदरणीय अमीरूद्दीन 'अमीर' साहिब.

आदाब

ग़ज़ल पर आपकी हाज़िरी और सराहना के लिए तह-ए-दिल से मश्कूर-ओ-ममनून हूँ. आपकी इस्लाह पर अमल के बाद पुनः पोस्ट करता हूँ, इसके लिए आपको अलग से शुक्रिया अदा करता हूँ. सादर.

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' on July 20, 2020 at 11:20pm

जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें।

/शेरों की माँद में भी कभी बेहिचक गए

इस दौर में चूहों से भी डरना पड़ा हमें/ जनाब इस शैर के सानी मिसरे की तक़तीअ दोबारा देख लीजियेगा या/और अगर चाहें तो इसे यूँ भी कर सकते हैं :  "दौर-ए-रवाँ में चूहों से डरना पड़ा हमें" 

/मंज़िल भी होती पाँव के नीचे मगर सुनो

उसके लिए रस्ते में ठहरना पड़ा हमें/   इस शैर के सानी मिसरे में लफ़्ज़ "रस्ते" को 12 पर लेना मुनासिब नहीं इसे 22 या 21 मात्रा पर लेना ही दुरुुस्त होगा, मिसरा चाहें तो यूँ कर सकते हैं : "रस्ते में उसके वास्ते रुकना पड़ा हमें"। सादर। 

Comment by सालिक गणवीर on July 20, 2020 at 4:17pm

भाई सुरेंद्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'

सादर अभिवादन

ग़ज़ल पर आपकी हाज़िरी और सराहना के लिए मश्कूर-ओ-ममनून हूँ.

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on July 19, 2020 at 5:35pm

आद0 सलीक गणवीर जी सादर अभिवादन। अच्छे अशआर हुए है। बधाई स्वीकार कीजिये

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