For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हम उनकी याद में रोए भी मुस्कुराए भी (~रूपम कुमार 'मीत')

बह्र- 1212 / 1122 / 1212 / 22 (112)

अज़ाब-ए-हिज्र में सुख-दुख के गीत गाए भी
हम उनकी याद में रोए भी मुस्कुराए भी [1]

ख़ुदा ने ख़ल्क़ किया है चराग़ जैसा हमें
वही जलाए हमें फिर वही बुझाए भी [2]

अजीब साल ये गुज़रा हमारी जिंदगी में
ख़ुदा करे न दुबारा कभी फिर आए भी [3]

हमारे यार का अंदाज़-ए-इश्क़ सबसे जुदा
कभी हँसाए वो हमको कभी रुलाए भी [4]

गुलाब जैसे लबों से वो हमको चूमता है
निशान प्यार के सीने से फिर मिटाए भी [5]

बनाने वाले ने सब को बनाया ऐसा यहाँ
जो चोट दे भी सके और जो चोट खाए भी [6]

यक़ीन कैसे करूँ बे-वफ़ा की बातों पर
मैं उसके दिल में हूँ तो चीर कर दिखाए भी [7]

~रूपम कुमार 'मीत'

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 114

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 30, 2020 at 8:43am

आदरणीय , लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब जी , आपको मेरा प्रणाम। ग़ज़ल पर उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई का हृदय तल से शुक्रिया। , आपका  आशीर्वाद और स्नेह बना रहे  बालक पर सादर |

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 30, 2020 at 7:46am

आदरणीय , लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब जी , आपको मेरा प्रणाम। ग़ज़ल पर उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई का हृदय तल से शुक्रिया। , आपका  आशीर्वाद और स्नेह बना रहे  बालक पर सादर |

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 30, 2020 at 7:44am

आदरणीय , सालिक गणवीर साहिब जी , आपको मेरा प्रणाम। ग़ज़ल पर उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई का हृदय तल से शुक्रिया। सादर |

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on September 30, 2020 at 7:26am

आ. रूपम जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by सालिक गणवीर on September 29, 2020 at 5:51pm

प्रिय रुपम

बहुत उम्दा ग़ज़ल कही है. वाह.ढेरों बधाइयाँ।

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 29, 2020 at 6:13am

आदरणीया डिम्पल शर्मा जी सुप्रभात, आपको मेरा प्रणाम। ग़ज़ल पर उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई का हृदय तल से शुक्रिया। आपको शे'र पंसद आए बहुत अच्छा लगा, बालक पर अपना स्नेह बनाए रखें।

Comment by Dimple Sharma on September 29, 2020 at 6:00am

आदरणीय रूपम कुमार जी नमस्ते, वाह बहुत ख़ूब, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें, ग़ज़ल का मतला बहुत ख़ूब हुआ है आदरणीय बधाई स्वीकार करें, दुसरा शेर भी बहुत पसन्द आया , उम्दा ग़ज़ल हुई है आदरणीय मुबारकबाद आपको।

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 28, 2020 at 10:07am

आदरणीय निलेश साहिब जी,  मेरा  प्रणाम आपको, बहुत शुक्रिया आपका, बहुत दुआएं, सलामत रहे और लिखते रहे, बालक पर स्नेह बना रहे सादर |

Comment by Nilesh Shevgaonkar on September 27, 2020 at 11:13pm

अब मुकम्मल हो गया शेर 
बधाई 

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 27, 2020 at 9:50pm

आ. अमीरुद्दीन साहिब जी, बहुत शुक्रिया आपका, एक कोशिश हमने भी की है,

आपने मेरे ख़याल को मरने नहीं दिया, और शे'र  सहीह कर दिया।

हमने यूँ कहा था,

यक़ीन कैसे करें बे-वफ़ा की बातों पर

जो उसके दिल में है वो चीर कर दिखाए भी 

क्या अब यह शे'र सहीह है साहिब??

हूँ शुरुआत में हमें थोड़ा खटक रहा है।

यूँ कह सकतें है क्या?

यक़ीन कैसे करूँ बे-वफ़ा की बातों पर

मैं उसके दिल में हूँ तो चीर कर दिखाए भी   

मार्गदर्शन करें सादर!!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Chetan Prakash posted blog posts
5 hours ago
Chetan Prakash updated their profile
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)

1222-1222-1222-1222निगलते  भी  नहीं  बनता  उगलते  भी  नहीं  बनता हुई  उनसे  ख़ता  ऐसी   सँभलते  भी …See More
10 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

आहट पर दोहा त्रयी :

आहट पर दोहा त्रयी :हर आहट में आस है, हर आहट विश्वास।हर आहट की ओट में, जीवित अतृप्त प्यास।।आहट में…See More
10 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए मशकूर हूँ,…"
11 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post ग़ज़ल 2122 1212 22
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर ' साहब आदाब आपका बहुत बहुत शुक्रिया आपने 'मुआहिदा ' से…"
22 hours ago
Chetan Prakash commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"अच्छी ग़ज़ल हुई, 'अमीर' साहब, बधाई ! हाँ, मतला, आपका अतिरिक्त ध्यान माँगता लगता है, शायद,…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद, सुख़न नवाज़ी, हौसला अफ़ज़ाई और तनक़ीद के लिए बेहद…"
yesterday
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post दरवाजा (लघुकथा)
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी हौसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।जी सही कहा आपने। आगे से ध्यान…"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Rachna Bhatia's blog post दरवाजा (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय रचना भाटिया जी।बहुत सुंदर संदेश प्रद लघुकथा।आपकी लघुकथा का प्रथम वाक्य दो…"
yesterday
Saarthi Baidyanath updated their profile
yesterday
Rachna Bhatia commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"आदरणीय अमीरुद्दीन'अमीर'जी आदाब। बेहतरीन ग़ज़ल हुई।बधाई। आदरणीय दूसरे शे'र में…"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service