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दीपोत्सव हम मना रहे

जगमग जग ये हो सारा

ज्ञान का ऐसा दीप जलायें

अज्ञान दूर हो जग से सारा

सौहार्द प्रेम का हो प्रसार

वसुधैव कुटुम्बकम का सच हो नारा

दीपक ऐसा एक जलायें

फैले प्रेम का उजियारा

(मौलिक/अप्रकाशित)

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Comment by Veena Gupta on November 20, 2020 at 7:34am

कबीर जी,धन्यवाद आपका,रचना पढ़ने का आभार

Comment by Samar kabeer on November 18, 2020 at 6:59pm

मुहतरमा वीना गुप्ता जी आदाब, रचना पर बधाई, दीपावली की शुभकामनाएँ ।

Comment by Veena Gupta on November 15, 2020 at 11:18am

धन्यवाद धामी जी,आभार आपका .दीपावली आप के लिए भी मंगलमयहो

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 14, 2020 at 10:55am

आ. वीना जी, सादर अभिवादन ।  दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँँ व रचना पर बधाई।

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