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दीपावली लो आ गई है, शोभते सुन्दर दिये।
श्रीराम का जयपर्व ये है, भाग्य पाने के लिये॥
सोहें निलय जगमग बड़े ही, दिव्य सारे चित हुए।
लक्ष्मी-गजानन को सभी ही, पूजके हर्षित हुए॥

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Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on November 16, 2012 at 1:28pm

आपका हार्दिक आभार आदरणीय रक्ताले सर 

Comment by Ashok Kumar Raktale on November 15, 2012 at 7:51am

सुन्दर छंद आद. गौरव जी हार्दिक बधाई.

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on November 12, 2012 at 9:12pm
सादर प्रणाम आदरणीय फूल सिंह जी। आपका हार्दिक आभार। आपको भी सपरिवार दीपावली की शुभकामनाएँ।
Comment by PHOOL SINGH on November 12, 2012 at 1:05pm

कुमार जी प्रणाम.......

सुंदर अतिसुंदर रचना......"सपरिवार सहित आपको शुभ दीपावली"

फूल सिंह

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