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“थाम अंगुली जो चलाये वो पिता होता है”

“थाम अंगुली जो चलाये वो पिता होता है”

ये पंक्ति तो है हमारी। अब आप इसमें तीन पंक्तियाँ और जोड़ कर चार पंक्तियों का एक मुक्तक बना दीजिये। जिन कवि मित्रों की चार लाइन की रचना हमें पसंद आयेगी, हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका “प्रयास” के जून अंक (पिता विशेषांक) में प्रकाशित की जायेंगी। आप अपनी रचना www.vishvahindisansthan.com पर पोस्ट कर सकते हैं या prayaspatrika@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं या फ़ेसबुक में ही मैसेज कर सकते हैं। पर शर्त मत भूलियेगा, हमारी पंक्ति आपकी चार लाइन की रचना में जरूर आनी चाहिये। प्रो. सरन घई, संपादक – “प्रयास”

नोट: “प्रयास” के मई अंक (माँ विशेषांक) को विश्वभर के असंख्य कवि मित्रों ने पसंद किया, धन्यवाद।

आगामी अंक के लिये सूचना: ज्ञात हो कि “प्रयास” का जून अंक “पिता” विशेषांक है। सभी कवि मित्रों से अनुरोध है कि वे अपनी रचनाएँ “पिता” शीर्षक तले प्रकाशन हेतु प्रेषित करें तो हमें आशा है हम सब मिलजुल कर विश्व भर के पिताओं को एक यादगार उपहार दे पायेंगे। रचनाएँ भेजने की अंतिम तिथि: ८ जून, २०१३. प्रयास पढ़ने के लिये लिंक: www.vishvahindisansthan.com/prayas4

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Comment by वीनस केसरी on June 4, 2013 at 9:13pm

sundar "pryaas" 

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