For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"यार मैं एक लड़की से प्यार करता हूँ "-सुजीत ने अपने दोस्त विपिन से कहा |

"प्यार, यार आजकल तो प्यार का ज़माना कहाँ हैं,बस मजे ले और उसे छोड़ दे"-विपिन ने उसे समझाते हुए कहा | 

"पर ,यार  मैं उस से प्यार करता हूँ,मैं किसी के साथ धोका नही कर सकता हूँ "-सुजीत ने उदास होते हुए कहा | विपिन -"यार  इसी में तो मजा है ,खैर कौन है वो लड़की मैं भी तो जानूँ "

सुजीत-"तेरी बहन ,यार "

इतना सुन कर विपिन कुछ न बोल सका | उसे एक बड़ी सीख मिल चुकी थी |

"मौलिक व अप्रकाशित "

 

Views: 365

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 30, 2014 at 4:37pm

सुंदर सीख देती  लघु कथा हुई  है | शब्द "धोका" अखर रहा है  | धोखा करले 

Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 8:46pm
khaaaamoooosh! कर दिया आपने तो भाई बहुत गज़ब ।
Comment by Hari Prakash Dubey on November 27, 2014 at 5:44pm

हार्दिक बधाई महर्षि त्रिपाठी जी,कम शब्दों में अच्छी रचना !

Comment by maharshi tripathi on November 27, 2014 at 4:53pm

मेरी कोशिश पर आप सभी के आशीर्वाद  पर  , आभार प्रकट करता हूँ| 

Comment by maharshi tripathi on November 27, 2014 at 4:52pm

आदरणीय प्रभाकर जी ,आपका स्नेह यूँ ही मिलता  रहा तो आगे जरूर अच्छा लिखेंगे |


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on November 27, 2014 at 12:43pm

बढ़िया लघुकथा है भाई महर्षि त्रिपाठी जी, लेकिन थोड़ी  कसावट मांग रही है। बहरहाल, इस सद्प्रयास पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकारें।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 27, 2014 at 10:53am

अच्छी सीख मिली जब आसमान सर पे गिरा तो ...बढ़िया लघु कथा ..बहुत बहुत बधाई 

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on November 26, 2014 at 10:27pm

सीख देती हुई लघुकथा सही नाम रक्खा आपने!

Comment by maharshi tripathi on November 26, 2014 at 10:09pm

सम्मान के लिए शुक्रिया ,,,"बागी " जी |


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on November 26, 2014 at 10:03pm

इस प्रयास पर बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"हे प्रभु ये कैसी परीक्षा ले रहे हो योगराज जी की।हृदय विदारक सूचना है।विनम्र श्रद्धाजंलि।इस दुखद घड़ी…"
36 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' left a comment for Aazi Tamaam
"आ. भाई आज़ी तमाम जी, सादर अभिवादन । मेरी गजलें आपको अच्छी लगीं यह हर्ष का विषय है । आपके इस स्नेह के…"
53 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बेहद दुखद, कुछ कहते नहीं बन रहा। ईश्वर परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दे। ऊँ शांति।"
58 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post दौड़ पड़ा याद का तौसन कोई----ग़ज़ल
"आ. भाई पंकज जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई । "
1 hour ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"शोक संदेश - आदरणीय योगराज प्रभाकर जी की धर्मपत्नी श्रीमती ऊषा प्रभाकर जी के आकस्मिक देहावसन का हृदय…"
1 hour ago
विनय कुमार replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बेहद दुखद खबर है, विनम्र श्रद्धांजलि"
3 hours ago
VIRENDER VEER MEHTA replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत ही दु:खद. . .  ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणो में स्थान दे, और  परिवार को यह…"
4 hours ago
Aazi Tamaam left a comment for लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"मुसाफिर सर प्रणाम स्वीकार करें आपकी ग़ज़लें दिल छू लेती हैं"
5 hours ago
vijay nikore replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"प्रिय भाई योगराज जी, बहुत अफ़सोस है, मन दुखी है। भगवान जी आपको शक्ति दें। आपके परिवार के लिए…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत ही दुखद समाचार है । ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीकमलों में स्थान व परिवार को यह आघात सहने की…"
7 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post दौड़ पड़ा याद का तौसन कोई----ग़ज़ल
"क्षमा निवेदन के साथ.......बहुत दिनों बाद ओबीओ पर हूँ, नए लोगों को ध्यान में रखलन के कारण गलती…"
13 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ॐ शांति शांति शांति। बहुत दुःखद समाचार सुनने को मिले हैं। असहनीय। "
14 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service