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हर दिल से स्वागत वंदन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
भारत की आँखों का तारा
जन जन का यह राजदुलारा
वीर पुत्र यह कुलनन्दन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
सिंह गर्जना करने वाला
भारत का वन्दा मतवाला
कण कण का प्यारा कुंदन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
खेद खेद दुश्मन को मारा
सीने पर चढ़कर ललकारा
मातृभूमि का यह चन्दन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll

डॉ. छोटेलाल सिंह

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on March 5, 2019 at 6:37am

परमादरणीय समर साहब जी उत्साह वर्धन के लिए आपका बहुत बहुत आभार

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on March 5, 2019 at 6:35am

आदरणीय बृजेश कुमार ब्रज जी दिल से शुक्रिया

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on March 5, 2019 at 6:31am

आदरणीय हरिओम श्रीवास्तव जी उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत आभार 

Comment by Hariom Shrivastava on March 4, 2019 at 11:00pm

वाह,वाहहह,अतिसुंदर प्रस्तुति

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 4, 2019 at 11:57am

बढ़िया रचना आदरणीय डा. साहब..

Comment by Samar kabeer on March 2, 2019 at 12:14pm

जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on March 1, 2019 at 5:57pm
आदरणीय धामी साहब उत्साह वर्धन के लिए दिल से आभार
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 1, 2019 at 3:45pm

आ. भाई छोटेलाल जी, संदर्भगत सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई।

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