For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वेदना ...

अंतस से प्रस्फुरित हो
अधर तीर पर
ठहर गए कुछ शब्द
मौन के आवरण को
भेदने के लिए
अंतस के उजास पर
तिमिर का अट्हास
मानो वेदना का चरम हो
स्पर्शों की आँधी
निर्ग्रंथ देह पर
बिखरी अनुभूतियों के
प्रतिबिम्ब अलंकृत कर गई
रश्मियाँ अचंभित थी
निर्ग्रंथ देह पर
अनुभूतियों के
विप्रलंभ शृंगार को देखकर
क्या यही है प्रेम चरम की परिणीति
तृषा और तृप्ति के संघर्ष का अंत
नैनों तटों पर तैरती
अव्यक्त वेदना की
मौन वीचियाँ

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 86

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on April 24, 2019 at 6:04pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब , ... सृजन के भावों आत्मीय प्रशंसा से अलंकृत करने का दिल से आभार।

Comment by Samar kabeer on April 23, 2019 at 2:55pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sushil Sarna on April 19, 2019 at 8:11pm

आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 19, 2019 at 3:41pm

बेहतरीन शब्दों को बड़े ही सलीके से पिरोया है कविता में..वाह

Comment by Sushil Sarna on April 18, 2019 at 3:00pm

आदरणीय डॉ गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी सादर प्रणाम .... सृजन पर आपकी आत्मीय आशीर्वाद का दिल की असीम गहराईयों से हार्दिक आभार।

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on April 18, 2019 at 1:26pm

सरना जी , हमेशा की तरह अद्भुत i 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post मातृभाषा हिन्दी
""दृढ़ संकल्प सौंह ले मन में,हम अधिकार दिलाएंगे" उचित लगे तो यूँ कर लें ।"
1 hour ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय बसंत शर्मा जी।"
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post क्षणिकाएं —डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय निकोर जी , बहुत अच्छा लगा रचना पर आपकी उपस्तिति से, आपकी उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए…"
2 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post क्षणिकाएं —डॉo विजय शंकर
"आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , आपकी सादर उपस्थिति एवं उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए ह्रदय से आभार।…"
2 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post मेरे सवाल ... अतुकांत कविता
"आदरणीय सुश्री उषा जी , सुन्दर एवं आकर्षक प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

नज़रिया - लघुकथा ---

नज़रिया - लघुकथा ---अमर अपने सहपाठी के साथ घर से लगे लॉन में क्रिकेट खेल रहा था। उसके मित्र को प्यास…See More
3 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Manan Kumar singh's blog post गजल
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी सादर नमस्कार बधाई हो आपको बढ़िया ग़ज़ल की"
14 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नए ख्वाब दिखाने वाला - ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर जी सादर नमस्कार, आपकी ग़ज़ल पर उपस्थिति से मन प्रसन्न हुआ। सादर नमन आपको इसी तरह…"
14 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नए ख्वाब दिखाने वाला - ग़ज़ल
"आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर नमस्कार आपकी हौसलाफजाई को सादर नमन"
14 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post मेरे सवाल ... अतुकांत कविता
"आदरणीय सुश्री उषा जी , सुन्दर एवं आकर्षक उपस्थिति के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
14 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post मातृभाषा हिन्दी
"परमादरणीय गुरुदेव सादर अभिवादन आपके अनमोल उत्साह वर्धन से मन आह्लादित हुआ आपका दिल से आभार,इस…"
15 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल
"जी जनाब समर जी,नमस्ते।आपका बहुत बहुत शुक्रिया।"
15 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service