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मर्म .....

कितनी पहेलियाँ हैं
हथेलियों की
इन चंद रेखाओं में
पढ़ते हैं
लोग इनमें
जीवन की लम्बाई
साँसों की गिनती
भौतिक सुख सुविधा
दाम्पत्य सुख
औलाद
सब कुछ पढ़ते है
नहीं पढ़ते
तो
प्राण बिंदु का मर्म

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by narendrasinh chauhan on June 1, 2019 at 6:10pm

KHUB SUNDAR SIR.

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