For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग्राहक फ्रेंडली(लघुकथा)

बैंक ने रेहन रखी संपत्तियों की नीलामी की सूचना छपवाई।साथ में फोन पर बात करती किसी लड़की की भी फोटो छप गई। बैंक वाले खुश थे कि इससे नीलामी प्रक्रिया का प्रचार प्रसार होगा,मुफ्त में ।उधर फोटो वाली लड़की आग - बबूला हो रही थी  --
' भला ऐसा कैसे कर सकते हैं ये बैंक वाले?'
' कर चुके,' दूसरे ग्राहक ने आं खें मटकाई।
' अरे मैं तो इस ऑफिस में कल पैसे जमा कराने आई थी,जब ये बैंक वाले अपने नोटिस बोर्ड की फोटो ले रहे थे...करम..ज ...ले सब।'
' और संपत्ति विवरण में आपकी भी फोटो आ गई?'
' और क्या?..…. ये सब नासपीटे ऐसे ही हैं।मैंने सोचा किसी भले काम के प्रचार की खातिर इसकी फोटो अख़बार में लगी है।' काकी गुर्राई।
' और मैं तो दंग रह गई, कि मुझसे बिना पूछे मेरी फोटो छपी कैसे,' लड़की उखड़ गई।
' नोटिस बोर्ड की फोटू के साथ तुम्हारी भी आ गई होगी,गलती से,' किसी तीसरे ग्राहक ने ज्ञान बघाड़ा।
' ऐसी गलती हो ही क्यूं?' लड़की चिग्घाड़ी।
' ग्राहक - फ्रेंडली कार्य है',दूसरे ग्राहकों ने चुटकी ली।
लड़की आंखें तरेड़ती रह गई।
उधर बैंक मैनेजर सबकी नजर बचाकर निकल गया।
 'मौलिक व अप्रकाशित '

Views: 83

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on February 27, 2020 at 2:08pm

आपका आभार आदरणीय समर जी। 

Comment by Samar kabeer on January 28, 2020 at 2:37pm

जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Manan Kumar singh on January 21, 2020 at 2:53pm

शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण जी।

Comment by Manan Kumar singh on January 21, 2020 at 2:52pm

आभार आदरणीय सुरेन्द्र जी।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 21, 2020 at 6:51am

आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on January 20, 2020 at 4:23pm

आद0 मनन कुमार सिंह जी सादर अभिवादन। बढ़िया व्यंग्यात्मक लघुकथा पर आपको बधाई निवेदित करता हूँ

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की सालगिरह का तुहफ़ा"
"आदरणीय समर कबीर साहेब एवं समस्त एडमिन्स को बहुत बहुत बधाई | निःसन्देह  ओ बी ओ नए लोगों के…"
7 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
8 hours ago
Salik Ganvir posted a blog post

एक ग़ज़ल

आज आंखें नम हुई तो क्या हुआरो न पाए हम कभी अर्सा हुआआपबीती क्या सुनाऊंगा उसेआज भी तो है गला बैठा…See More
10 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"आपने रचना को सराहा। आपके स्नेह के लिए अंतस्थल से आभारी हूँ। सादर नमन भाई Sushil Sarna जी…"
10 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted a blog post

ग़ज़ल (अन्दाज़ ए नज़र )

रौशनी दिल में नहीं हो तो ख़तर बनता है,आग सीने में लगी  हो तो शरर  बनता है।जिसको ढाला न गया हो किसी…See More
11 hours ago
Sushil Sarna commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"वाह क्या शे'र है सर..... गज़ब की अदायगी है। .... खूबसूरत अहसासों के खूबसूरत अशआर ... दिल से…"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post मृदु-भाव
"बहुत सुंदर आदरणीय विजय निकोर जी, अंतर् भावों को शब्दों के परिधान से सुसज्जित कर उसे ऐसे पेश करना…"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"आदरणीय rajesh kumari  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। "
14 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"बहुत सुन्दर मौलिक दोहे एक सार्थक संदेश देते हुए । हार्दिक बधाई आदरणीय "
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"अपने ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(शोर हवाओं....)
"आभार आदरणीय।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service