आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130विषय : विषय मुक्तअवधि : 30-01-2026 से 31-01-2026.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 187 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है |इस बार का मिसरा आज के दौर के मशहूर शायर जनाब इरफ़ान सिद्दीक़ी साहब की ग़ज़ल से लिया गया है।तरही मिसरा है:“अस्ल जंजीर तो सामान-ए-सफ़र है साईं”बह्र 2122, 1122, 1122, 112/22अर्थात् फ़ायलातुन्, फ़ियलातुन् फ़ियलातुन्, फ़यलुन् है।रदीफ़ है…
आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है : "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182 विषय : "आरंभ और अंत" आयोजन 17 जनवरी 2026, दिन शनिवार से…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-129विषय : विषय मुक्तअवधि : 30-12-2025 से 31-12-2025.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 186 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा आज के दौर के मशहूर शायर सलीम सिद्दीक़ी साहब की ग़ज़ल से लिया गया है।तरही मिसरा है:“दर्द कम है मगर मिटा तो नहीं”बह्र 2122, 1212, 112अर्थात्फ़ायलातुन्, मफ़ायलुन्, फ़यलुन् है।रदीफ़ है “तो नहीं” और क़ाफ़िया है ‘आ’ का…
आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है : "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-181 विषय : "क्या खोया और क्या पाया" आयोजन 13 दिसंबर…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-128विषय : विषय मुक्तअवधि : 29-11-2025 से 30-11-2025.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
परम आत्मीय स्वजन, ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 185 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा इस दौर के मशहूर शायर तहज़ीब हाफ़ी साहब की ग़ज़ल से लिया गया है। तरही मिसरा है: “तुम्हें कुछ बारिशों से याद आया” बह्र 1222 1222 122 मफ़ाईलुन्, मफ़ाईलुन्, फ़ऊलुन् है। रदीफ़ है “से याद आया”और क़ाफ़िया…
आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है : "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-180 विषय : "वो भी क्या दिन थे" आयोजन 15 नवंबर 2025, दिन…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-127विषय : विषय मुक्तअवधि : 30-10-2025 से 31-10-2025.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…