प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी अवगत हैं कि ओ बी ओ वर्ष 2010 से अनवरत चलते हुए 16 वर्ष से अधिक समय व्यतीत कर चुका है, जो प्रारंभ होता है उसका कभी न कभी अंत भी होता है. बहुत ही दुःख और कष्ट के साथ अब ओबीओ को बंद करने का निर्णय लेना पड़…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133विषय : विषय मुक्तअवधि : 29-04-2026 से 30-04-2026.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर अज़हर नवाज़ साहब की ग़ज़ल से लिया गया है। तरही मिसरा है: “मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए” बह्र 2122, 1122, 1122, 112/22अर्थात् फ़ायलातुन्, फ़ियलातुन्, फ़ियलातुन्, फ़यलुन् है। रदीफ़ है “के लिए”…
आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है :"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185विषय : "प्रारंभ"आयोजन 11 अप्रैल 2026, दिन शनिवार से 12 अप्रैल…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132विषय : विषय मुक्तअवधि : 25-03-2026 से 31-03-2026.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 189 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा मशहूर शायर अहमद फ़राज़ साहब की ग़ज़ल से लिया गया है। तरही मिसरा है: “अब ज़माना नहीं कि तुझ से कहें” बह्र 2122, 1212, 112/22 अर्थात् फ़ायलातुन्, मफ़ायलुन्, फ़यलुन् है। रदीफ़ है “नहीं कि तुझ से कहें” और क़ाफ़िया है…
आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है :"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184विषय : "सत्य की जीत"आयोजन 25 मार्च 2026, दिन बुधवार से 31…
साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही है । विगत दिनों एक अनौपचारिक बातचीत के क्रम में आदरणीय तिलक राज कपूर जी का सुझाव आया कि क्यों न सभी चारों लाइव आयोजनों को माह के प्रथम सप्ताह में लगा दी जाय और एक साथ पूरे माह के लिए लाइव कर दिया जाय,…
आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131विषय : विषय मुक्तअवधि : 27-02-2026 से 28-02-2026.अति आवश्यक सूचना:-1. सदस्यगण आयोजन अवधि के दौरान अपनी केवल एक लघुकथा पोस्ट कर सकते हैं।2. रचनाकारों से निवेदन है कि…
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 188 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है। बार का मिसरा मरहूम शायर जौन एलिया साहब की ग़ज़ल से लिया गया है।तरही मिसरा है:“आदमी आदमी को भूल गया”बह्र 2122, 1212, 112/22 अर्थात् फ़ायलातुन्, मफ़ायलुन्, फ़यलुन् है। रदीफ़ है “को भूल गया” और क़ाफ़िया है ‘ई’ का स्वर क़ाफ़िया के…