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बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

आग में जलना नहीं आया.- ग़ज़ल

 मापनी १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ कभी रुकना नहीं आया कभी चलना नहीं आया. हमें हर एक साँचें में कभी ढलना…See More
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बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आग में जलना नहीं आया.- ग़ज़ल
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' जी सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई से अभिभूत हूँ , आपने…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post पनघट के दोहे- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । आपको दोहे अच्छे लगे यह मेरे लिए हर्ष का विषय है । उपस्थिति और…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सेज पर बिछने को होते फूल जैसे पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन । आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धन से लेखन सफल हुआ । इसके लिए हार्दिक…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post पनघट के दोहे- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी आदाब, पनघट पर बढ़िया दोहे हुए हैं बधाई स्वीकार करें। सादर। "
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सेज पर बिछने को होते फूल जैसे पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /दूध लस्सी …"
6 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल- रोज़ सितम वो ढाते देखो हम बेबस बेचारों पर
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी, इस लाजवाब ग़ज़ल पर दाद और बधाई क़ुबूल…"
6 hours ago
PHOOL SINGH posted a blog post

बेगम हज़रत महल

बेगम हज़रत महल भारतवर्ष की आज़ादी में कई सारे क्रांतिकारी वीर-वीरांगनाओं ने अपना पूरा योगदान दिया |…See More
7 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post महब्बतों में मज़ा भी नहीं रहा अब तो (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, ग़ज़ल को अपना क़ीमती वक़्त देने के लिए आपका हार्दिक आभार।…"
7 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post महब्बतों में मज़ा भी नहीं रहा अब तो (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, ग़ज़ल तक आने के लिए और प्रोत्साहित करने के लिए आपका…"
7 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post महब्बतों में मज़ा भी नहीं रहा अब तो (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' साहिब, आपकी भरपूर दाद-ओ-तहसीन और हौसला-अफ़ज़ाई के…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

पनघट के दोहे- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

पनघट पोखर बावड़ी, बरगद पीपल पेड़उनकी बातें कर न अब, बूढ़े मन को छेड़।१।**जिस पनघट व्याकुल कभी, बैठे थे…See More
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