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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (5,004)

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"आदरणीय मनन कुमार जी गागर में सागर की तरह इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया  राजेशजी दोहा गीत की शुरुवात ही इतनी अच्छी और लय बद्ध हुई है तो मध्य और अंत…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेशजी शुरुवात ही इतनी अच्छी और लय बद्ध हुई है तो मध्य और अंत तो शुभ होना ह…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेशजी शुरुवात ही इतनी अच्छी और लय बद्ध हुई है तो मध्य और अंत तो शुभ होना ह…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रिय गिरिराज सही कहा प्रकृति वातावरण धरती आकाश ब्रह्मांड जो नाम देना चाहे सामान्य म…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रथम प्रस्तुति .................   बड़े चतुर  बनते हो मानव, कहाँ गई, तेरी  चतुराई।  …"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य कार्यकारिणी

"आदरणीय मिथिलेश भाईजी महोत्सव के सफल आयोजन और संकलन के लिए बधाइयाँ शुभकामनायें "

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 15, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67 की स्वीकृत रचनाओं का संकलन

19 Jan 25, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सही जानकारी के लिए धन्यवाद , वैसे मान्यताओं का भी महत्व है। जैसे सखि सखी न ना या और…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 14, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67

620 May 15, 2016
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय गोपाल भाईजी प्रशंसा के लिए हृदय से  धन्यवाद आभार।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 14, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67

620 May 15, 2016
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय योगराज भाईजी दोहे को मान देने और प्रशंसा के लिए हृदय से  धन्यवाद आभार।आपकी टि…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 14, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-67

620 May 15, 2016
Reply by Samar kabeer

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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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