For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (5,004)

Discussions Replied To (2641) Replies Latest Activity

"आदरणीय पंकज भाई विषय पर सुंदर प्रस्तुति हार्दिक बधाई। कुछ प्रयास से गेयता और अच्छी ह…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेशजी दादा दादी नाना नानी, कौन पढाये नैतिक ज्ञान मैं औ मेरे मम्मी पापा ,या…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय तस्दीक़ भाई - इतना न आस्तीनों को अपनी चढ़ाइये / ख़ंजर दिखाई देने लगा है छुपाइये…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर कबीर भाई छन्न पकैया छन्न पकैया,उपमा दी कुछ ऐसी उसकी बातों में होती है,तेज़…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"खंजर   खंजर करे न शोरगुल, सस्ते इनके दाम। गुन्डे गृहणी औ’ सभी, लेते इनसे काम॥   खंजर…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मेरी विनम्र श्रद्धांजलि"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 6, 2016 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"आदरणीय योगराज भाईजी नाम लघु है पर कथा को वास्तव में लघु कथा बनाने के लिए हमें विशेषक…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Jan 4, 2016 to लघुकथा में कालखंड दोष

28 Feb 8, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ भाईजी संशोधित रचना में पुनः संशोधन का अनुरोध कर रहा हूँ। तीसरे दोहे में…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Dec 16, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक- 62 की समस्त संकलित रचनाएँ

31 Dec 18, 2015
Reply by सीमा शर्मा मेरठी

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय योगराज भाईजी आल्हा छंद पर आपकी उत्साहवर्धक छंद बद्ध टिप्पणी और आ. सौरभ भाईजी…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Dec 15, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक- 62 की समस्त संकलित रचनाएँ

31 Dec 18, 2015
Reply by सीमा शर्मा मेरठी

"आदरणीय पंकज भाई परिवर्तन का कीर्तन करना, बेमतलब है पहल बिना।बदलावों की माला जपना, बे…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service