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kanta roy's Discussions (2,219)

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"आदरणीय गिरीराज भंडारी जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका कविता को पसंद करने के लिए । आपसे मै…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"पुरानी कहानी नानी का गाँव , आम की अमराई पीपल का छाँव , गाँव की दुआरी दालान से खलिहान…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"हमें कहाँ छुट्टियाँ गर्मियों की , सर्दियों की   हम भी अगर आपकी तरह छुट्टियाँ बितायें…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"बचपन के दिन जाने कहाँ खो गये ......... बहुत ही भाव से भरे है ये बचपन के दिन ..... वा…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"खुली स्मृतियों की गठरी ...... बहुत ही प्रभावी प्रस्तुति है गर्मियों की बेला में ये ग…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"जब आएगा वक्त बिदा का, प्यार और बढ़ जाएगा। माँ नानी की भीगी पलकें, देख मौन हो जायेंगे.…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"वाह !!! गर्मियों की छुट्टी और मस्ती के संग.. ढेर सारी प्रोजेक्ट तले दबकर भी आजाद पखे…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आप सभी ओबीओ प्रबंधक और ओबीओ परिवार को शुभ कामनाएँ"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"गर्मी की छुट्टी ( कविता ) ताप तपिश से पिघल रही हूँ नयनों में जलधार लिए निर्झर - सा…"

kanta roy replied Jun 12, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-56

338 Jun 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"वाह !!! बहुत ही बढिया है यह तो .... हमें भी इंतजार रहेगा अब श्रेष्ठ रचनाओं को सम्मान…"

kanta roy replied Jun 11, 2015 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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