For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's Discussions (190)

Discussions Replied To (190) Replies Latest Activity

"बहुत शुक्रिया शेख साहब। आपकी सलाह सर आँखों पर। शीर्षक का उचित नाम सुझाएँ। "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Jul 30, 2020 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-64 (विषय: प्रयास)

149 Jul 31, 2020
Reply by Barkha Shukla

"सुन्दर रचना , एक प्रयास । "हिन्दी को राज्य भाषा नहीं राष्ट्र भाषा बनाने के समर्थन की…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Jul 30, 2020 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-64 (विषय: प्रयास)

149 Jul 31, 2020
Reply by Barkha Shukla

"माँ के आँसू (लघुकथा) डॉ रोहित के रेहबीटेशन सेंटर में जैसे ही ड्रग एडिक्ट्स उमेश के…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Jul 30, 2020 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-64 (विषय: प्रयास)

149 Jul 31, 2020
Reply by Barkha Shukla

"अंतरद्वन्द(लघुकथा)(विषय - जागृति पर आधारित) आहिस्ता-आहिस्ता उसका खौफ बढ़ता जा रहा था।…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Mar 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-48 (विषय: जागृति)

137 Mar 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आ महेन्द्र जी, सादर आभार आपकी उपस्थिति के लिए। आपके निर्देशन के अनुसार अंत के बारे म…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत शुक्रिया शेख साहब। आपकी सलाह का भी शुक्रिया। "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"सादर धन्यवाद आपका, लघुकथा के मर्म को समझने के लिए। "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"सादर आभार आपका, आपकी सलाह का स्वागत है। "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आपने इस लघुकथा में कथ्य को एक नए समीकरण देकर प्रस्तुत किया है। प्यार में इतनी ताकत ह…"

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

" सुन्दर रचना बधाई।  "

MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI replied Dec 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)

107 Dec 31, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service