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जितेन्द्र पस्टारिया's Discussions (963)

Discussions Replied To (887) Replies Latest Activity

"नदी से मिलके समंदर भी हो गया मीठा ये सोहबत के असर के सिवा कुछ और नहीं..............व…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत खुबसूरत गजल आदरणीय लक्ष्मण जी, हर एक शेर बहुत खूब हुआ तलब तो  है कि  कभी  प्या…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मंगाओ केक, जली मोमबत्तियां फूको , ये जश्न -ए- घटती उमर के सिवा कुछ और नहीं.......हा…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"दुखा के गाँव का दिल चल दिये मिला लेकिन, दिलों से तंग शहर के सिवा कुछ और नहीं.......स…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह! बेहतरीन गजल आदरणीय शिज्जू जी यहाँ तो दिल भी बदल जाते हैं मुकाम के साथ ये वक्त…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आपकी गजलों का एक अलग ही अंदाज, यह शेर तो दिल को छू गये न मंज़िलें , न मराहिल , न रोश…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"तमाम उम्र समेटा जिसे समझ अपना पता चला कि सिफ़र के सिवा कुछ और नहीं............बहुत ब…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"फँसा जो एक दफा फिर न आ सका बाहर ये लोभ एक भँवर के सिवा कुछ और नहीं..........बहुत सु…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"विवाह की वर्षगांठ पर आपको सपरिवार ढेरों शुभकामनाएं आदरणीय गणेश जी सादर!"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 17, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"बहुत सुंदर रचना आदरणीय नादिर साहब, बधाई आपको"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jun 15, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
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