For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जितेन्द्र पस्टारिया's Discussions (963)

Discussions Replied To (887) Replies Latest Activity

"माँ के आँचल की मुझे छाँव मिले गर फिर से इक खिलौने के लिए फिर मैं मचल जाऊँगा.........…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"तू है परवाना अगर तो मैं शमा तेरी हूँ तू जला प्यार में तो मैं भी पिघल जाऊँगी.........…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"खुबसूरत गजल ,दिली दाद कुबूल कीजिये आदरणीय तिलक राज जी क्यूँ डराते हैं भला आप मुझे गर…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत सुंदर गजल आदरणीय शिज्जू जी, यह शेर दिल को छू गया एक पत्थर ही सही गौर से देखो इ…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आपके दिल की मैं तासीर बदल जाऊँगा मैं उजाला हूँ अँधेरे को निगल जाऊँगा............वाह…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत बढ़िया गजल आदरणीया वंदना जी, बधाई स्वीकारें"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मैं तेरी बज़्म में कब तक रहूँ रुस्वा होकर, तू जो कह देगा तो महफिल से निकल जाऊँगा.....…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत खुबसूरत गजल आदरणीय नादिर साहब , दाद कुबूल कीजियेगा"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मेरे हाथों की लकीरें भी यही कहती है ,ठोकरें खा के मोहब्ब्त में संभल जाउंगा। बहुत अच…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"हसरतें क़ैद में रखने से न पूरी होंगी मै हवा बन के कहीं से भी निकल जाउंगा......क्या बा…"

जितेन्द्र पस्टारिया replied Jan 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-43

720 Jan 27, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
12 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service