For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ashish shrivastava's Discussions (98)

Discussions Replied To (98) Replies Latest Activity

"आदरणीय , सुंदर ग़ज़ल हुई । बधाई ! शे'र 2 का सानी मिस्रा सुधार की अपेक्षा रखता है । महक…"

Ashish shrivastava replied Jan 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"आदरणीय 'मुसाफ़िर' जी , बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हूँ आपका ।"

Ashish shrivastava replied Jan 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"जी , मुहतरम सही कह रहे हैं आप । वस्तुतः वहाँ कोई ऑप्शन नहीं सूझा । ग़ज़ल पर टिप्पणी का…"

Ashish shrivastava replied Jan 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"आदरणीय आरिफ़ भाई , बेहद शुक्रिया ग़ज़ल की सराहना के लिये ।"

Ashish shrivastava replied Jan 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"उनसे वफ़ा का यारों पैमान हो न जाए , जीने का कोई पैदा इम्कान हो न जाए । लेने से पहले…"

Ashish shrivastava replied Jan 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"आदरणीया , बहुत ख़ूब ! वाह ! वाह !"

Ashish shrivastava replied Jan 26, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"आदरणीय रवि शुक्ला जी , बढ़िया ग़ज़ल है । मुबारकबाद !"

Ashish shrivastava replied Jan 26, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"बहुत ख़ूब , आदरणीय तन्हा जी । बधाइयाँ !"

Ashish shrivastava replied Jan 26, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"बहतरीन ग़ज़ल , अफ़रोज़ भाई । मुबारकबाद ! "

Ashish shrivastava replied Jan 26, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

"आदरणीय , अच्छी है ग़ज़ल । शे'र 7 में रब्त नहीं है । शे'र 10 अर्थ स्पष्ट नहीं कर रहा है…"

Ashish shrivastava replied Jan 26, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-91

272 Jan 27, 2018
Reply by surender insan

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
3 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
8 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service