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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (5,004)

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"आदरणीया प्रतिभाजी पी आवन की आस चढ़ाती प्रेम चुनरिया में रंग पल पल आज मरुस्थल बगिया है…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"आदरणीय विजय शंकर भाईजी आपने पहले की सामाजिक व्यवस्था से होते हुए वर्तमान में प्रवेश…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"आदरणीया राजेशजी देश सुरक्षा की खातिर हम ,दुश्मन को कर देंगे ख़ाक| अपने घर के भीतर रखन…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"आपका भी स्वागत है। आदरणीय "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71 का संकलन अब तक नहीं हुआ, इस…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"सेना का साहस और देश द्रोहियों की सोच   .......................................   लड़…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Oct 14, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-72

752 Oct 16, 2016
Reply by Arpana Sharma

"आदरणीया कल्पनाजी विषय पर अच्छी प्रस्तुति, हार्दिक बधाई। थोड़े प्रयास से रचना और निखर…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सतीश भाईजी आपके अनुमोदन से लिखना सार्थक हो गया। दोहे की प्रशंसा के लिए हृदय स…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुरेश भाई कर्म पर आपके दोहे बड़े सार्थक हैं। हार्दिक बधाई मुझे जो कहना था गिरि…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया प्राचीजी हमने दान दिया मंदिर को, ढोल पीट बतलाते हैं। सीढ़ी पंखे ट्यूब लाइट मे…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मिथिलेश भाईजी आपके अनुमोदन से लिखना सार्थक हो गया। दोहे की प्रशंसा के लिए हृद…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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