For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

My Friends (1)

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rachna Bhatia commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो)
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार करें। बहुत अधिक तो नहीं जानती फ़िर भी…"
27 minutes ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- भाते हैं कम
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी, ग़ज़ल तक आने तथा सराहना करने के लिए बेहद शुक्रिय:।"
35 minutes ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- भाते हैं कम
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी, देर से जवाब देने के लिए क्षमा चाहती हूँ। ग़ज़ल तक आने तथा सराहना करने…"
36 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सिर्फ सुख में रहें सब नये वर्ष में - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई बृजेश जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद।  मपनी गलत लिख…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो)

2212 1211 2212 12जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो रुस्वाई के भंवर में तो ख़ुद जा गिरा है…See More
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

ठण्ड कड़ाके की पड़े, सरसर चले समीर।नित्य शिशिर में सूर्य का, चाहे ताप शरीर।१।*दिखे शिशिर में जो…See More
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"नववर्ष की हारिक शुभकामनाएँ .. इस छांदसिक प्रयास के लिए बधाइयाँ ! शुभकामना स्वीकारिये मेरी…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post नये साल का तुहफ़ा
"जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, सादर धन्यवाद।"
yesterday
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: आख़िरश में जिसकी खातिर सर गया
"सहृदय शुक्रिया आ ब्रज जी सब आप लोगों का मार्गदर्शन है सादर"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-दुख
"बहुत बहुत आभार आदरणीय मनोज जी...सादर"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: आख़िरश में जिसकी खातिर सर गया
"वाह बड़ी ही अच्छी ग़ज़ल कही भाई आजी...बधाई"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"बहुतख़ूब आदरणीय नीलेश जी...अच्छी ग़ज़ल कही..."
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service