For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ambarish Srivastava's Discussions (6,307)

Discussions Replied To (2745) Replies Latest Activity

"//बकवाद को बलात् प्रश्रय देना माँ सरस्वती का अतिशय अपमान होगा.// मंच की मर्यादा को ध…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आदरणीय बागी जी, इधर से भी यही दर्शाने हेतु आडियो लगाया गया था कि गायन में समस्या है…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"धन्यवाद आदरणीय लक्ष्मण जी, नील कक्षा ११ का एक छात्र है | उसकी ओर से प्रणाम स्वीकारें…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//गायन के क्रम में अक्षरों पर स्वरबलाघात देने या उसे किसी अक्षर से हटा लेने के प्रभा…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"हार्दिक स्वागत है आदरणीय बागी जी !  कृपया आदरणीय सौरभ जी से भी अनुरोध करें कि वे अपन…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"सुप्रभात आदरणीय बागी जी | आपने सत्य कहा है ! हार्दिक आभार मित्रवर | श्री नील की ओर स…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आदरणीय गणेश जी बागी जी ! बड़े अच्छे कंठ स्वर से आपने इस छंद को बहुत ही कुशलता से गाया…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"इस तरह का ........ दिखता सहयोगी, पर मन-रोगी, कामी का रंग निराला ? पशु यदि हिंसक, नर…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 23, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बहुत-बहुत बधाई मित्रवर ! आपसे इस मंच को बहुत अपेक्षाएं हैं ! सादर"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 23, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"छंद रचने की प्रक्रिया में सर्वप्रथम हम उसे उससे सम्बंधित किसी भी धुन में गाकर लिख ले…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 23, 2013 to चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-22 की सभी रचनाएँ एक साथ:

36 Jan 24, 2013
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
16 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service