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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (4,344)

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"आदरणीय सत्यनारायाण भाई प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद,आभार।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

137 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय तस्दीक भाई प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद,आभार।  "

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

137 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया राजेशजी प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद,आभार।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

137 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"भाव भरे हर शब्द हैं, अर्थ भी हैं विशेष। छंद गीत लगते मधुर, लिखते जब मिथिलेश।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

137 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय सतविन्द्र जी, चित्र हुआ साकार है, लिखते छंद विशेष। दिली बधाई आपको, देता है अख…"

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Reply by Saurabh Pandey

"मिली बधाई आपकी, दोहे लिखते सार। धन्यवाद सतविन्द्र जी, स्वीकारें आभार॥  "

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

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Reply by Saurabh Pandey

"मिली बधाई आपकी, रहा न कुछ भी शेष। धन्यवाद प्रतिभा तुम्हें, कहता है अखिलेश॥"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

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Reply by Saurabh Pandey

"मिली बधाई आपकी, भाई श्री मिथिलेश। धन्यवाद आभार भी, कहता है अखिलेश॥"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

137 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया प्रतिभाजी रहते कितने प्रेम से, गाँवों में  परिवार। छंद रचे जिस भाव से, चित्र…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

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Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया राजेशजी छंद रचे जिस भाव से, चित्र हुआ साकार। घोल दिया है दूध में, माँ दादी क…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied on Sunday to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 94

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Reply by Saurabh Pandey

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Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब दिगंबर नासवा साहब  उम्दा अशआर से मुज़य्यन  ग़ज़ल  के लिये मुबारक बाद कुबूल…"
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Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब दिगंबर नासवा जी आदाब आपने मुझ ख़ाक सार की ग़ज़ल की भरपूर पज़ीराई फरमाई बहुत शुक्रिया "
1 hour ago
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब मिर्ज़ा जावेद बेग साहब सुख़न नवाज़ी बहुत बहुत शुक्रिया "
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दिगंबर नासवा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
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दिगंबर नासवा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"सुरखाब साहब आपके शेर सच में चकते हैं सुरखाब की तरह ...  गिरह का शेर बहुत ही लाजवाब बन पड़ा है…"
1 hour ago
दिगंबर नासवा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"नमन साहब ... हर शेर कमाल है ग़ज़ल का ... दिल से दाद कबूल फरमाएं ... आखरी शेर तो दिल से मिक्ली दुआ है…"
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दिगंबर नासवा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"मटके के शेर के साथ कमाल की ग़ज़ल ... जावेद साहब दिली दाद क़ुबूल करें ... हर शेर पे वाह वाह निकलता है…"
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दिगंबर नासवा replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"वाह ... आदाब हसरत साहब ... हर शेर दिल की आवाज़ ... प्रेम की भावनाओं से लबरेज़ ...  बहुत बधाई इस…"
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