For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (4,580)

Discussions Replied To (2020) Replies Latest Activity

"आदरणीय सतविन्द्र भाई हृदय से धन्यवाद आभार।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय लक्ष्मणभाई हृदय से धन्यवाद आभार। "

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय अशोक भाईजी डोली में सवार दूल्हे को नए नजरिए से देखकर दोनो कुण्डलियों की रचना…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय सत्विन्द्रभाईजी अति सुंदर यह छंद गीत सार है,  जिसमें कोरोना की बहार है। हृदय…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीया प्रतिभाजी यह कोई टोना नहीं है बल्कि जाति विशेष की एक  रस्म है जिसमें दूल्हा…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय अशोक भाईजी, सार छंद में सारी बातें, हृदय खोल कह डाली। कोरोना के कारण अब तो, स…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"सभी पाठकों से अनुरोध ... द्वितीय छंद की अंतिम पँक्ति को इस तरह पढ़िए    दुल्हन होगी स…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय अशोक भाईजी, अपनी सहज भावना को दो छंदों पर एक कुण्डलिया में बहुत ही सुंदर और स…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"अनुरोध ... द्वितीय छंद की अंतिम पँक्ति को इस तरह पढ़िए   दुल्हन होगी साथ, रस्म हो जल्…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 17 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

"छंदोत्सव 109 के  आयोजन और संचालन की शुभकामनाएँ"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied May 16 to "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109

50 May 17
Reply by Ashok Kumar Raktale

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"प्रिय रुपम बहुत शुक्रिया ,बालक.ऐसे ही मिहनत करते रहो.बहुत ऊपर जाना है. सस्नेह"
33 minutes ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
"जनाब रूपम कुमार जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका बहुत शुक्रिय: ।"
5 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"जनाब रूपम कुमार जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका बहुत शुक्रिय: ।"
5 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

परम पावनी गंगा

चन्द्रलोक की सारी सुषमा, आज लुप्त हो जाती है। लोल लहर की सुरम्य आभा, कचरों में खो जाती है चाँदी…See More
5 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
"दर्द बढ़ता ही जा रहा है,"समर" कैसी देकर दवा गया है मुझे  क्या शेर कह दिया साहब आपने…"
6 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"समर कबीर साहब आपकी ग़ज़ल पढ़ के दिल खुश हो गया मुबारकबाद देता हूँ इस बालक की बधाई स्वीकार करे !!! :)"
6 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted a blog post

ये ग़म ताजा नहीं करना है मुझको

१२२२/१२२२/१२२ ये ग़म ताज़ा नहीं करना है मुझको वफ़ा का नाम अब डसता है मुझको[१] मुझे वो बा-वफ़ा लगता…See More
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गंगादशहरा पर कुछ दोहे
"आ. भाई छोटेलाल जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद ।"
6 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( हम सुनाते दास्ताँ फिर ज़िन्दगी की....)
"खूब ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद हार्दिक बधाई सालिक गणवीर  सर "
6 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गंगादशहरा पर कुछ दोहे
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत बढ़िया दोहे मन प्रसन्न हो गया सादर बधाई कुबूल कीजिए"
6 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( नहीं था इतना भी सस्ता कभी मैं....)
"मुझे भी तुम अगर तिनका बनाते हवा के साथ उड़ जाता कभी मैं बनाया है मुझे सागर उसीने हुआ करता था इक…"
6 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"क्या रदीफ़ ली है सालिक गणवीर  सर आपने वाह!"
6 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service