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babita garg
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"परिवार में सम्मिलित होने पर हार्दिक स्वागत । परिवार को समृद्ध करेंगी यही आकाक्षा है ।"
Jan 4, 2018
babita garg is now a member of Open Books Online
Jan 4, 2018

Profile Information

Gender
Female
City State
faridabad
Native Place
U P
Profession
environment consultant and poetess
About me
I am passionate about environment,help the downtrodden people,writes poem mostly in hindi and runs a NGO

एक गजल
जीवन की सब उलझन दूर करे कोई
अपने मन की व्यथा चूर करे कोई

दुनिया में जो आयें है सब जायेंगे
सतकर्मो से खुद को मशहूर करे कोई

दिल की सारी बातें पूरी करना तुम
मर्जी अपनी क्यों,मजबूर करे कोई

रखवाले सरहद के चमकीले तारों से
पत्थर से उनको बेनूर करे कोई

बैठूँ खाली हाथों कितनी ही शामों तक
आशियाने को सहर नूर करे कोई
बबीता (सहर)
फरीदाबाद

Comment Wall (2 comments)

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At 8:00am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

At 8:46pm on January 4, 2018, लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' said…

परिवार में सम्मिलित होने पर हार्दिक स्वागत । परिवार को समृद्ध करेंगी यही आकाक्षा है ।

 
 
 

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