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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
10 hours ago
narendrasinh chauhan commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'जी। बेहतरीन दोहे।"
yesterday
Tasdiq Ahmed Khan commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब भाई लक्ष्मण धा मी साहिब, उम्दा दोहे हुए हैं मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'जी। बेहतरीन दोहे। जाने कैसा हो गया, इस युग में हर गाँवबोकर बीज बबूल के, ढूँढे पीपल छाँव।९।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post महाभुजंगप्रयात छंद में मेरी चतुर्थ रचना
"आ. भाई सुरेंद्र जी, सुंदर छंद हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post महाभुजंगप्रयात सवैया में मेरी पंचम रचना
"आ. भाई सुरेंद्र जी, सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुरेंद्र जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - दिल मे भगवान का डर पैदा कर
"आ. भाई नवीन जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुयी है । हार्दिक बधाई।"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। एक से बढ़कर एक बेहतरीन दोहे लिखे आपने। इन दोहों के लिए बधाई प्रेषित है।सादर"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Gajendra shrotriya's blog post इक ही दिन काफ़ी नही है - ग़ज़ल
"आ. भाई गजेंद्र जी, माँ को समर्पित सुंदर गजल के लिए हार्दिक बधाई।"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

दोहेतरुवर  देते  फूल फल, नदिया  देती  नीरमानव मानव को मगर देता नित क्यों पीर।१।ओछा मन हद तोड़ता, ओछी नदिया कूलजैसे चन्दन  से  अधिक, माथे चढ़ती धूल।२।जो बोता  है  पेड़  इक, बाँटे सबको छाँवकाटे जो वट रात दिन, जलते उसके पाँव।३।अर्थी, पूजा, प्रीत को, मिले न आगन फूलइस युग बोने सब लगे, कैक्टस कैर बबूल।४।मरने पर जिसको रही, गंगाजल की चाहउसने  गंगा  ओर  की, हर  नाले की राह।५।जहाँ पसीना नित बहे, कनक उगलती रेतकर्महीन को इस जगत, बन्जर उर्वर खेत।६।अधरों पर यदि प्यास है, चल नदिया के तीरसूखे  पनघट  बैठकर, किसे  मिला  है  नीर।७।काठ न सीला हो जहाँ, धुआँ रहित नित आगबिन काजल  की  कोठरी, किसे  लगा है दाग।८।जाने कैसा हो गया, इस युग में हर गाँवबोकर बीज बबूल के, ढूँढे पीपल छाँव।९।वीर शिवाजी  जो  नहीं, माँ  गौहर सी नार और शिवाजी को सदा, गौहर माँ का सार।१०।मौलिक/अप्रकाशितलक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई नवीन जी, बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
May 8
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"//जब  से   हुई   है  जिन्दगी  यूँ  लग्जरी बहुत'// ये मिसरा अब ठीक है,और बाक़ी के मिसरे?"
May 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-. [अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में]
"आ. भाई हरिओम जी, बहुत ही सार्थक दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई।"
May 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और मार्गदर्शन के लिए आभार। इस मिसरे की बह्र को पुनः देखिएगा जब  से   हुई   है  जिन्दगी  यूँ  लग्जरी बहुत'"
May 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post तीन मुक्तक // - सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। अति उत्तम मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई ।"
May 4
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'सजती चुनाव  में  यहाँ  जब  तस्तरी बहुत' इस मिसरे में 'तस्तरी' को "तश्तरी" कर लें । 'करते सदन में…"
May 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ....
"आ. भाई सुशील जी, सुंदर दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई।"
May 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _वो कुछ न इसके सिवा करेंगे
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई।"
May 2

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

दोहे



तरुवर  देते  फूल फल, नदिया  देती  नीर

मानव मानव को मगर देता नित क्यों पीर।१।



ओछा मन हद तोड़ता, ओछी नदिया कूल

जैसे चन्दन  से  अधिक, माथे चढ़ती धूल।२।



जो बोता  है  पेड़  इक, बाँटे सबको छाँव

काटे जो वट रात दिन, जलते उसके पाँव।३।



अर्थी, पूजा, प्रीत को, मिले न आगन फूल

इस युग बोने सब लगे, कैक्टस कैर बबूल।४।



मरने पर जिसको रही, गंगाजल की चाह

उसने  गंगा  ओर  की, हर  नाले की राह।५।



जहाँ पसीना…

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Posted on May 18, 2019 at 6:03pm — 6 Comments

सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/२२२/१२१२



सजती चुनाव  में  यहाँ  जब  तस्तरी बहुत

फिर भी बढ़े है रोज क्यों ये भुखमरी बहुत।१।



उतरा न मन का मैल जो सियासत ने भर दिया

दे कर  भी  हमने  देख  ली  है  फ़िटकरी बहुत।२।



अब खेल वो दिखाएगी उसको चुनाव में

जनता से जिसने है करी बाज़ीगरी बहुत।३। 



नेता न आया  एक  भी  सेवा  की राह पर

लोगों ने कह के देख ली खोटी खरी बहुत।४।



क्या होगा उनके राज का जनता बतायेगी

करते सदन में जो रहे गत मशखरी बहुत।५।



आता…

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Posted on April 28, 2019 at 7:04pm — 11 Comments

सीढ़ी हो उनके वास्ते कुर्सी की राह पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/ २१२१/२२२/१२१२



लेकर  शराब  साड़ियाँ  मतदान  कीजिए

फिर पाँच साल जिन्दगी हलकान कीजिए।१।



देता है जो भी सीख  ये  तुमको चुनाव में

फूलों से  ऐसे  नेता  का  सम्मान कीजिए।२।



बाँटेंगे  जात  धर्म  की  सरहद  में  खूब वो

मत खाक उनका आप ये अरमान कीजिये।३।



सीढ़ी हो उनके  वास्ते  कुर्सी  की राह पर

हर लक्ष्य उनका आप ही परवान कीजिए।४।



सेवक हैं उनको आप मत…

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Posted on April 19, 2019 at 8:04pm — 5 Comments

सौदा जो सिर्फ देह  का  परवान चढ़ गया - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२



दिल से निकल के बात निगाहों में आ गयी

जैसे  हसीना  यार  की  बाहों  में  आ  गयी।१।



धड़कन को मेरी आपने रुसवा किया हुजूर

कैसे  हँसी, न  पूछो  कराहों  में  आ  गयी।२।



रुतबा है आपका कि सितम रहमतों से हैं

हमने दुआ भी की तो वो आहों में आ गयी।३।



कैसा कठिन सफर था मेरा सोचिये जरा

हो कर परेशाँ धूप  भी  छाहों में आ गयी।४।



सौदा जो सिर्फ…

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Posted on April 17, 2019 at 7:25am — 10 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
At 2:53pm on July 8, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना 

At 2:27pm on July 8, 2014, Nilesh Shevgaonkar said…

बधाई 

At 2:21pm on July 8, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
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सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
 
 
 

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