For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna
Share

Sushil Sarna's Friends

  • Mohammed Arif
  • रामबली गुप्ता
  • Arpana Sharma
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Dipu mandrawal
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'
  • harivallabh sharma
  • narendrasinh chauhan
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Nilesh Shevgaonkar
  • अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव
  • गिरिराज भंडारी
  • Alok Mittal
 

Sushil Sarna's Page

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन रचना।"
24 minutes ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी , बधाई , इस सुन्दर , सांकेतिक रचना के लिए , सादर।"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का दिल से आभार।"
15 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी,   बहुत ही अच्छी रचना की प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें।  "
19 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय नरेन्द्र सिंह चौहान जी आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
19 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय विजय निकोर साहिब, सादर प्रणाम ... सृजन आपकी आशीष का आभारी है।"
19 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब, आदाब। ... सृजन के भावों पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से शुक्रिया।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी सृजन के भावों पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से शुक्रिया।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब। ... सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। कुछ दिनों से कंप्यूटर खराब था सो आभार व्यक्त न कर सका। अब ठीक हुआ है। विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय उस्मानी साहिब, आदाब ... सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया का दिल से शुक्रिया।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीया बबिता गुप्ता जी सृजन पर आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब। ... सृजन आपकी ऊर्जावान प्रशंसा का दिल से आभार।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब, आदाब। ... सृजन के भावों पर आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से शुक्रिया।"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय मिर्ज़ा जावेद बैग साहिब प्रस्तुति को आत्मीय मान देने का दिल से शुक्रिया।"
20 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत सुंदर लघु रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                             बहुत ही सुंदर और पावन अनुभूति । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

Sushil Sarna's Photos

  • Add Photos
  • View All

Sushil Sarna's Blog

गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....

मैं
आस था
विश्वास था
अनभूति का
आभास था
पथ पथरीला प्रीत का
लम्बा और उदास था
जाने किसके हाथ थे
जाने किसका साथ था
गोधूलि की बेला में
अंतिम जीवन खेला में
आहटों की देहरी पर
अटका
मेरा
श्वास था

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 13, 2018 at 6:30pm — 10 Comments

लघु रचना : यथार्थ ...

लघु रचना : यथार्थ ...

एक मैं
चल दिया
एक मैं को
छोड़कर


एक यथार्थ
आभास हो गया
एक आभास
यथार्थ हो गया


जिसका वो अंश था
उस अंश में
उस यथार्थ का
वास हो गया

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 5, 2018 at 11:05am — 14 Comments

आज के दोहे....

आज के दोहे :.....



चरणों में माँ बाप के, सदा नवाओ शीश।

इनमें चारों धाम हैं, इनमें बसते ईश।। १



पथ पथरीला सत्य का , झूठी मीठी छाँव।

माँ के आँचल में मिले ,सच्चे सुख की ठाँव।। २



पग-पग पर घायल करें, पुष्प वेश में शूल।

दर्पण पर विश्वास के, जमी छद्म की धूल।।३



समय सदा रहता नहीं, जीवन के अनुकूल।

एक कदम पर फूल तो , दूजे पर हैं शूल।।४



शादी करके सब कहें, शादी है इक भूल।

जीवन में न संग मिले, जीवन के अनुकूल।।५



सदा लगे…

Continue

Posted on July 30, 2018 at 2:30pm — 18 Comments

परछाईयाँ (२ क्षणिकाएं ) ....

परछाईयाँ (२ क्षणिकाएं ) ....

1.

एक अंत
मृतिका पात्र में
कैद हो गया
जीवन के धुंधलके में
अर्थहीन परछाईयों का
पीछा करते करते

..............................

2.

बीते कल की
क्षत-विक्षत अभीप्सा का
शृंगार व्यर्थ है
अन्धकार को भेदो
सूरज वहीं कहीं मिलेगा
दुबका हुआ
नई अभीप्सा का

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on July 24, 2018 at 12:50pm — 11 Comments

Comment Wall (34 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"स्वाधीनता दिवस की 72वीं सालगिरह की पावन बेला पर आप सभी ओबीओ परिवारजन को तहे दिल से बहुत-बहुत…"
21 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन रचना।"
24 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(उजाले..लुभाने लगे हैं)
"हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। कदम से कदम हम मिलाके चले थे पहुँचने में क्यूँ फिर…"
26 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन समसामयिक गज़ल। मौजूदा हालात पर बढ़िया कटाक्ष। है पापी पेट से…"
30 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चक्रव्यूह - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम जी।"
36 minutes ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी , बधाई , इस सुन्दर , सांकेतिक रचना के लिए , सादर।"
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'तोप, बारूद और तोपची' (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी , अच्छी लघु-कथा है. शीर्षक भी बहुत सही और सटीक है। हर कोई अपने हालात…"
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Vijai Shanker's blog post मार्केटिंग - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी , आभार, आपने बड़े मनोयोग से रचना का पाठ किया और ुटण३ ही मनोयोग से उसकी…"
1 hour ago
Manan Kumar singh posted a blog post

गजल(उजाले..लुभाने लगे हैं)

122 122 122 122उजाले हमें फिर लुभाने लगे हैंनया गीत हम आज गाने लगे हैं।1बढ़े जो अँधेरे, सताने लगे…See More
2 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

1222 1222 1222 1222 बड़ी उम्मीद थी उनसे वतन को शाद रक्खेंगे ।खबर क्या थी चमन में वो सितम आबाद…See More
2 hours ago
नादिर ख़ान posted a blog post

झूम के देखो सावन आया ....

खुशियों की सौगातें लायाझूम के देखो सावन आया चंचल सोख़ हवा इतराईबारिश की बौछारें लाईमहक उठा अब मन का…See More
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"स्वाधीनता दिवस की 72वीं सालगिरह की पावन बेला पर आप सभी ओबीओ परिवारजन को तहे दिल से बहुत-बहुत…"
6 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service