For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नाथ सोनांचली
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
Share

नाथ सोनांचली's Friends

  • Ajay Tiwari
  • santosh khirwadkar
  • MANINDER SINGH
  • रोहिताश्व मिश्रा
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • amod shrivastav (bindouri)
  • Sushil Sarna
  • शिज्जु "शकूर"
  • vijay nikore
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"

नाथ सोनांचली's Groups

 

नाथ सोनांचली's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on नाथ सोनांचली's blog post ग़ज़ल (था नाम दिल पे नक़्श मिटाया नहीं गया)
"जनाब नाथ सोनांचली जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें । कुछ टंकण त्रुटियाँ सुधार लें ।"
Apr 3
Aazi Tamaam commented on नाथ सोनांचली's blog post ग़ज़ल (था नाम दिल पे नक़्श मिटाया नहीं गया)
"खूबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई आदरणीय नाथ जी"
Mar 31
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on नाथ सोनांचली's blog post ग़ज़ल (था नाम दिल पे नक़्श मिटाया नहीं गया)
"जनाब नाथ सोनांचली जी आदाब, बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ। आठवाँ शे'र और मक़्ता ख़ास पसंद आया है। कुछ टंकण त्रुटियों की ओर आपका ध्यानाकर्षण चाहता हूँ- 'कोख़' से नुक़्ता हटा लीजिए,…"
Mar 30
नाथ सोनांचली posted a blog post

ग़ज़ल (था नाम दिल पे नक़्श मिटाया नहीं गया)

221 2121 1221 212था  नाम  दिल  पे   नक़्श  मिटाया  नहीं  गया मुझसे   तुम्हारा    प्यार    भुलाया   नहीं  गयाकल  को   सँवारने   में    गई   बीत   ज़िन्दगी जो  सामने  था   लुत्फ़    उठाया    नहीं  गयाकोशिश बहुत की, राज़-ए- मुहब्बत अयाँ न हो अल्फ़ाज़    से   मगर   ये   छिपाया  नहीं  गयाबीवी  बहन  बहू   न     मिलेगी     कोई    तुम्हें बेटी   को  कोख़   में   जो  बचाया   नहीं   गयामंदिर  में  जाके  भोज  कराते  हो  किस   लिए माँ  बाप  को  तो  तुमसे   खिलाया   नहीं  गयापलको   से   रोकने  की   हुईं …See More
Mar 30
नाथ सोनांचली commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-उदासी इस क़दर मुझमें उतरती जा रही है
"आद0 बृजेश कुमार ब्रज जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल हुई हैं। बधाई स्वीकार कीजिये"
Mar 30
नाथ सोनांचली commented on Rachna Bhatia's blog post जोगिरा सा रा रारा रा,..
"आद0 रचना भाटिया जी सादर अभिवादन। बढ़िया सृजन होली पर। बधाई स्वीकार कीजिये"
Mar 30
नाथ सोनांचली commented on सालिक गणवीर's blog post बात मुख्तसर सी थी गर कही नहीं होती......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आद सालीक गणवीर भाई जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
Mar 30
नाथ सोनांचली commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (हमें तुम से कोई शिकायत नहीं है)
"आद0 अमीरुद्दीन 'अमीर' जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
Mar 30
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। मुशायरे में अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"हड़प दण्डपाणि जी सादर अभिवादन। आपकी उपस्थिति को सलाम करता हूँ। आभार आपका"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद 0 संजय शुक्ल जी सादर प्रणाम । आपका हृदयतल से आभार"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0 रचना भाटिया जी सादर अभिवादन। आभार आपका"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। आपकी उपस्थिति मेरे लिए पुरस्कार है। हृदयतल से आभार आपका"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0 अमीरुद्दीन जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर उपस्थिति और समीक्षा के लिए हृदयतल से आभार"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0ऋचा यादव जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और दाद हेतु शुक्रियः"
Mar 26
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"आद0 नीलेश बरई जी सादर अभिवादन। आभार आपका"
Mar 26

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

नाथ सोनांचली's Blog

ग़ज़ल (था नाम दिल पे नक़्श मिटाया नहीं गया)

221 2121 1221 212

था  नाम  दिल  पे   नक़्श  मिटाया  नहीं  गया

मुझसे   तुम्हारा    प्यार    भुलाया   नहीं  गया

कल  को   सँवारने   में    गई   बीत   ज़िन्दगी

जो  सामने  था   लुत्फ़    उठाया    नहीं  गया

कोशिश बहुत की, राज़-ए- मुहब्बत अयाँ न हो

अल्फ़ाज़    से   मगर   ये   छिपाया  नहीं  गया

बीवी  बहन  बहू   न     मिलेगी     कोई    तुम्हें

बेटी   को  कोख़   में   जो  बचाया   नहीं   गया

मंदिर  में  जाके  भोज …

Continue

Posted on March 30, 2021 at 5:30pm — 3 Comments

कुछ कुण्डलियाँँ "गप या गप्प" पर

रहते  यारों   संग   थे,  मस्ती   में   हम  डूब

बचपन  में  होता  रहा,  गप्प   सड़ाका  खूब

गप्प सड़ाका  खूब, नहीं चिंता  थी  कल की

आह! मगर वह नाथ' ज़िन्दगी थी दो पल की

आया अब यह दौर, जवानी  जिसको  कहते

अपने में  ही  मस्त,  जहाँ  हम  सब  हैं  रहते



ऑफिस में गप  मारना, बहुत  बुरी  है  बात

देख लिया  यदि  बॉस  ने,  बिगड़ेंगे  हालात

बिगड़ेंगे   हालात,   मिले   टेंशन  पर  टेंशन

घट  जाए  सम्मान,  कटे  वेतन  औ'  पेंशन

भभके उल्टी  आग, बन्द थी जो माचिस  में

हर…

Continue

Posted on March 15, 2021 at 5:16am — 4 Comments

डायन प्रथा पर एक पद्यात्मक कहानी

किसे सुनाऊँ अपनी पीड़ा, किसको मैं समझाऊँ

सब पत्थर के देव यहाँ हैं, किस  से सर टकराऊँ

युग  कोई  भी  यहाँ  रहा  हो, सबने  हमें ठगा है

माँ  ममता  की  मूरत  कहकर, देता  रहा दगा है

कल जैसी ही आज हमारी, वैसी भाग्य  निशानी

जुड़ी उसी से सुन लो यारा, अपनी एक  कहानी

शादी के दस साल हुए थे, पर ना  गोद  भरी  थी

बाँझ न रह जाऊँ जीवन भर, इससे बहुत डरी थी

देख किसी बच्चे को सोचूँ, झट  से  गले  लगा लूँ

छाती का मैं दूध पिलाकर, अपनी …

Continue

Posted on March 7, 2021 at 8:14pm — 6 Comments

ग़ज़ल (तेरे खाने के लिए मुफ्त का माल अच्छा है)

अरकान- 2122  1122   1122   112/22

तेरे  खाने  के  लिये  मुफ्त  का माल  अच्छा है

इसलिये  लगता  चुनावों का  वबाल  अच्छा है

ये  अलग  बात  कि  सूरत  न  भली  हो  लेकिन

कुछ न कुछ हर कोई करता ही कमाल अच्छा है

हम  जवाबों  से  परखते  हैं  रज़ामन्दी  को

मुस्कुरा दे वो अगर समझो सवाल अच्छा है

हद से बाहर तो हर  इक  चीज़  बुरी  लगती है

हद में रह कर जो किया जाए धमाल अच्छा है

अस्मतें रोज़ ही माँ बहनों की बिकती हैं…

Continue

Posted on January 5, 2021 at 12:57pm — 5 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:03pm on April 11, 2019, Vivek Pandey Dwij said…
आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी आभार आप को इस उत्साह वर्धन के लिए।
At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"वाह ..बहुत ख़ूब . मकता ख़ास तौर पर अच्छा लगा . मतले में ' वफ़ा को पा न सके ' ये प्रयोग और…"
7 minutes ago
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आ0 रचना जी तहेदिल से शुक्रिया"
8 minutes ago
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आ0 समर कबीर साहब तहेदिल से शुक्रिया और नमन"
8 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"शुक्रिया जनाब "
14 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
""प" पर शब्द का मुख़फ़्फ़फ़ है ।"
18 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"बहुत ही अच्छी गजल हुई , बधाई हो .. चौथा शेर सर्वाधिक पसंद आया ... मकते में  'प ' का…"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"मुहतरमा दीपांजलि दुबे जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें । 'कर…"
2 hours ago
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"जी सादर प्रणाम। आदरणीय नवीन जी के सुझाव अनुसार पुनः प्रयास…"
2 hours ago
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय लक्ष्मण जी, आप ने बहुत गौर से ग़ज़ल को पढ़ा और कीमती सुझाव दिए। उस्ताद साहब की इसलाह भी आ गई…"
2 hours ago
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"सर, हौसला अफ़ज़ाई और इसलाह का तहे दिल से शुक्रिया"
2 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"221-2121-1221-212 हैं साथ हर घड़ी वो चले थे जहाँ से हमअब सबसे पूछते हैं कि आए कहाँ से हम (1) बस एक…"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"जी, ऐसा नहीं है, जो कुछ कमी है उसे दूर करने में भाई संजय जी सक्षम हैं ।"
2 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service