For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
Share

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Friends

  • santosh khirwadkar
  • MANINDER SINGH
  • रोहिताश्व मिश्रा
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • शिज्जु "शकूर"
  • vijay nikore
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Groups

 

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Page

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion कोयल (बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बहुत बढ़िया शैली में रोचक और गुनगुनाने योग्य ताटंक छंदों के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'  जी।"
May 20
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion बाल प्रार्थना (शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"बेहतरीन प्रेरक और प्रोत्साहक प्रार्थना सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी।"
May 20
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion गौरैया (विश्व गौरेया दिवस पर बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बच्चों की प्रिय चिरैया पर बढ़िया रोचक और गेय कविता के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी।"
May 20
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 बहन राजेश कुमारी जी सादर अभिवादन। दोहे पसन्द आये, लिखना सार्थक हुआ। आभार आपका उत्साह वर्धन के लिए"
May 11

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"सभी दोहे एक से बढ़कर एक सटीक शिल्पबद्ध हुए .बहुत बहुत बधाई आद० सुरेन्द्र नाथ भैया |"
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' posted blog posts
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 तस्दीक अहमद जी सादर अभिवादन। दिल की गहराइयों से आभार आप सबका"
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 विजय निकोर जी सादर नमन। बहुत बहुत आभार आपका"
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 राम शिरोमणी पाठक जी सादर अभिवादन। शुक्रिया प्रतिक्रिया देने और प्रशंशा के लिए"
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 आली जनाब समर कबीर साहब सादर प्रणाम। आपके सुझावों के अनुसार सुधार करता हूँ। बहुत बहुत आभार मात्रात्मक गलतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करने के लिए। इसीलिए आपकी प्रतिक्रिया का मुझे सदैव इंतजार रहता है।"
May 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। उत्साहवर्धन के लिए कोटिश आभार"
May 10
Tasdiq Ahmed Khan commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,श्रमिक जीवन पर सुंदर दोहे हुए हैं ,मुबारक बाद क़ुबूल फरमायें।"
May 9
vijay nikore commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आपके दोहे अच्छे लगे। हार्दिक बधाई।"
May 9
ram shiromani pathak commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"सुंदर दोहे बधाई भाई"
May 9
Samar kabeer commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,बढ़िया दोहे लिखे आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'नाले से आती गंध को'--15 मात्रा । 5वें दोहे में 'सुबह' की मात्रा 21 होती है । 'बूढ़े चश्में ताकते'--"चश्में"का क्या…"
May 9
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे
"आ. भाई सुरेंद्र जी, बेहतरीन दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
May 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Blog

श्रमिकों के जीवन पर आधारित मेरे 21 दोहे

कहीं बनाते हैं सड़क, कहीं तोड़ते शैल

करते श्रम वे रात दिन, बन कोल्हू के बैल।1।

नाले देते गन्ध हैं, उसमें इनकी पैठ

हवा प्रवेश न कर सके, पर ये जाएँ बैठ।2।

काम असम्भव बोलना, सम्भव नहीं जनाब

पलक झपकते शैल को, दें मुट्ठी में दाब।3।

चना चबेना साथ ले, थोड़ा और पिसान

निकलें वे परदेश को, पाले कुछ अरमान।4।

सुबह निकलते काम पर, घर से कोसों दूर

भूमि शयन हो शाम को, होकर श्रम से चूर।5।

ईंट जोड़…

Continue

Posted on May 7, 2018 at 5:30pm — 24 Comments

उसकी लाठी आवाज नहीं करती (लघुकथा)

"अरे रमेश ये कैसे हुआ? और बेटे की हालत कैसी है? मुझे तो जैसे ही खबर लगी,भागा-भागा चला आ रहा हूँ"  आई सी यू के बाहर खड़े रमेश से रतन ने पूछा।

रतन को देखते ही रमेश रो पड़ा। फिर अपने को संभालते हुए बोला-"क्या बताऊँ तुम्हें, मेरे घर के पास जो हाई वोल्टेज तार का खम्बा लगा हुआ था, वही कल अचानक गिर गया। और फिर ये…."

बोलते-बोलते वह फफक पड़ा।

रतन ढाँढस देते हुए बोला- "मित्र हिम्मत न हारो। सब कुछ ठीक हो जाएगा। .....डॉक्टर्स क्या कह रहे…

Continue

Posted on March 27, 2018 at 7:44am — 16 Comments

सामाजिक विद्रूपताओं पर एक गीत (वीर रस)

देख दुर्दशा यार वतन की, गीत रुदन के गाता हूँ

कलम चलाकर कागज पर मैं, अंगारे बरसाता हूँ

कवि मंचीय नहीं मैं यारों, नहीं सुरों का ज्ञाता हूँ

पर जब दिल में उमड़े पीड़ा, रोक न उसको पाता हूँ

काव्य व्यंजना मै ना जानूँ, गवई अपनी भाषा है

सदा सत्य ही बात लिखूँ मैं, इतनी ही अभिलाषा है

आजादी जो हमे मिली है, वह इक जिम्मेदारी है

कलम सहारे उसे निभाऊं, ऐसी सोच हमारी है

काल प्रबल की घोर गर्जना, लो फिर मैं ठुकराता हूँ

देख…

Continue

Posted on February 11, 2018 at 6:18am — 9 Comments

ग़ज़ल (तुम्हारे ख़त जो मेरे नाम पर नहीं आते)

अरकान-1212  1122  1212  22

तुम्हारे ख़त जो मेरे नाम पर नहीं आते

तो दुश्मनों के भी चहरे नज़र नहीं आते

सतर्क आप रहें हर घड़ी निगाहों से

लुटेरे दिल के कभी पूछ कर नहीं आते

भला भी वक़्त तुम्हारे लिये बुरा होगा

सलीक़े जीने के तुमको अगर नहीं आते

बदल दिए हैं हमीं ने मिजाज मौसम के

भिगोने अब्र हमें बाम पर नहीं आते

हमेशा पीछे भी क्या देखना जमाने में

समय जो बीत गए लौट कर नहीं…

Continue

Posted on February 7, 2018 at 6:51pm — 8 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

लट जाते हैं पेड़- एक गीत

राह किसी की कहाँ रोकते,हट जाते हैं पेड़इसकी, उसकी, सबकी खातिर,कट जाते हैं पेड़ तपन धूप की खुद सह…See More
1 hour ago
Neelam Upadhyaya posted blog posts
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
1 hour ago
babitagupta commented on babitagupta's blog post पिता वट वृक्ष की तरह होते हैं........[सामाजिक सरोकार]
"आदरणीया नीलम दी और आदरणीय लक्ष्मण सर जी,रचना पसंद करने के लिए आभार."
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीया  Neelam Upadhyaya जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीय  Tasdiq Ahmed Khan   जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"आदरणीय  vijay nikore  जी हृदय तल से आभार आपका "
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post हवाओं से रूबरू (लघुकथा)
"आदरणीय  उस्मानी जी, नमस्कार ।  बहुत ही सटीक तंज किया है।  बढ़िया लघुकथा की प्रस्तुति…"
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"आदरणीय  तेजवीर सिंह जी, नमस्कार ।  बहुत ही सही कहा।   घोषणाएं तो होती ही हैं…"
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हो गई उनकी महरबानी है)
"आदरणीय  तस्दीक अहमद जी, नमस्कार।  बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है।  मुबारकबाद कुबूल…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(212)
"आदरणीय  राम शिरोमणि पाठक जी, नमस्कार।  बहुत ही उम्दा रचना की  प्रस्तुति के लिए बधाई…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Rakshita Singh's blog post बेबसी...
"आदरणीय रक्षिता जी, नमस्कार।  बहुत ही हृदयस्पर्शी रचना है । प्रस्तुति के लिए बधाई ।  "
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service