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MANINDER SINGH
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ग़ज़ल कर गये तुम बात दिल की आज महफ़िल में मेरी

२१२२ २१२२ २१२२ २१२

कर गये तुम बात दिल की आज महफ़िल में मेरी |

कह गये तुम हमसफ़र सब राज महफ़िल में मेरी ||



था मुझे इंतज़ार कब से तेरे इस इजहार का |

इश्क का है छेड़ा तुमने साज महफ़िल में मेरी ||



तुम बसाये थे तड़प आँखों में दिल की हमनवां |

तोड़ दी तेरी तड़प ने हर लाज महफ़िल में मेरी ||



थे लबो पर कब से चाहत सी लिये तुम कहने की |

आज दी तुमने मुझे आवाज़ महफ़िल में मेरी ||



देखता तुझ को जमाना दीवाना सा कह मेरा |

जब "मनी" तूने…

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Posted on April 27, 2017 at 12:30pm — 8 Comments

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