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योगराज प्रभाकर
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
17 Replies

(1). आ० मोहम्मद आरिफ जी नरक.जीआरपी थाने के इंचार्ज -" देखो बेटी, ये तो अच्छा हुआ कि हमारे जवान तुम्हें यहाँ ले आए । सुंदर हो , सुशील हो और जवान भी । इतनी रात गए प्लेटफॉर्म पर अकेली क्यों घूम रही थी…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Manan Kumar singh on Saturday.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28 में शामिल सभी लघुकथाएँ
39 Replies

(1). सुश्री सीमा सिंह जी  मायका "रिक्शा रोकना, जरा!” भाई को राखी बांधकर वापस लौटते समय गुमसुम नंदिनी अचानक बोल पड़ी तो पतिदेव चौंक उठे। “क्या हुआ, कुछ भूल आई क्या?” पति कुछ और बोलते, तब तक रिक्शा रुक…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Archana Tripathi Aug 10.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 27 में स्वीकृत लघुकथाएँ
20 Replies

(1).  श्री मोहम्मद आरिफ जी मुक्ति ."बेचारे को आज मुक्ति मिल ही गई ।" राम प्रसाद ने गहरी साँस छोड़ते हुए कहा । पास ही खड़े दिवाकर ने जिज्ञासा से पूछा-"किसको मुक्ति मिल गई ?" "तुझे नहीं पता दिवाकर ?"…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Manisha Saxena Jul 20.

ओबीओ लाईव लघुकथा गोष्ठी अंक-26 में स्वीकृत लघुकथाएँ
21 Replies

(1).  सुश्री नयना(आरती)कानिटकर जी   "घर का वैरागी" ."बेटा अब मैं अपने घर  लौटना चाहती हूँ. वहाँ भी सब देखना-भालना होगा न!।""माँ लेकिन वहाँ तुम अकेले कैसे... और फिर मुन्ना के बीना तुम्हारा जी...?""जी…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Jun 7.

 

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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर posted photos
Thursday
Dr Ashutosh Mishra replied to योगराज प्रभाकर's discussion लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर
"आदरणीय सर आपके लेख को बार बार पढता हूँ हर बात बाते और स्पष्ट होती हैं ।सादर"
Sep 7

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर and Mahendra Kumar are now friends
Sep 6
surender insan replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"सबसे पहले तो बेहद सफल आयोजन की बहुत बहुत बधाई हो जी। इस आयोजन में मेरी यह पहली हाज़री थी। मेरी लिखी रचना पर जिस तरह से आप सब ने अपनी बेहद स्नेहपूर्ण और हौसलाअफजाई भरी टिप्पणियां दी। उस से हौसला बहुत बढ़ गया। आप सबका बहुत बहुत दिली शुक्रिया और आभार जी।…"
Sep 2
Mohammed Arif replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी आदाब, लघुकथा गोष्ठी के अंक 29 के त्वरित प्रकाशन , सशक्त संचालन और बेबाक टिप्पणियों के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ स्वीकार कीजिए ।"
Sep 2
Tasdiq Ahmed Khan replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"मुहतरम जनाब योगराज साहिब ,ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्टी अंक -29 के त्वरित संकलन तथा कामयाब निज़ामत के लिए मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें"
Sep 1
Nita Kasar replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"आयोजन के सफलतापूर्वक न कुशलता के साथ सपंन्न करवाने के लिये बधाईयां आद० योगराज प्रभाकर जी ।संकलन में कथा सुधारने की मंशा थी पर समय ना मिल पाया,पर कथापर आगे समय देना है ।आयोजन में हमेशा की तरह बहुत उम्दा कथाओं से रूबरू होने का अवसर मिला ।है ।आपको व ओ…"
Sep 1
KALPANA BHATT replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"लघुकथा गोष्ठी अंक २९ के सफल आयोजन और त्वरित संकलन के लिए आपको ढेरों बधाई सर | इस बार भी गोष्ठी समाप्त होते ही आपने संकलन पोस्ट कर दिया | आपके इस जज्बे को नमन आदरणीय |  मेरी लघुकथा को स्थान देने हेतु आपका सादर धन्यवाद सर | जो कमी रह गयी है…"
Sep 1
Samar kabeer replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"जनाब योगराज प्रभाकर साहिब आदाब,त्वरित संकलन और बहतरीन संचालन आपकी ख़ास ख़ूबी रही है,इस बार का आयोजन भी बहुत कामयाब रहा,इन सब के लिये आपको बहुत बहुत मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Sep 1
VIRENDER VEER MEHTA replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"सर्वप्रथम आदरणीय योगराज प्रभाकर जी सहित आयोजन से जुड़े सभी मित्रों और ओबीओ समूह को एक और सफल आयोजन की हार्दिक बधाई। इस आयोजन का विषय (अनकहा) अपेक्षाकृत कठिन होने के बावजूद बहुत उम्दायें रचनाएँ आई जो सभी साथियों के सतत प्रयास का ही परिणाम है। हमेशा की…"
Sep 1
विनय कुमार replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"एक और सफल और बेहतरीन आयोजन के लिए बहुत बहुत बधाई आ योगराज सर "
Sep 1
Barkha Shukla replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"आदरणीय योगराज सर को सफल आयोजन के लिए बहुत २ बधाई , मेरी लघुकथा को संकलन में स्थान देने के लिए बहुत धन्यवाद ,सादर"
Sep 1
पंकजोम " प्रेम " replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"दिली मुबारकबाद सभी स्नेहजनों को ...... लघुकथा गोष्टी के सफल आयोजन की सभी कलमकारों को दिली मुबारकबाद"
Sep 1
Omprakash Kshatriya replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"आदरणीय वीरेंदर वीर मेहताजी, आदरणीय विनयकुमार जी, आदरणीय अन्नपूर्णा जी और आदरणीय समर कबीर जी का हार्दिक आभार. आप ने लघुकथा पर अपना मत देकर मेरी हौसला अफजाई की. शुक्रिया आप सभी का."
Sep 1
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी- 29, के सफल आयोजन, त्वरित संकलन और संपादन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी।"
Sep 1
Omprakash Kshatriya replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"आदरणीय भाई साहब/प्रणाम ./तीव्र गति से संकलन निकलने के लिए आप को बधाई. आप जिस तीव्रता से लघुकथा का संकलन निकलते हैं उस के लिए, आप के लघुकथा के प्रति समर्पण, आप की जीवटता और उस जज्बे को सलाम जो आप में आज भी मौजूद हैं. जिस की वजह से आप लघुकथा के प्रति…"
Sep 1

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 18 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 15 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (79 comments)

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At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

 
 
 

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