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surender insan
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surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी ग़ज़ल पर हौसला अफ़जाई के लिए बहुत बहुत आभार जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी सादर नमन जी। बहुत बहुत दिली शुक्रिया जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी भाई जी सादर नमन । बहुत बहुत आभार आपका जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी नमस्ते जी । ग़ज़ल पर हौसला अफ़जाई के लिए आपका बहुत बहुत आभार जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय समर साहब सादर नमन जी। हौसला अफ़जाई के लिए बहुत बहुत दिली शुक्रिया जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी आदरणीय बहुत बहुत आभार आपका। सादर नमन जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय  नादिर जी बहुत बहुत दिली शुक्रिया जी ।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नीलेश जी सादर नमस्कार । बहुत बहुत दिली शुक्रिया जी। आगे से और बेहतरी का प्रयास करूँगा। सादर जी"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय दयाराम जी सादर नमस्कार जी। ग़ज़ल के बेहतरीन प्रयास के लिए बधाई क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय मोहन जी नमस्कार जी। बहुतअच्छा प्रयास है आपका। इसी तरह प्रयास करते रहे धीरे धीरे ख़ुद ब ख़ुद निखार आएगा।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीया रचना जी नमस्कार। ग़ज़ल के बेहतरीन प्रयास के लिये बधाई क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नाहक जी नमस्कार। अच्छे मतले और बेहतरीन गिरह के साथ ग़ज़ल के बेहद उम्दा प्रयास के लिए बधाई क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी आदाब। ग़ज़ल के बहुत उम्दा प्रयास के लिए दिली मुबारक़बाद क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जनाब नादिर खान जी आदाब। ग़ज़ल के बेहतरीन प्रयास के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय मनन जी सादर नमस्कार जी। अच्छी गिरह के साथ ग़ज़ल के अच्छे प्रयास के लिए बधाई क़ुबूल करें जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय अनिल कुमार जी नमस्कार। ग़ज़ल के बेहतरीन प्रयास के लिए बधाई क़ुबूल करें जी।"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

Surender insan's Blog

"जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"

2122 2122 212

इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ।

चढ़ गया सूली पे वो हँसता हुआ।।

अब कहूँ क्या इश्क़ में क्या क्या हुआ।

हर कदम पर इक नया धोखा हुआ।।

जब किसी को इश्क़ में धोखा हुआ।

फिर उसे देखा नहीं हँसता हुआ।।

क्या बताऊँ मैं तुझे क्या क्या हुआ।

है मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ।।

और कुछ तेरे सिवा दिखता नहीं।

इस कदर मैं तेरा दीवाना हुआ।।

मानता कब है किसी की बात वो।

वक़्त जिसका हो बुरा आया…

Continue

Posted on September 20, 2019 at 1:00pm — 2 Comments

दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।

वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।

बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।

ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।

ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।

लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।

जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।

हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।

मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।

इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।

थोड़े से भी हो…

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Posted on April 4, 2019 at 2:30pm — 6 Comments

"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

 1222 1222 1222


सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on December 11, 2018 at 4:30pm — 14 Comments

"गर अदब में नाम की दरकार है"

2122 2122 212

गर अदब में नाम की दरकार है।

तो ग़ज़ल कोई नयी दरकार है।।

तू किसी को देख ले ग़मगीन तो।

आँख में तेरी नमी दरकार है।।

प्यार करते हो मुझे तुम भी अगर

इक नज़र चाहत भरी दरकार है।।



एक दूजे पे हमेशा हो यकीं।

दोस्ती में बस यही दरकार है।।

ये अँधेरा दूर होगा एक दिन।

इल्म की बस रौशनी दरकार है।।

बात सच्ची ही कहें हर शेर में।

शाइरी में ये रही दरकार है।।

तुम बढ़ा…

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Posted on October 1, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

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At 7:46am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए
At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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