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surender insan
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surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब अजेय जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है, बधाई स्वीकार करें जी।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब, दिए गए तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ  दिली मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"सादर नमन दीदी। दिए गए मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कहने के लिए बहुत बहुत बधाई हो।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय संजय शुक्ला जी नमस्कार, दिये गए तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा किया है आपने,बधाई स्वीकार करें जी।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय रवि जी सादर नमन। दिए गए तरही मिसरे पर आपने बहुत ही शानदार और लाजवाब ग़ज़ल कही है। दिली मुबारक़ बाद पेश करता हूँ।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब । दिये गए तरही मिसरे पर ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें जी ।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है, बधाई स्वीकार करें जी ।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"बाकी अन्य सभी आदरणीय गुणीजनों के सुझावों पे गौर करे जी। सादर।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीया रिचा जी सादर नमन। दिए गए मिसरे पर ग़ज़ल के प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई।।  डूबना मुमकिन नहीं ग़म के समंदर में कभीकोशिशें जारी हैं अपनी भी उबरने के लिए। दोनो मिसरों में एक विरोधाभास लग रहा है। इसे यूँँ पढ़  देखें डूबना (अच्छा) नहीं ग़म…"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय भाई नवीन जी आदाब। ग़ज़ल का बहुत अच्छा प्रयास हुआ है। बधाई स्वीकार करें। गिरह भी अच्छी लगाई आपने, उनके वादों पर भरोसा वाले शेर के लिए अलग से दाद क़ुबूल करें जी।"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब दण्डपाणि 'नाहक़' जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है, बधाई स्वीकार करें जी। कोई मकसद वाले शेर के लिए ख़ासतौर से दाद क़ुबूल करें। सादर"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,तरही मिसरे पर ग़ज़ल का बहुत ही अच्छा प्रयास हुआ है, दिली बधाई स्वीकार करें । बचपन वाला शेर बहुत अच्छा लगा। गिरह सभी अच्छी लगी मुझे। कल तलक चर्वाक जैसा घी उधारी......इसके सानी में यूँ की जगह (है) रख कर…"
Jun 26
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"2122 2122 2122 212 ज़िन्दगी के कैनवस में रंग भरने के लिए।कुछ हुनर तो चाहिए यह काम करने के लिए।। मैं सिखाता था जिसे परवाज़ भरने के लिए।सोचता है वो मेरे ही पर कतरने के लिए।। जो मुझे तुमने दिया वो ज़ख्म भरने के लिए।वक़्त कुछ तो चाहिए इस से उबरने के…"
Jun 25
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"सादर नमन आदरणीय।"
Jun 25
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी ग़ज़ल पर हौसला अफ़जाई के लिए बहुत बहुत आभार जी।"
Oct 24, 2020
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी सादर नमन जी। बहुत बहुत दिली शुक्रिया जी।"
Oct 24, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

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"जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"

2122 2122 212

इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ।

चढ़ गया सूली पे वो हँसता हुआ।।

अब कहूँ क्या इश्क़ में क्या क्या हुआ।

हर कदम पर इक नया धोखा हुआ।।

जब किसी को इश्क़ में धोखा हुआ।

फिर उसे देखा नहीं हँसता हुआ।।

क्या बताऊँ मैं तुझे क्या क्या हुआ।

है मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ।।

और कुछ तेरे सिवा दिखता नहीं।

इस कदर मैं तेरा दीवाना हुआ।।

मानता कब है किसी की बात वो।

वक़्त जिसका हो बुरा आया…

Continue

Posted on September 20, 2019 at 1:00pm — 2 Comments

दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।

वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।

बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।

ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।

ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।

लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।

जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।

हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।

मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।

इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।

थोड़े से भी हो…

Continue

Posted on April 4, 2019 at 2:30pm — 6 Comments

"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

 1222 1222 1222


सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on December 11, 2018 at 4:30pm — 14 Comments

"गर अदब में नाम की दरकार है"

2122 2122 212

गर अदब में नाम की दरकार है।

तो ग़ज़ल कोई नयी दरकार है।।

तू किसी को देख ले ग़मगीन तो।

आँख में तेरी नमी दरकार है।।

प्यार करते हो मुझे तुम भी अगर

इक नज़र चाहत भरी दरकार है।।



एक दूजे पे हमेशा हो यकीं।

दोस्ती में बस यही दरकार है।।

ये अँधेरा दूर होगा एक दिन।

इल्म की बस रौशनी दरकार है।।

बात सच्ची ही कहें हर शेर में।

शाइरी में ये रही दरकार है।।

तुम बढ़ा…

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Posted on October 1, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

Comment Wall (2 comments)

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At 7:46am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए
At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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