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surender insan
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surender insan posted a blog post

"जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"

2122 2122 212इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ।चढ़ गया सूली पे वो हँसता हुआ।।अब कहूँ क्या इश्क़ में क्या क्या हुआ।हर कदम पर इक नया धोखा हुआ।।जब किसी को इश्क़ में धोखा हुआ।फिर उसे देखा नहीं हँसता हुआ।।क्या बताऊँ मैं तुझे क्या क्या हुआ।है मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ।।और कुछ तेरे सिवा दिखता नहीं।इस कदर मैं तेरा दीवाना हुआ।।मानता कब है किसी की बात वो।वक़्त जिसका हो बुरा आया हुआ।।जख़्म दिल के फिर हरे होने लगें।जब तुम्हारे शह्र में आना हुुुआ ।।मौलिक व अप्रकाशित।See More
Sep 30, 2019
Samar kabeer commented on surender insan's blog post "जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई,बधाई स्वीकार करें । किस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ वो जो सूली चढ़ गया हँसता हुआ' इस मतले को यूँ कर लें:- इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ चढ़ गया सूली प वो हँसता हुआ'"
Sep 23, 2019
surender insan commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नए ख्वाब दिखाने वाला - ग़ज़ल
"आदरणीय बसन्त जी अच्छी ग़ज़ल कही आपने । बधाई स्वीकार करें जी।"
Sep 20, 2019
surender insan commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नहीं अच्छा है यूँ मजबूर होना- ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल हुई हक़ी सतविंदर भाई जी। मुबारकबाद कबूल करे।"
Sep 20, 2019
surender insan posted a blog post

"जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"

2122 2122 212इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ।चढ़ गया सूली पे वो हँसता हुआ।।अब कहूँ क्या इश्क़ में क्या क्या हुआ।हर कदम पर इक नया धोखा हुआ।।जब किसी को इश्क़ में धोखा हुआ।फिर उसे देखा नहीं हँसता हुआ।।क्या बताऊँ मैं तुझे क्या क्या हुआ।है मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ।।और कुछ तेरे सिवा दिखता नहीं।इस कदर मैं तेरा दीवाना हुआ।।मानता कब है किसी की बात वो।वक़्त जिसका हो बुरा आया हुआ।।जख़्म दिल के फिर हरे होने लगें।जब तुम्हारे शह्र में आना हुुुआ ।।मौलिक व अप्रकाशित।See More
Sep 20, 2019
dandpani nahak left a comment for surender insan
"आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए"
Jun 29, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"जी आदरणीय बहुत बहुत शुक्रिया आपका।  सादर नमन जी।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय तस्‍दीक साहब बहुत बढ़िया गजल कही आपने। दिली मुबारकबाद पेश है । सादर जी।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय सादर नमन। वाह जी वाह बेहतरीन मतला। एक एक शेर बेहतरीन । बहुत अच्छी गिरह हुई है। दिली मुबारकबाद कबूल करें जी।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय बासुदेव जी आदाब। ग़ज़ल के अच्छे प्रयास के लिए बधाई स्वीकार करें।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय अरुण जी आदाब। ग़ज़ल  के बहुत अच्छे प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई  हो जी।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"वाह जी वाह बेहतरीन मतला, दिली मुबारकबाद कबूल करें। ग़ज़ल के बहुत अच्छे प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई हो जी। सादर जी"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय मुनीश जी आदाब। ग़ज़ल के अच्छे प्रयास के लिए बधाई स्वीकार करें।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"वाह वाह बहुत बढ़िया प्रयास ग़ज़ल का दीदी। बहुत बहुत बधाई हो।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय मनन कुमार जी आदाब। ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है। बहुत बहुत बधाई हो।"
Jun 28, 2019
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय दंडपाणि जी आदाब। ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है , गिरह भी अच्छी हुई है। सादर जी।"
Jun 28, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

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"जब तुम्हारें शह्र में आना हुआ"

2122 2122 212

इस कदर था इश्क़ में डूबा हुआ।

चढ़ गया सूली पे वो हँसता हुआ।।

अब कहूँ क्या इश्क़ में क्या क्या हुआ।

हर कदम पर इक नया धोखा हुआ।।

जब किसी को इश्क़ में धोखा हुआ।

फिर उसे देखा नहीं हँसता हुआ।।

क्या बताऊँ मैं तुझे क्या क्या हुआ।

है मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ।।

और कुछ तेरे सिवा दिखता नहीं।

इस कदर मैं तेरा दीवाना हुआ।।

मानता कब है किसी की बात वो।

वक़्त जिसका हो बुरा आया…

Continue

Posted on September 20, 2019 at 1:00pm — 1 Comment

दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।

वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।

बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।

ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।

ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।

लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।

जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।

हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।

मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।

इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।

थोड़े से भी हो…

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Posted on April 4, 2019 at 2:30pm — 6 Comments

"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

 1222 1222 1222


सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on December 11, 2018 at 4:30pm — 14 Comments

"गर अदब में नाम की दरकार है"

2122 2122 212

गर अदब में नाम की दरकार है।

तो ग़ज़ल कोई नयी दरकार है।।

तू किसी को देख ले ग़मगीन तो।

आँख में तेरी नमी दरकार है।।

प्यार करते हो मुझे तुम भी अगर

इक नज़र चाहत भरी दरकार है।।



एक दूजे पे हमेशा हो यकीं।

दोस्ती में बस यही दरकार है।।

ये अँधेरा दूर होगा एक दिन।

इल्म की बस रौशनी दरकार है।।

बात सच्ची ही कहें हर शेर में।

शाइरी में ये रही दरकार है।।

तुम बढ़ा…

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Posted on October 1, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

Comment Wall (2 comments)

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At 7:46am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए
At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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