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surender insan
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surender insan commented on surender insan's blog post दोहे
"जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय अशोक कुमार जी। अन्यथा लेने का सवाल ही नहीं। सादर नमन जी"
May 21
surender insan commented on surender insan's blog post दोहे
"बहुत बहुत शुक्रिया भाई बृजेश कुमार जी।"
May 21
surender insan commented on surender insan's blog post दोहे
"जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय समर कबीर साहब जी। सादर नमन।"
May 21
Ashok Kumar Raktale commented on surender insan's blog post दोहे
"रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान। वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।.......वाह ! जरूरी है. जवानों के दम पर ही हम सुख का जीवन बीता रहे हैं.  जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप। हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।......वाह ! हर हाल में…"
Apr 10
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on surender insan's blog post दोहे
"वाह आदरणीय सुन्दर दोहे..बधाई"
Apr 9
Samar kabeer commented on surender insan's blog post दोहे
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,अच्छे दोहे लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 8
surender insan commented on Sushil Sarna's blog post दोहे ... एक भाव कई रूप ... नर से नारी माँगती ..
"वाह वाह वाह बहुत अच्छे दोहे कहे है। बधाई हो।"
Apr 4
surender insan posted a blog post

दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।थोड़े से भी हो नहीं,बचने के आसार।अपने दुश्मन पर करें,ऐसा तेज प्रहार।।हर कोई कहता यही,जीने के दिन चार।आओ थोड़ा यत्न कर,इन में भर ले प्यार।।जिसके रहते हो…See More
Apr 4
surender insan posted a blog post

ग़ज़ल

22 22 22 2सुख दुख में सम रहता हूँ।मैं दरिया सा बहता हूँ।।कह कर सच्ची बात यहाँ।तंज़ सभी के सहता हूँ।।मिट्टी की इस दुनिया में।मिट्टी जैसे रहता हूँ।।जैसे को तैसा मिलता।सच यह सबको कहता हूँ।।तल्ख़ हक़ीक़त दुनिया की।रोज ग़ज़ल में कहता हूँ।। मौलिक व अप्रकाशितSee More
Mar 14
surender insan commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post सच की झूठी जिल्दकारी क्या करूँ ..
"ग़ज़ल का बहुत अच्छा प्रयास किया आपने बहुत बहुत बधाई हो।"
Mar 13
surender insan commented on Hariom Shrivastava's blog post सरसी छंद - "अरुणोदय"
"वाह जी वाह बहुत अच्छे सरसी छंद लिखे आपने ।बहुत बहुत बधाई। सादर नमन जी।"
Mar 13
surender insan commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post खामियाजा ( लघु कथा )
"बहुत बढ़िया जी । सार्थक रचना की बधाई हो ।"
Dec 13, 2018
surender insan commented on surender insan's blog post "किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"
"जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय राज नवादवी साहब। सादर नमन।"
Dec 13, 2018
surender insan commented on surender insan's blog post "किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"
"जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब। सादर नमन जी।"
Dec 13, 2018
surender insan commented on surender insan's blog post "किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"
"जी आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमन। बहुत बहुत शुक्रिया आपका। वह मिसरा बदल दिया है देखियेगा। सादर जी।"
Dec 13, 2018
surender insan commented on surender insan's blog post "किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"
"जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय तेजवीर जी । सादर नमन।"
Dec 13, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

Surender insan's Blog

दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।

वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।

बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।

ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।

ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।

लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।

जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।

हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।

मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।

इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।

थोड़े से भी हो…

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Posted on April 4, 2019 at 2:30pm — 6 Comments

"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

 1222 1222 1222


सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on December 11, 2018 at 4:30pm — 14 Comments

"गर अदब में नाम की दरकार है"

2122 2122 212

गर अदब में नाम की दरकार है।

तो ग़ज़ल कोई नयी दरकार है।।

तू किसी को देख ले ग़मगीन तो।

आँख में तेरी नमी दरकार है।।

प्यार करते हो मुझे तुम भी अगर

इक नज़र चाहत भरी दरकार है।।



एक दूजे पे हमेशा हो यकीं।

दोस्ती में बस यही दरकार है।।

ये अँधेरा दूर होगा एक दिन।

इल्म की बस रौशनी दरकार है।।

बात सच्ची ही कहें हर शेर में।

शाइरी में ये रही दरकार है।।

तुम बढ़ा…

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Posted on October 1, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

"दर्द वो इस तरह छुपाता है"

2122 1212 22

हर समय खूब मुस्कुराता है।

दर्द वो इस तरह छुपाता है।।

वक़्त अच्छा बुरा जो आता है।

कुछ न कुछ तो सबक सिखाता है।।

दोस्त सच्चा उसे कहा जाता।

साथ जो हर कदम निभाता है।।

वो सकूँ से कभी नहीं रहता।

दिल किसी का भी जो दुखाता है।।

एक दिन ख़ुद मज़ाक बनता वो।

जो किसी का मज़ाक उड़ाता…

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Posted on July 24, 2018 at 9:00pm — 8 Comments

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At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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