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surender insan
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surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"वाह वाह वाह। बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है आदरणीय दिली मुबारक़बाद कबूल करे जी। सादर नमन जी।"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"बहुत बढ़िया ग़ज़ल दिनेश भाई ।बधाई स्वीकार करे जी।"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"मैं अपने हिस्से की उसको सारी ख़ुशियाँ दे दूँगा यार कभी अपना ग़म लेकर मेरे दर पर आए तो गीत,ग़ज़ल हो या चौपाई ,सबका अपना लहजा है ये सब अच्छे लगते हैं जब सुर में कोई गाए तो यार 'मुज़फ़्फ़र हनफ़ी' सब कुछ बाद में समझा देना तुम "पहले ये बतलादो…"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"बहुत बहुत आभार आपका आदरणीय।"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"आदरणीय दिलबाग जी सादर नमन जी। ग़ज़ल का बहुत अच्छा प्रयास हुआ है जी। पागल आवारा ठहरा, दूजा तन्हा तन्हा है दोनों पूरे होंगे, दरिया सागर से मिल जाए तो । वाह वाह वाह आखरी शेर बहुत पसंद आया जी। बहुत बहुत बधाई हो जी।"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"वो ख़्वाबों में ही आए पर मुझसे मिलने आए तो। कैसे भी किसी सूरत मुझसे अपना प्यार जताए तो।। हम भी करदें इज़हार मगर रुक जाते हैं सोच यही। पहले वो भी हमको अपने दिल की बात बताए तो।। वार अगर सीने पर हो तो हम सह लेंगे कैसे…"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"आदरणीय नीलेश जी सादर नमन जी। बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है जी बधाई स्वीकार करे जी। ग़ज़ल पर सबकी टिप्पणियां भी पढ़ी है। आदरणीय एक बात जानकारी के लिए पूछनी है।। सही शब्द मेरे आगोश होगा या मेरी आगोश जी? या दोनों सही होंगे जी? बारे बताये जी।"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"जनाब नादिर साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास बहुत अच्छा ह्आ है,इसके लिए बधाई स्वीकार करें जी। आदरणीय गुणीजनों की बातों पर गौर कीजियेगा। सादर जी"
Oct 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"दुनिया मुझसे रोशन है वो अदना जुगनू कहता है नाम बदल लें हम अपना सूरज से आँख मिलाए तो वाह बहुत उम्दा जी दीदी। बहुत बढ़िया ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई हो जी।"
Oct 27
surender insan commented on SALIM RAZA REWA's blog post सबसे बड़ी रदीफ़ में ग़ज़ल का प्रयास, सिर्फ रदीफ़ और क़ाफ़िया में पूरी ग़ज़ल - सलीम रज़ा रीवा
"बिना समझे न ढूंढो ऐब मेरी शायरी में तुम। सुख़न की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ।। वाह जी वाह बहुत उम्दा जी। बहुत अच्छी ग़ज़ल के लिए दिली मुबारक़ बाद कबूल करे जी। आदरणीय एक बात जानकारी के लिए पूछ रहा हूँ जी। रदीफ़ के तीन प्रकार अभी तक पता है। छोटी…"
Oct 20
surender insan posted a blog post

ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"

2122 2122 2122रोज जीना रोज मरना है सिखाया।मुफ़लिसी ने पाठ ये अच्छा पढ़ाया।।दोस्ती का अस्ल मतलब यूँ बताया।हर कदम उसने सही रस्ता दिखाया।।बाँटना दुख सुख कभी मुझको न आया।हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया।।ख़ुद ब ख़ुद इक दिन इशारे से बुलाया।प्यार अपना इस तरह उसने जताया।।वो भरोसा प्यार में करता कभी तो।क्यो मुझे हर बार उसने आज़माया।।मौलिक व अप्रकाशितSee More
Oct 18
surender insan commented on surender insan's blog post ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"
"मोहतरम समर कबीर साहब आदाब। बहुत बहुत आभार आपका जी आपके सुझाव अनुसार बदलाव करूंगा जी। बहुत बहुत शुक्रिया जी सादर नमन जी।"
Oct 16
surender insan commented on surender insan's blog post ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"
"आदरणीय salim raza rewa जी बहुत बहुत आभार आपका ।सादर नमन जी।"
Oct 16
surender insan commented on surender insan's blog post ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी बहुत बहुत आभार जी ।सादर नमन जी।"
Oct 16
Samar kabeer commented on surender insan's blog post ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । पहले मतले का सानी मिसरा अगर यूँ कर लें तो कथ्य और रवानी बढ़ जायेगी:- 'मुफ़लिसी ने पाठ ये अच्छा पढ़ाया'"
Oct 15
SALIM RAZA REWA commented on surender insan's blog post ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"
"ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई."
Oct 15

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

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ग़ज़ल "हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया"

2122 2122 2122

रोज जीना रोज मरना है सिखाया।
मुफ़लिसी ने पाठ ये अच्छा पढ़ाया।।

दोस्ती का अस्ल मतलब यूँ बताया।
हर कदम उसने सही रस्ता दिखाया।।

बाँटना दुख सुख कभी मुझको न आया।
हाल-ए-दिल अपना कभी मैं कह न पाया।।

ख़ुद ब ख़ुद इक दिन इशारे से बुलाया।
प्यार अपना इस तरह उसने जताया।।

वो भरोसा प्यार में करता कभी तो।
क्यो मुझे हर बार उसने आज़माया।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on October 14, 2017 at 8:30pm — 8 Comments

ग़ज़ल "जिन्दगी इक अज़ब पहेली है"

2122 1212 22

ख़ुद उलझती है ख़ुद सुलझती है।

जिन्दगी इक अज़ब पहेली है।।



साथ तेरा मुझे मिला जबसे।

जिन्दगी मेरी मुस्कुराती है।।



सब्र करना व भूख से लड़ना।

मुफ़लिसी क्या नहीं सिखाती है।।



मैं बहुत चाहने लगा तुझको।

हर ग़ज़ल मेरी ये बताती है।।



बात कोई चुभे अगर दिल को।

तब ग़ज़ल ख़ुद मुझे बुलाती है।।



दुख घुटन दर्द आह मजबूरी।

ज़िन्दगी की यही कहानी है।।



मुस्कुराती हुई तेरी तस्वीर।

पास मेरे तेरी… Continue

Posted on October 6, 2017 at 2:32pm — 20 Comments

ग़ज़ल " जिंदगी से जी भर गया कब का "

2122 1212 22

ज़िन्दगी,जी तो भर गया कब का।
टूट कर मैं बिखर गया कब का ।।

***
इक मुहब्बत का था नशा मुझको।
वो नशा भी उतर गया कब का।।
***
चाहता था तुझे दिल-ओ-जां से।
वक़्त वो तो गुज़र गया कब का।।

***
देख हालत नशे के मारों की।
ख़ुद-ब-ख़ुद वो सुधर गया कब का।।

***
देख कर छल फ़रेब दुनिया के।
एक "इंसान" मर गया कब का।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on August 9, 2017 at 5:00pm — 16 Comments

ग़ज़ल "दिखाना ख़्वाब यूँ अच्छा नहीं है"

1222 1222 122

दिखाना ख़्वाब यूँ अच्छा नहीं है।

फ़क़त बातों से कुछ होता नहीं है।।



***

बुरा अंजाम होता है बुरे का।

ख़ुदा से कुछ भी तो छुपता नहीं है।।



***

कई धोख़े मिले हैं जिंदगी में।

किसी पर अब यकीं होता नहीं है।।



***

मुहब्बत में मुझे इक बेवफा ने।

दिया वो जख़्म जो भरता नहीं है।।



***

यकीं कोई न अब उस पर करेगा।

वो अपनी बात पर टिकता नहीं है।।



***

उसे है याद बातें सब पुरानी।

मगर अब गाँव वो… Continue

Posted on August 3, 2017 at 9:54am — 21 Comments

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At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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