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Sheikh Shahzad Usmani
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Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

'बेसुरे सुर-ताल' (लघुकथा) :

"न बाबा, तुम भले इसे बस्ता या स्कूल-बैग कह लो; लेकिन मेरी नज़र में यह बालक के कंधे पर समय का बोझ है! समय-चक्र की मार!" सड़क पर स्कूल से घर लौटते एक बालक के बोझिल झुके कंधे देखकर मिर्ज़ा जी ने अपने दोस्त राजवीर मासाब से कहा।"भाईजान, समय के साथ हमें और विद्यार्थियों को चलना ही पड़ेगा। हमारे, उनके और मुल्क के हालात अपनी जगह और ज़माने के साथ हमारी लय-ताल अपनी जगह!""हा हा हा.. लय-ताल! ... या पाठ्यक्रमों का सुनियोजित बवाल! नई आयातित शिक्षण-पद्धतियों के सागर या सुर-ताल। न तैराक शिक्षक-प्रशिक्षक हैं,…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post अनकहा रिश्ता (लघुकथा)
"आदाब। डायरी शैली में बहुत बढ़िया रचना हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया कल्पना भट्ट 'रौनक' साहिबा।"
Monday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Rahila's blog post सुनो..!
"आदाब। बहुत बढ़िया उम्दा लेखनी/रचना हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया राहिला आसिफ़ साहिबा।"
Monday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post कुछ हाइकु (23 जनवरी तिथि पर)
"आदाब। मेरी इन रचनाओं पर समय देकर अनुमोदन और मेरी हौसला अफ़ज़ाई हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीय लक्ष्मण धामी ''मुसाफ़िर" साहिब, जनाब समर कबीर साहिब और  जनाब महेंद्र कुमार साहिब।"
Feb 12
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'तेरे-मेरे मन की बातें' (लघुकथा)
"आदाब। मेरी इस लघुकथा पर समय देकर अवलोकन और मेरी हौसला अफ़ज़ाई व विचार साझा करने हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समय कबीर साहिब और जनाब अमित कुमार'अमित' साहिब।"
Feb 12
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"मेरी इस रचना पर भी आपकी उपस्थिति व टिप्पणी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण और प्रोत्साहक है। हार्दिक धन्यवाद आदरणीय दयाराम मेठानी साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह। रचना द्वारा बेहतरीन प्रतिक्रिया और हौसला अफ़ज़ाई हेतु बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब अशोक कुमार रक्ताले साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"इस रचना पर भी आपकी उपस्थिति, अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"जी बिल्कुल। बहुत-बहुत शुक्रिया उपस्थिति और प्रोत्साहन हेतु आदरणीय मिथिलेश वामनकर साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"बहुत ख़ूब। यह तीसरी प्रस्तुति भी बहुत बढ़िया रही। प्रकृति चक्र के सभी सदस्यों में प्रेमभाव प्रेरित करती रचना हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया कल्पना भट्ट साहिबा।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदाब। बहुत ख़ूब। असीम भाव कहे-अनकहे में सम्प्रेषित करती बढ़िया क्षणिकाओं हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया कंचन अपराजिता साहिबा।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदाब। आपकी उपस्थिति की ही प्रतीक्षा थी। आपकी उपस्थिति, सुझाव व हौसला अफ़ज़ाई भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय सर श्री योगराज प्रभाकर साहिब। मेरी दूसरी, छंदाधारित रचना पृष्ठ 76-77 पर अंत में हाइकु अभ्यास हैं । कृपया…"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"इस रचना पर समय देकर प्रोत्साहित करने हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीय मिथिलेश वामनकर साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
" हम आपके  व मंच के विद्यार्थी हैं आदरणीय सर‌ जी।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदाब। मेरी इन अभ्यास रचनाओं पर भी अपना अमूल्य समय देकर मेरी यूं हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब मिथिलेश वामनकर साहिब।"
Feb 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"मेरी इस तीसरी प्रविष्ठि पर आपकी पहली व प्रोत्साहक टिप्पणी हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कल्पना भट्ट साहिबा।"
Feb 11

Profile Information

Gender
Male
City State
Shivpuri M.P.
Native Place
Shivpuri
Profession
Radio Announcer
About me
A Private School- teacher, Freelancer and a Casual Radio Announcer. Simlple living, high thinking, fond of reading and writing.

Sheikh Shahzad Usmani's Blog

'बेसुरे सुर-ताल' (लघुकथा) :

"न बाबा, तुम भले इसे बस्ता या स्कूल-बैग कह लो; लेकिन मेरी नज़र में यह बालक के कंधे पर समय का बोझ है! समय-चक्र की मार!" सड़क पर स्कूल से घर लौटते एक बालक के बोझिल झुके कंधे देखकर मिर्ज़ा जी ने अपने दोस्त राजवीर मासाब से कहा।

"भाईजान, समय के साथ हमें और विद्यार्थियों को चलना ही पड़ेगा। हमारे, उनके और मुल्क के हालात अपनी जगह और ज़माने के साथ हमारी लय-ताल अपनी जगह!"

"हा हा हा.. लय-ताल! ... या पाठ्यक्रमों का सुनियोजित बवाल! नई आयातित शिक्षण-पद्धतियों के सागर या सुर-ताल। न तैराक…

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Posted on February 18, 2019 at 8:00pm

'तेरे-मेरे मन की बातें' (लघुकथा)

"तुम भी सिर्फ़ एक क़िताबी कीड़े ही हो! कभी तुमने अपनी सूरत आइने में देखी है? कभी किसी ने तुम्हारी सूरत पर कोई अच्छी सी टिप्पणी की है?"

"क्या मतलब?"

"मतलब यह कि न तो तुम्हारी सूरत देखकर मुझे ख़ुशी मिलती है, न ही तुम्हारी बातें सुनकर! तुम्हारे दिलो-दिमाग़ की सीमाएं नापी जा सकती हैं! तुम ज्ञानी ज़रूर हो, लेकिन तुम भी मेरे किसी काम के नहीं?"

"काम का कैसे नहीं हूं? बताओ क्या सुनना है मुझसे? कहानी, लघुकथा, कविता, इतिहास, नीति-शास्त्र, राजनीति या धर्म संबंधी?"

"वह सब तू…

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Posted on February 4, 2019 at 12:00am — 3 Comments

हाइकु (हिंसा-अहिंसा पर)

स्वार्थ बाधित

अहिंसा का अस्तित्व

पशुतावाद

**

हिंसा सिखाती

है स्वार्थलोलुपता-

वेदनाहीन

**

हिंसा की धाक

गांधीगीरी मज़ाक

व्यापारिकता

***

सह-अस्तित्व

हिंसा-आधुनिकता

धन-प्रभुत्व

**

लुप्त अस्तित्व…

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Posted on January 29, 2019 at 7:30pm — 5 Comments

कुछ हाइकु (23 जनवरी तिथि पर)

कुछ हाइकु :



1-

तेजस्वी नेता

ख़ून दो, आज़ादी लो

सदी-आह्वान

2-

नेताजी बोस

तेईस जनवरी

क्रांति उद्भव

3-

सच्चाई, फ़र्ज़

जीवन-बलिदान

बोस-आह्वान

4-

शहीद-मौत

स्वतंत्रता-मार्ग

इच्छा-शक्ति से

5-

शक्ति-संचार

असली राष्ट्रवाद

बोस-चिंतन

6-



नेताजी बोस

सैनिक आध्यात्मिक

भक्ति…

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Posted on January 22, 2019 at 8:06pm — 4 Comments

Comment Wall (13 comments)

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At 12:50am on October 5, 2018, mirza javed baig said…

आली जनाब शहज़ाद उस्मानी साहिब आदाब, 

मुझे अपनी दोस्तों की फ़ेहरिस्त में जोड़ने का शुक्रिया 

At 6:43am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

"आदरणीय Sheikh Usmani साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर "

At 11:59am on April 12, 2018, MD SHAFIQUE ASHRAF said…

जी बहूत  बहुत शुक्रिया जनाब ... नया हूँ .... थोड़ा सीखने का मौका दीजिये  

At 10:23am on January 8, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय शेख भाई जी आपके मित्रों की सूची में खुद को शामिल पाकर मैं सुखद अनुभूति कर रहा हूँ आपकी लघु कथाएं इस मंच पर मेरे बिशेष आकर्षण का केंद्र है आपकी हर लघु कथा मैं पढता हूँ आपकी कलम सृजन के नए आयाम स्थापित करती रहे ऐसी अपनी शुभकामनाओं के साथ सादर
At 8:23pm on August 5, 2016, pratibha pande said…

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ  आदरणीय उस्मानी जी  ,आपका रचनाकर्म हर दिन नई बुलंदियां छुएँ ,ये कामना करती हूँ 

At 7:30am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
श्रद्धेय शेख शहजाद उस्मानी साहब ये सब तो आप जैसे मित्रों के सहयोग से ही हुआ है और आशा करता हूं कि भविष्य में भी मेरा मार्गदर्शन करते रहेंगे। हृदय की गहराईयों से धन्यवाद ।
At 8:42am on May 24, 2016, महिमा वर्मा said…

आभार आपका आ.शेख उस्मानी सर जी,अभी जानकारी  पूरी नहीं है ,तो आपको जवाब देने में देर हो गई.पुनः आभार आपका .

At 2:11pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

मित्रता के लिए आभार 

At 8:41am on November 18, 2015, pratibha pande said…

हार्दिक आभार आपका आदरणीय 

At 9:27am on November 4, 2015, kanta roy said…

देखी वफ़ा-ए-फ़ुरसत-ए-रंज-ओ-निशात-ए-दहर

ख़मियाज़ा यक दराज़ी-ए-उमर-ए-ख़ुमार था---- 

मिर्ज़ा ग़ालिब साहब का ये शेर आज आपके लिए
असीम शुभकामनाएँ आपको आदरणीय शहजाद जी।

 

 
 
 

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