For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पुस्तक समीक्षा

Information

पुस्तक समीक्षा

इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |

Location: Vishva
Members: 99
Latest Activity: Apr 1

Discussion Forum

पुस्तक समीक्षा : लक्ष्मण की कुण्डलियाँ 3 Replies

समीक्षक : अशोक कुमार रक्ताले.       आदरणीय लक्ष्मण रामानुज लड़ीवाला जी कविताई तो लम्बे समय से कर रहे हैं किन्तु उन्होंने छंद रचनाएं करना पिछले कुछ वर्षों से ही प्रारंभ किया है और कुछ ही वर्षों में उन्होंने अपनी रचनाओं को इतना परिष्कृत कर लिया है की…Continue

Started by Ashok Kumar Raktale. Last reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Mar 17.

‘पृथ्वी के छोर पर’- अभियान और अनुभूति का एक रोमांचक दस्तावेज - डॉ0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

हिन्दी साहित्य की गद्याधारित विधाओं में नाटक, उपन्यास, कहानी और निबंध के बाद जीवनी आत्म-कथा, संस्मरण, यात्रा वृत्तांत, रहस्य-रोमांच के इतिवृत्त और रेखाचित्र का विशेष स्थान है और इन इतर विधाओं को एक ही पुस्तक में ढाल देने  जैसे  जादुई करिश्मे का नाम…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Mar 16.

"कुंडलिया छंद के नये शिखर" संकलन की समीक्षा 2 Replies

 श्री त्रिलोक सिंह ठकुरेला जी द्वारा सम्पादित “कुंडलिया छंद के नये शिखर” में 14 कुण्डलियाकारों के कुंडलिया छंद है | इन छन्दों के बारे में प्रोफ. सोम ठाकुर ने इस पुस्तक पर अपने राय में ये उद्गार प्रकट किये है “कुंडलिया छंद के के इस संकलन में…Continue

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला. Last reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Dec 19, 2016.

समीक्षा : “अब किसे भारत कहें” एक कुण्डलिया छंद संग्रह.

  “अब किसे भारत कहें” नाम देखकर तो लगा न था की यह कोई कुण्डलिया संग्रह होगा. किन्तु यह डॉ. रमाकांत सोनी जी का जुलाई-१६ में प्रकाशित कुण्डलिया संग्रह है.           डॉ. रमाकांत सोनी जी की अब तक छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. सर्व प्रथम प्रकाशित…Continue

Tags: कहें, भारत, किसे, अब

Started by Ashok Kumar Raktale Nov 24, 2016.

छन्द काव्य संकलन ”करते शब्द प्रहार“ पुस्तक के विमोचन पर उदगार - 4 Replies

दिनांक 12 अक्तूबर, 2016 को छन्द काव्य संग्रह “करते शब्द प्रहार” पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कलानाथ जी शास्त्री में कहाँ कि दोहों में जितनी मारक क्षमता होती है उतनी गंभीरता से दोहे नहीं लिखे जा रहे | उन्होंने स्पष्ट किया कि “सतसैया के दोहरा जो…Continue

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला. Last reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Oct 27, 2016.

सार्थक प्रस्तुतीकरण हेतु सोच को भी संश्लेषित होना होता है // -सौरभ

युवा कवि अरविन्द की कई कविताओं से गुजरने का संयोग बना है। ऐसे किसी संयोग का बनना मेरे जैसों के लिए सौभाग्य है। आजके कवियों की अंतर्दशा और व्यवहार-दशा दोनों को निकट से बूझने की एक माक़ूल गुंजाइश बनती है। साथ ही, ग़ुज़रते दौर पर एक दृष्टि भी बनी रहती है।…Continue

Started by Saurabh Pandey Sep 14, 2016.

छन्दों के प्रति उत्कट आग्रह के साथ सतत क्रियाशील रहना कई अर्थों में महत्त्वपूर्ण है 3 Replies

सार्थक रचनाकर्म शाब्दिक अभिव्यक्ति मात्र नहीं होता, बल्कि यह एक सुगढ़ काव्य-अनुशासित भाव-संप्रेषण है । रचनाकर्म भावुक किन्तु आग्रही अभिव्यक्तियों के बावज़ूद काव्य-अनुशासन से जितनी दूर जाता है, उतना ही दुरूह और क्षणभंगुर होता जाता है । पद्य-रचनाओं को…Continue

Started by Saurabh Pandey. Last reply by C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" Sep 3, 2016.

ज़हीर कुरेशी की ग़ज़लें विविध आयामी सोच तथा भाषायी व्यवहार के कारण ही नयी ऊँचाइयाँ तय कर पाती हैं // --सौरभ

कई विधाएँ, विशेषकर पद्य विधाएँ हैं, जो भाषा विशेष की गोद में जन्म अवश्य लेती हैं, और तदनुरूप पल्लवित भी होती हैं । परन्तु, कालांतर में अपनी अर्थवत्ता और संप्रेष्य गुणों के कारण अपने विशिष्ट भूभाग और भाषा विशेष की सीमाओं को फलांगती हुई अन्यान्य…Continue

Started by Saurabh Pandey Jul 19, 2016.

"काँवर" श्रवण कुमार की: कान्ता रॉय

कांवर श्रवण कुमार कीलेखक :  देवेन्द्र दीपकडी-15,शालीमार गार्डनकोलार रोड ,भोपाल -42.प्रकाशक : सस्ता साहित्य मण्डल प्रकाशनएन -77,कनाट सर्कस ,नई दिल्ली -110001ISBN : 978-81-7309-854-3 (PB)प्रथम संस्करण :2015मूल्य : 80/- मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के…Continue

Started by kanta roy Jul 8, 2016.

स्तुत्य, सम्यक, सरस,सुगन्धित पुष्प वल्लरी है ‘काल है संक्रांति का’ (आचार्य संजीव सलिल जी की पुस्तक समीक्षा )

हमारे वेद शास्त्रों में कहा गया है “छन्दः पादौ वेदस्य” अर्थात छंद वेद के पाँव हैं |यदि गद्य की कसौटी व्याकरण है तो कविताओं की  कसौटी छंद है|कवि  के मन के भाव यदि छंदों का कलेवर पा जाएँ तो पाठक के लिए हृदय ग्राही और स्तुत्य हो जाते हैं | आज ऐसी ही…Continue

Started by rajesh kumari Jul 3, 2016.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"अच्छी ग़ज़ल से मुशायरे का आग़ाज़ किया है आपने आदरणीय रिज़वान जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
1 minute ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"सादर धन्यवाद आदरणीय।"
2 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
" आदरणीय अशफाक अली जी.उम्दा शायरी के लिए मुबारकबाद "
15 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय नादिर खान जी आदाब, हर शे'र उम्दा , बेजोड़ । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद…"
16 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरनीय नयाब साहिब, सुंदर ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें "
17 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरनीय अजय जी, बहुत सुंदर ग़ज़ल , बधाई कुबूल करें "
20 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"ग़मे हयात के शामो सहर से निकला थाजो एक अश्क मेरी चश्मे तर से निकला था ...शानदार मतला है…"
51 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"फ़कीर तू था सियासत में फिर बता कैसे,निशातो ऐश का सामान घर से निकला था।मक़ाम जिसने किया है समाअतों में…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"aapki nawazish hai janaab"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"Shukriya Dhami ji"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"Shukriya ji"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"Abhar Hashmi Sahab"
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service