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पुस्तक समीक्षा Discussions (91)

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Featured Discussions

''परों को खोलते हुए'' की काव्यात्मक समीक्षा....................आदित्य चतुर्वेदी........समीक्षक

''परों को खोलते हुए'' की काव्यात्मक समीक्षा....................आदित्य चतुर्वेदी........समीक्षक //1// देखिए तीस परों को खोलते हुएअक्षर-अक्ष…

Started by aditya chaturvediLatest Reply

''छन्द काव्यामृत"...-----------------.रचनाकार- डा0 आशुतोष बाजपेयी

!!! पुस्तक समीक्षा !!! ''छन्द काव्यामृत"..... ............पारंपरिक छन्द विधाओं का परिपालन करते हुए सरस, सहज और धारा प्रवाह विचार, बोधगम्य…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'Latest Reply

Discussions Replies Latest Activity

“सीता सोचती थीं ” लेखक डा अशोक शर्मा एक पाठकीय समीक्षा / शुभ्रांशु पाण्डेय

“सीता सोचती थीं ” लेखक डा अशोक शर्मा एक पाठकीय समीक्षा राम-कथा भारतीयों के जीवन का हिस्सा है और अधिकांश लोग इस कथा को तुलसीदास और वाल्मीकि…

Started by Shubhranshu Pandey

0 Jan 20

आधी जली हुई सिगरेट

पुस्तक : जाति कोई अफ़वाह नहीं (रोहित वेमुला की आॅनलाइन डायरी)  लेखक : रोहित वेमुला अनुवादक : राजेश कुमार झा संपादक : निखिला हेनरी प्रकाशक :…

Started by Mahendra Kumar

2 Dec 17, 2017
Reply by Mahendra Kumar

समीक्षा :"अतल रतन अनमोल" दोहा संग्रह

समीक्षा पुस्तक : अतल रतन अनमोल दोहाकार : जी. पी. पारीक प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर (राज.) मूल्य : रु. १२०/-     भावों ने पहनी सहज, मृदु श…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Nov 29, 2017

मातृ धर्म से मानव धर्म की राह बताता उपन्यास " श्याम की माँ "

पुस्तक - श्याम की माँ लेखक - साने गुरूजी अनुवादक - संध्या पेडणेकर प्रकाशक - प्रभात प्रकाशन मूल्य - ४०० रुपए संस्करण - २०१७ ----------------…

Started by shashi bansal

0 Nov 5, 2017

पृथ्वी के छोर पर ; लेखक – शरदिन्दु मुखर्जी : एक पाठकीय टिप्पणी -- शुभ्रांशु पाण्डेय

   बहुत दिनों से इस पुस्तक के बारे में लिखना चाह रहा था जोकि संस्मरण विधा की एक अनुपम कृति की तरह सामने आयी है. मै शरदिन्दु मुखर्जी की पुस्…

Started by Shubhranshu Pandey

0 Oct 24, 2017

ज़िन्दगी से जुड़ी व ज़िन्दगी से जोड़ती राजेश कुमारी की लघुकथाएं

पुस्तक-   ‘गुल्लक’ (लघुकथा संग्रह) लेखिका-   राजेश कुमारी प्रकाशक-  अंजुमन प्रकाशन, इलाहाबाद मूल्य-    140-00 रू. ------------------------…

Started by Ravi Prabhakar

28 Oct 10, 2017
Reply by Ravi Prabhakar

सदस्य कार्यकारिणी

ग़ज़ल संग्रह “डाली गुलाब पहने हुए” : मेरे विचार

                      आज राजेश कुमारी ‘राज’ जी का ग़ज़ल संग्रह “डाली गुलाब पहने हुए” प्राप्त हुआ जिसे प्रकाशित किया है अंजुमन प्रकाशन ने l…

Started by मिथिलेश वामनकर

2 Oct 4, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

समीक्षा : 'मन में भरो उजास'

“मन में भरो उजास” – कुण्डलिया छंद संग्रह छंदकार – सुभाष मित्तल ‘सत्यम्’ प्रकाशक – बोधि प्रकाशन, जयपुर. (राज.) मूल्य – रुपये 150/-   “बदलते…

Started by Ashok Kumar Raktale

1 Sep 20, 2017
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

रश्मि शर्मा का कविता संग्रह : ' मन हुआ पलाश'

कृति‍ : मन हुआ पलाश   लेखिका : रश्मि शर्मा   वि‍धा : काव्‍य   मूल्‍य : 320 रुपये   प्रकाशक : अयन प्रकाशन , नई दि‍ल्‍ली   मन के पलाश की तला…

Started by डॉ.लक्ष्मी कान्त शर्मा

0 Sep 4, 2017

शफ़क--राजकुमारी नायक का कविता संग्रह

श्रीमती राजकुमारी नायक का काव्य संग्रह शफ़क  जब हमारी लेखिका संघ की अध्यक्षा आ. अनिता सक्सेना जी ने मुझे सौंपा तो यह मेरे लिए एक नई चुनौती ल…

Started by नयना(आरती)कानिटकर

0 Aug 23, 2017

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"आदरणीय कबीर सर सादर नमन । सबसे पहले आपके स्वस्थ रहने की दुआ करता हूँ । आपके बिना ओबीओ सूना हो जाता…"
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"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है।बधाई स्वीकारें"
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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"थोड़ा बहुत समझ रहा हूँ आदरणीय समर कबीर जी..कोशिश करता हूँ कुछ बदलाव कर सकूँ।तहेदिल से शुक्रिया आपका.."
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Samar kabeer commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"आली जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब,सोचने पर मजबूर करती उलझे सवालों की इस बहतरीन कविता के लिए दिल से बधाई…"
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"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,कम शब्दों में सशक्त प्रस्तुति,इस लघुकथा पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।"
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"जनाब पीयूष जी आदाब,बढ़िया सरसी छन्द,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
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"जी बहना ।"
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Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल- समझा हूँ तेरे हुस्न के ज़ेरे ज़बर को में
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, "ग़ालिब'की ज़मीन में ग़ज़ल का प्रयास अभी और समय चाहता है,कई…"
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KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एक और रत्नाकर(लघुकथा)
"भाई पहले अपनी तबियत देखिये| कृपया अपना ख्याल रखें आ समर भाई जी|"
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Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एक और रत्नाकर(लघुकथा)
"बहना पूरी तरह स्वस्थ नहीं हूँ,बस इतना है कि अपने परिवार की सेवा में हाज़िर हो गया हूँ ।"
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