For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Chetan Prakash
Share

Chetan Prakash's Friends

  • Rupam kumar -'मीत'
  • sunanda jha

Chetan Prakash's Groups

 

Chetan Prakash's Page

Latest Activity

Chetan Prakash joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के इच्‍छुक है वो यह ग्रुप ज्वाइन कर लें |धन्यवाद |See More
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"2 1 2 2 2 1 2 2 2 1 2 2 2 1 2 आदमी हूँ तुम समझ लो नींद आनी चाहिए सारे मसले फिर हुय़े हैं, फाँस जानी चाहिए शायरी से दर्द का रिश्ता पुराना है,मगर तीरगी में भी होनी तो जिंदगानी चाहिए बिन मुहब्बत हमनवा सुन जिन्दगी होगी नहीं चाहते हैं हम सभी को अक्ल आनी…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"2 1 2 2 2 1 2 2 2 1 2 2 2 1 2 आदमी हूँ तुम समझ लो नींद आनी चाहिए सारे मसले फिर हुय़े हैं, फाँस जानी चाहिए शायरी से दर्द का रिश्ता पुराना है,मगर तीरगी में भी होनी तो जिंदगानी चाहिए बिन मुहब्बत हमनवा सुन जिन्दगी होगी नहीं चाहते हैं हम सभी को अक्ल आनी…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"कमाल....धमाल, बड़ी तसल्ली से लिखी गई ग़जल है। क्या गिरह लगाई है, जनाब ! खुदा सलामत रखे !"
yesterday
Samar kabeer commented on Chetan Prakash's blog post ग़ज़ल
"जनाब चेतन प्रकाश जी आदाब, आपकी ग़ज़ल क़वाफ़ी,मिसरों के रब्त,और बह्र पर अभी समय चाहती है,बहरहाल इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'आग़ाज मुहब्बत का तो मुश्किल भी नहीं है आजन्म बँधा भारती हूँ, कल भी नहीं है' इस मतले के ऊला में क़ाफ़िया…"
Oct 13
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"अवसर......कविता अवसर.... जीवन में जीवन में बार-बार नहीं आते... परन्तु यह सच है कि द्वन्द साथ भी लाते हैं यह सार्वकालिक सत्य है या कहूँ ध्रुव सत्य है कि अवसर चुनौती के वाहक हैं और कई विकल्पों में से एक चुनने का दवाब सदैव अवसर के मुँह बायें खड़़ा…"
Oct 10
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"कुण्डलिया ः अवसर अवसर .मिलता .जब उसे, करता .है .वो वार । कूट नीति .खाद्य .जिसकी, चालाकी अवतार।। चालाकी ...अवतार, फिरे ..जब.. वोट ...माँगता । झुक- झुक जाता द्वार, खाक दर ब दर छानता।। कह.. चेतन ..कविराय, विकल पसीने तर ब तर। नेता .माँगे. वोट, है जन -…"
Oct 10
Chetan Prakash joined Admin's group
Thumbnail

English Literature

You can write English literature in this Group.See More
Oct 9
Chetan Prakash posted blog posts
Oct 7
Chetan Prakash commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मगर होता नहीं दिखता - गजल
"ग़जल छोटी हो, लेकिन सरोकारों को आगे रखकर लिखी जाए तो श्रोता अथवा पाठक गद्-गद् हो जाता है, मेरी मनःस्थिति भी ग़ज़ल पढ़ते हुए कदाचित ऐसी ही थी। ग़जलकार श्री बसंत कुमार शर्मा को हृदय-तल से मेरी बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाए एतद्वारा प्रस्तुत हैं।"
Oct 5
Chetan Prakash commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (न यूँ दर-दर भटकते हम...)
"बह्रे हज़ज मुसम्मन सालिम में कही गयी साफ-सुथरी बढ़िया ग़ज़ल, वाह क्या कहने, बधाई शायर 'अमीर' साहब को !"
Oct 5
Chetan Prakash commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जन के हाथों थमी थालियाँ - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"कृपया बधाई, स्वीकार करे, पढ़े।"
Oct 5
Chetan Prakash commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जन के हाथों थमी थालियाँ - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"समसामयिक परिदृश्य पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बंधुवर, लक्ष्मण धामी जी, बझाई स्वीकार करे। दोनों मतले विशेष रूप से सीधे दिल पर दस्तक देते हैं।"
Oct 5
Chetan Prakash commented on सालिक गणवीर's blog post सूखी हुई है आज मगर इक नदी है तू...( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"बढिया साफ सुथरी गज़ल हुई है, बंधुवर सालिक गणवीर महोदय, नाचीज़ की बधाई स्वीकार करें। बस एक जगह तीसरे शेर के सानी मिसरे के पहले हिस्से आप मुझे चूकते दिखाई दिए, आवाज़ "मिरे दर पे" ( 1 2 2 ), मेरी अल्प बुद्धि से "मेरे दर पे" होना…"
Sep 29
Chetan Prakash commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (वो नज़र जो क़यामत की उठने लगी)
"मोहतरम अमीर साहब, आप अच्छे से ग़ज़ल कहते हैं। खुद पर विश्वास रखिए, बस। हाँ बहुत जल्दी, आप असहज हों जाते है। आपको समझना चाहिए हम सब उम्र दराज़ है,पर मुशायरे में प्रतिभागी भी हैं। कोई अपने आपको क़मतर नहीं मानता। सो, आपके साथ हूँ, थोड़ा धैर्य आपको…"
Sep 28
Chetan Prakash commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (वो नज़र जो क़यामत की उठने लगी)
"मोहतरम अमीर साहब, भाई नीलेश जी सही कह रहे है। असल में सारी समस्या ध्वनयात्मक विज्ञान को ठीक से न समझ पाने की है।"
Sep 28

Profile Information

Gender
Male
City State
Baraut
Native Place
Hapur
Profession
Teaching
About me
I'm a poet rather born than made or trained since my childhood

Chetan Prakash's Photos

  • Add Photos
  • View All

Chetan Prakash's Blog

ग़ज़ल

2 2 1 1 2 2 1 1 2 2 1 1 2 2

आग़ाज मुहब्बत का तो मुश्किल भी नहीं है

आजन्म बँधा भारती हूँ, कल भी नहीं है।

क्या हिन्दू मुसलमाँ बना फिरता है ज़माने

जिस देश मिला जन्म वो हलचल भी नही है

आसान नहीं होता जहाँ रोटी का जुटाना

तू मौज मनाता दुखी बिल्कुल भी नहीं है

क़मज़र्फ बने मत कि कमाना नहीँ पड़ता

मुँहजोर  वो औलाद अक़ल बल भी नहीं है

है एक मुसीबत कि निभाने हैं मरासिम

अब वक्त…

Continue

Posted on October 6, 2020 at 6:30pm — 1 Comment

रोटी.....( अतुकांत कविता)

रोटी का जुगाड़

कोरोना काल में

आषाढ़ मास में

कदचित बहुत कठिन रहा

आसान जेठ में भी नहीं था.

पर, प्रयास में नए- नए मुल्ला

अजान उत्साह से पढ रहे थे...

दारु मृत संजीवनी सुरा बन गयी थी

सरकार के लिए भी,

कोरोना पैशैन्ट्स के लिए भी

और, पीने वालों का जोश तो देखने लायक था,

सबकी चाँदी थी...!

आषाढ़ तो बर्बादी रही..

इधर मानसून की बारिश

उधर मज़दूरो की भुखमरी

और, बेरोज़गारी.....

सच, मानो कलेजा मुुँह

को आ गय़ा...!…

Continue

Posted on July 11, 2020 at 1:00pm

हादसा

बाबू राम नाथ पचहत्तर पार कर चुके हैं। शरीर अब जवाब देने लगा है। अभी कई दिन पहले जरा डाॅक्टर से चैक-अप कराने गये थे कि देर तक धूप में खड़ा रहना पड़ा । घर लौटते तेज़ बुखार हो गया। बेटा संयोग से इस वीक एन्ड पर सपत्नीक चला आया। दोनों बहनें जो अपने बच्चों के गर्मियो की छुट्टियों में आयी हुईं थी।सो डाॅक्टर को घर बुला लाया।

"हीट स्ट्रोक हुआ है', ङाॅक्टर बोला था। दवा दे गया था। अब आराम था। लेकिन कमजोरी बहुत थी। लू मानो सारा खून चूस गई थी। बाथरूम भी मुश्किल से जा पाते थे।



अभी कल…

Continue

Posted on June 30, 2018 at 6:00pm — 14 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:59am on June 27, 2020, Samar kabeer said…

जनाब चेतन प्रकाश जी,ये टिप्पणी आप मुशाइर: में दें,तो मुझे जवाब देने में आसानी होगी ।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
""ओ बी ओ लाइव तरही मुशाइर:"अंक-124 को सफल बनाने के लिये सभी ग़ज़लकारों का हार्दिक आभार व…"
16 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
" बहुत खूब आदरणीया  अंजलि जी .. अच्छी गज़ल के लिए ढेरों मुबारकबाद "
16 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"उम्दा गज़ल की ढेरों मुबारकबाद अदरणीय सालिक गणवीर जी दूसरे शेर पर अच्छी इस्लाह हुयी ...."
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. अमीरुद्दीन अमीर साहब,अपेक्षा थी  कि आप अपनी रचना पर इंगित त्रुटियों को या defend करेंगे या…"
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"धन्यवाद आ. नादिर ख़ान साहब ..लेकिन अफ़सोस है कि चर्चा का रुख़ साहित्य केन्द्रित न हो कर कल्पनाओं को…"
17 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नीलेश जी उम्दा गज़ल  के लिए आपको ढेरों मुबारकबाद, गुणी जनों की चर्चा से हम लोगों…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया।…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया।…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय निलेश जी ख़ाकसार की ग़ज़ल तक आने के लिये आभार। आपको भी आयोजन में सहभागिता हेतु बधाई। "
17 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी कोशिश करेंगे जल्दी आने की लेकिन ... और भी ग़म हैं .........   देर हो जाती है । सादर"
17 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नादिर ख़ान साहब आदाब बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें "
17 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. नादिर खान साहब,अब बिना बात के नुक्ताचीनी तो कर नहीं सकता.. वैसे आप देखते ही होंगे कि मैं टोकने…"
17 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service