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धर्मेन्द्र कुमार सिंह
  • Male
  • Raigarh, CG
  • India
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions

बहर सारिणी
7 Replies

ग़ज़ल की बहरें समझना बहुत टेढ़ी खीर है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि बहर के बारे में जानकारी तो बहुत ज्यादा मिल जाती है अंतर्जाल पर पर कहीं भी व्यवस्थित ढंग से नहीं मिलती। तो जहाँ सूचना ज्यादा हो वहाँ उसको…Continue

Started this discussion. Last reply by Admin Jan 30, 2011.

 

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Page

Latest Activity

धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय dandpani nahak जी"
Nov 3
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी"
Nov 3
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"इस उत्साहवर्द्धन के लिये हृदयतल से शुक्रगुज़ार हूँ आदरणीय  Saurabh Pandey जी। स्नेह बना रहे।"
Nov 3
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया Dr. Geeta Chaudhary जी"
Nov 3
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ जनाब Samar kabeer साहब"
Nov 3
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Sheikh Shahzad Usmani साहब"
Nov 3
dandpani nahak commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी नमस्कार बहुत ही सुन्दर कविता हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें! बहुत ही सुन्दर भाव उम्दा शब्द चयन और सुघड़ता आपने मुग्ध कर दिया ! पुनः बधाई"
Nov 3
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आद0 धर्मेंद्र जी सादर अभिवादन। बेहतरीन भाव पक्ष और विषय को सुघड़ता से शब्दों में बांधने पर आपको कोटिश बधाइयाँ। सादर"
Nov 2

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी, मुखड़े से ही आपने भावों को बाँध लिया है जिसका निर्वहन पूरी रचना में बहुत ही ख़ूबसूरती से हुआ है. साथ ही, मुग्ध करता है, विषय और कथ्य का सुगढ़ सम्मिलन ! हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीय.  हालाँकि, नवगीत के निकष को लेकर कई…"
Nov 2
Dr. Geeta Chaudhary commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार जी प्रणाम, बहुत भावपूर्ण गीत की रचना हुई, बहुत अच्छा लगाI सुंदर नवगीत के लिए बधाई स्वीकार करेंI"
Nov 2
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी आदाब,अच्छा नवगीत लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 1
Sheikh Shahzad Usmani commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदाब। वाह। दिलचस्प भी और भावपूर्ण भी।  हार्दिक बधाई आदरणीय धर्मेंद्र कुमार सिंह साहिब। बेहतरीन नवगीत।"
Oct 31
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)

ट्रेन समय की छुकछुक दौड़ीमज़बूरी थी जानाभूल गया सबयाद रहा बस तेरा हाथ हिलानातेरे हाथों की मेंहदी मेंमेरा नाम नहीं थाकेवल तन छूकर मिट जानामेरा काम नहीं थायाद रहेगा तुझकोदिल परमेरा नाम गुदानातेरा तन था भूलभुलैयातेरी आँखें रहबरतेरे दिल तक मैं पहुँचा पर तेरे पीछे चलकरदिल का ताला दिल की चाबीदिल से दिल खुल जानाइक दूजे के सुख-दुख बाँटेहमने साँझ-सबेरेअब तेरे आँसू तेरे हैंमेरे आँसू मेरेअब मुश्किल है और किसी केसुख-दुख को अपनाना------------------(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Oct 31
vijay nikore commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post ऐसी ही रहना तुम (नवगीत)
"अति सुन्दर नवगीत के लिए हार्दिक बधाई, मित्र धर्मेन्द्र जी।"
Oct 25
Balram Dhakar commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"इस सुंदर प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें, आदरणीय धर्मेंद्र जी।  सादर। "
Oct 20
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post ऐसी ही रहना तुम (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी आदाब,अच्छा नवगीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Oct 19

Profile Information

Gender
Male
City State
रायगढ़, छत्तीसगढ़
Native Place
प्रतापगढ़
Profession
अभियांत्रिकी

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Blog

तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)

ट्रेन समय की 

छुकछुक दौड़ी

मज़बूरी थी जाना

भूल गया सब

याद रहा बस 

तेरा हाथ हिलाना

तेरे हाथों की मेंहदी में

मेरा नाम नहीं…

Continue

Posted on October 31, 2019 at 8:07pm — 12 Comments

ऐसी ही रहना तुम (नवगीत)

जैसी हो

अच्छी हो

ऐसी ही रहना तुम

कांटो की बगिया में

तितली सी उड़ जाना

रस्ते में पत्थर हो

नदिया सी मुड़ जाना

भँवरों की…

Continue

Posted on October 19, 2019 at 10:42am — 2 Comments

जाते हो बाजार पिया (नवगीत)

जाते हो बाजार पिया तो 

दलिया ले आना

आलू, प्याज, टमाटर 

थोड़ी धनिया ले आना

आग लगी है सब्जी में 

फिर भी किसान भूखा

बेच दलालों को सब 

खुद…

Continue

Posted on October 10, 2019 at 10:05pm — 11 Comments

अख़बारों की बातें छोड़ो कोई ग़ज़ल कहो (ग़ज़ल)

बह्र : २२ २२ २२ २२ २२ २२ २

अख़बारों की बातें छोड़ो कोई ग़ज़ल कहो

ख़ुद को थोड़ा और निचोड़ो कोई ग़ज़ल कहो

वक़्त चुनावों का है, उमड़ा नफ़रत का दर्या

बाँध प्रेम का फौरन जोड़ो कोई ग़ज़ल कहो

हम सबके भीतर सोई जो मानवता…

Continue

Posted on December 7, 2018 at 10:48pm — 6 Comments

Comment Wall (23 comments)

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At 12:19am on September 23, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय बड़े भाई  धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 8:41pm on September 22, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें " आदरणीय धर्मेन्द्र जी

At 11:20am on September 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:23pm on December 13, 2012, seema agrawal said…

स्वागत है धर्मेन्द्र जी 

At 6:18pm on September 22, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:06am on September 22, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई धर्मेन्द्रजी, 

सरल, सफल, सहज, सुगढ़
सुफल, सुमिल, सुधी
सस्वर.. .
संयत, सुहृद, सुभाव, सशब्द
संभव सदा
सबल-प्रखर.. .
शुभभावना-शुभकामना-सुसंस्मरण संप्रेष्य है !

अनेकानेक बधाइयाँ.

At 9:20am on September 22, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

कविता शुचिता शिल्प से, शोभित मित्र कविन्द्र.

जन्मदिवस    शुभकामना,   भाई   जी   धर्मेन्द्र..    सादर   

At 8:15am on September 22, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ आदरणीय धर्मेन्द्र सर.........

At 12:10pm on September 21, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाए स्वीकारे आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

प्रभु आपको समाज और देश निर्माण में योगदान देने की शक्ति प्रदान करे | आपका 

हमारा स्नेह बना रहे |

At 1:55pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
aapki zarra-nawazee ke liye sukariya.
 
 
 

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