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धर्मेन्द्र कुमार सिंह
  • Male
  • BIlaspur, HP
  • India
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions

बहर सारिणी
7 Replies

ग़ज़ल की बहरें समझना बहुत टेढ़ी खीर है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि बहर के बारे में जानकारी तो बहुत ज्यादा मिल जाती है अंतर्जाल पर पर कहीं भी व्यवस्थित ढंग से नहीं मिलती। तो जहाँ सूचना ज्यादा हो वहाँ उसको…Continue

Started this discussion. Last reply by Admin Jan 30, 2011.

 

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Page

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post शृंगार रस के दोहे
"वाह आदरणीय सुन्दर सरस दोहे हुए..हार्दिक बधाई सादर"
Apr 24

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी, आपके नवगीत का आधार-स्तम्भ नवगीत के सशक्त हस्ताक्षर एवं वरेण्य साहित्यकार डॉ. केदार नाथ अग्रवाल का भाव-निवेदन ’हे मेरी तुम’ को देख-जान कर हृदय भाव-विह्वल हो गया है.  पद्य-साहित्य में सर्वहारा आंदोलन के अग्रगण्य…"
Feb 12
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"बहुत बढ़िया रचना हुई है, आदरणीय बाऊजी का सुझाव भी काबिलेगौर है"
Feb 12
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"वाह आदरणीय बहुत ही सुन्दर रचना हुई..सादर"
Feb 12
जयनित कुमार मेहता commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी, इस रचना को पढ़ते समय हर "वाह" के पहले एक आह निकलती रही। इस अति सुन्दर भावपूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई आपको।"
Feb 9
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी आदाब,बहुत उम्दा गीत लिखा है आपने,अंतिम पंक्तियां ख़ूब हुईं'सब कुछ आधा पर मेरा दुःख क़ब आधा है, बहुत ख़ूब वाह, इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें । इब्तिदा में ये पंक्ति 'हे मेरी तुम' में कुछ अधूरापन लग…"
Feb 9
आशीष यादव commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"Bahut Sundar creation."
Feb 9
Mohammed Arif commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब,बेहतरीन गीत की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें । रब भला कैसे आधा हो सकता है । परम सत्ता तो पूर्ण है ।"
Feb 9
Dr Ashutosh Mishra commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी आनंद आ गया इस रचना को पढ़कर इस शानदार रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर "
Feb 9
Nita Kasar commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"कथा के जरिये तीखा व्यंग्य किया है आपने बधाई आद०धर्मंद्र कुमार सिंह जी ।"
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)

बिना तुम्हारेहे मेरी तुमसब आधा है सूरज आधा, चाँद अधूराआधे हैं ग्रह सारेदिन हैं आधे, रातें आधीआधे हैं सब तारे जीवन आधादुनिया आधीरब आधा है आधा नगर, डगर है आधीआधे हैं घर, आँगनकलम अधूरी, आधा काग़ज़आधा मेरा तन-मन भाव अधूरेकविता कामतलब आधा है फागुन आधा, मधुऋतु आधीआया आधा सावनआधी साँसें, आधा है दिलआधी है घर धड़कन सबकुछ आधापर मेरा दुखकब आधा है?---------(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय आशुतोष मिश्र जी"
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया राजेश कुमारी जी"
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय मिथिलेश जी"
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सौरभ जी"
Feb 9
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post कथा लिखो (लघुकथा)
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहम्मद आरिफ जी"
Feb 9

Profile Information

Gender
Male
City State
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
Native Place
प्रतापगढ़
Profession
अभियांत्रिकी

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Blog

बिना तुम्हारे, हे मेरी तुम, सब आधा है (नवगीत)

बिना तुम्हारे

हे मेरी तुम

सब आधा है

 

सूरज आधा, चाँद अधूरा

आधे हैं ग्रह सारे

दिन हैं आधे, रातें आधी

आधे हैं सब तारे

 

जीवन आधा

दुनिया आधी

रब आधा है

 

आधा नगर, डगर है आधी

आधे हैं घर, आँगन

कलम अधूरी, आधा काग़ज़

आधा मेरा तन-मन

 

भाव अधूरे

कविता का

मतलब आधा है

 

फागुन आधा, मधुऋतु आधी

आया आधा सावन

आधी साँसें, आधा है दिल

आधी है…

Continue

Posted on February 9, 2017 at 9:39am — 8 Comments

कथा लिखो (लघुकथा)

महाबुद्ध से शिष्य ने पूछा, “भगवन! समाज में असत्य का रोग फैलता ही जा रहा है। अब तो इसने बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। आप सत्य की दवा से इसे ठीक क्यों नहीं कर देते?”

महाबुद्ध ने शिष्य को एक गोली दी और कहा, “शीघ्र एवं सम्पूर्ण असर के लिये इसे चबा-चबाकर खाओ, महाबुद्धि।”

महाबुद्धि ने गोली अपने मुँह में रखी और चबाने लगा। कुछ ही क्षण बाद उसे जोर की उबकाई आई और वो उल्टी करने लगा। गोली के साथ साथ उसका खाया पिया भी बाहर आ गया। वो बोला, “प्रभो ये गोली…

Continue

Posted on February 5, 2017 at 10:30am — 15 Comments

ये दुनिया है भूलभुलैया (नवगीत)

ये दुनिया है भूलभुलैया

रची भेड़ियों ने

भेड़ों की खातिर

 

पढ़े लिखे चालाक भेड़िये

गाइड बने हुए हैं इसके

ओढ़ भेड़ की खाल

जिन भेड़ों की स्मृति अच्छी है

उन सबको बागी घोषित कर

रंग दिया है लाल

 

फिर भी कोई राह न पाये

इस डर के मारे

छोड़ रखे मुखबिर

 

भेड़ समझती अपने तन पर

खून पसीने से खेती कर

उगा रही जो ऊन

जब तक राह नहीं मिल जाती

उसे बेचकर अपना चारा

लायेगी दो…

Continue

Posted on January 10, 2017 at 8:13pm — 5 Comments

जो करा रहा है पूजा बस उसी का फ़ायदा है (ग़ज़ल)

बह्र : ११२१ २१२२ ११२१ २१२२

 

जो करा रहा है पूजा बस उसी का फ़ायदा है

न यहाँ तेरा भला है न वहाँ तेरा भला है

 

अभी तक तो आइना सब को दिखा रहा था सच ही

लगा अंडबंड बकने ये स्वयं से जब मिला है

 

न कोई पहुँच सका है किसी एक राह पर चल

वही सच तलक है पहुँचा जो सभी पे चल सका है

 

इसी भोर में परीक्षा मेरी ज़िंदगी की होगी

सो सनम ये जिस्म तेरा मैंने रात भर पढ़ा है

 

यदि ब्लैकहोल को हम न गिनें तो इस जगत…

Continue

Posted on January 1, 2017 at 8:19pm — 14 Comments

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At 12:19am on September 23, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय बड़े भाई  धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 8:41pm on September 22, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें " आदरणीय धर्मेन्द्र जी

At 11:20am on September 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:23pm on December 13, 2012, seema agrawal said…

स्वागत है धर्मेन्द्र जी 

At 6:18pm on September 22, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:06am on September 22, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई धर्मेन्द्रजी, 

सरल, सफल, सहज, सुगढ़
सुफल, सुमिल, सुधी
सस्वर.. .
संयत, सुहृद, सुभाव, सशब्द
संभव सदा
सबल-प्रखर.. .
शुभभावना-शुभकामना-सुसंस्मरण संप्रेष्य है !

अनेकानेक बधाइयाँ.

At 9:20am on September 22, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

कविता शुचिता शिल्प से, शोभित मित्र कविन्द्र.

जन्मदिवस    शुभकामना,   भाई   जी   धर्मेन्द्र..    सादर   

At 8:15am on September 22, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ आदरणीय धर्मेन्द्र सर.........

At 12:10pm on September 21, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाए स्वीकारे आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

प्रभु आपको समाज और देश निर्माण में योगदान देने की शक्ति प्रदान करे | आपका 

हमारा स्नेह बना रहे |

At 1:55pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
aapki zarra-nawazee ke liye sukariya.
 
 
 

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