For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Male
  • कैथल (हरियाणा)
  • India
Share

सुरेश कुमार 'कल्याण''s Friends

  • सुचिसंदीप अग्रवालl
  • SudhenduOjha
  • Kalipad Prasad Mandal
  • स्वाति सोनी 'मानसी'
  • रामबली गुप्ता
  • Arpana Sharma
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Rahila
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • asha jugran
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • pratibha pande
  • Seema Singh
  • Manan Kumar singh
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
 

सुरेश कुमार 'कल्याण''s Page

Latest Activity

सुरेश कुमार 'कल्याण' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post बारूदों की जिस ढेरी पर-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब बहुत सुंदर। बधाई "
Feb 3
सुरेश कुमार 'कल्याण' commented on ARVIND BHATNAGAR's blog post वो एक नींद ही तो थी
"आदरणीय अरविंद भटनागर जी बहुत सुंदर। हार्दिक बधाई"
Feb 3

Profile Information

Gender
Male
City State
हरियाणा
Native Place
कैथल
Profession
प्राध्यापक (हिन्दी)

सुरेश कुमार 'कल्याण''s Blog

बसंत पंचमी

माघ शुक्ल की पंचमी, कामदेव के लाल।

दोनों मिलकर आ गए, कण-कण हुआ निहाल ।।



कोयल काली कूकती, खुश हो नाचे मोर ।

माया जिसकी मोहनी,वही मदन चितचोर ।

गेंदा गुलाब ज्यों खिले,खिले गुलाबी गाल।

दोनों मिलकर-------------------।



आई बसंत पंचमी, खुशियों का आगाज ।

वाणी में रस घोलकर, गले मिलें सब आज।

सर्द रैन अब जा चुकी, हटा धुंध का जाल।

दोनों मिलकर --------------------।



ताजा-ताजा लग रहे,गिरा पुराने पात।

डाल डाल को चूमती, भूल अहं औकात… Continue

Posted on January 31, 2017 at 11:30am — 6 Comments

एक जलज-वीराने में

एक जलज - वीराने में

चहकता हुआ

महकता हुआ

दाग नहीं लगने दिया कभी

आब के छींटे का भी

चक्रवातों में घिरा रहा था

जिन्दगी भर।



लौट चले वो झख मारकर

धक्के खाकर थक हारकर

नाखून घिसाकर दाँत किटकिटाकर

आँधी तूफान भँवर

और

चक्रवात भी।



फिर भी लहलहाता रहा

वह वारिज

कोशिश में

अंबर को नापने की।



चुभने लगी

खुद की ही कलियाँ

शूल बनकर

सताने लगे स्व-सद्कर्म

भूल बनकर।



समझ में आया

क्या… Continue

Posted on December 22, 2016 at 2:30pm — 14 Comments

नशाबंदी का ढोंग

धुम्रपान

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

इससे कैंसर होता है

सभी जान गए हैं

मगर

क्या बीड़ी सिगरेट की फैक्ट्रियाँ

देश के लिए

दर्द निवारक हैं?

शराब का अधिक सेवन

स्वास्थ्य के लिए

हानिकारक है

इससे लीवर खराब होता है

सभी मान गए हैं

मगर

क्या मधुशालाएं

और शराब के कारखाने

देश के तारणहार हैं?

शायद

इनके बिना काम

नहीं चल सकता।

और भी बहुत सी

नशीली दवाएं व मादक

क्या केवल

टैक्स कमाने के लिए… Continue

Posted on November 28, 2016 at 11:02am — 16 Comments

पंख /सुरेश कुमार ' कल्याण '

पंख

---



पंख

जो

समय की मार से

हो चुके थे

जीर्ण-शीर्ण

मैंने

खूब फैलाने का प्रयास किया,

ताकि

विश्राम कर सकें

इनकी छत्रछाया में

मेरे अपने

मेरे अजीज

मेरे संबंधी।



मगर

जब वो जीर्णावस्था से

उबरे

जब पूर्ण छाया

देने ही वाले थे

चढ़ गए

मेरे

सुन्दर पंखों पर

काटने के लिए

मेरे अपने

मेरे अजीज

मेरे संबंधी।



बहुत दर्द

बहुत पीड़ा

सहने की कोशिश

बहुत… Continue

Posted on October 23, 2016 at 12:48pm — 10 Comments

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:37pm on July 5, 2016, asha jugran said…

आद.सुरेश कुमार जी ,आपकी  कविताओं में  खूबसूरत बहाव है.सहजता है जो हर पाठक से  सहज में  जुड़  जाती  है. 

At 12:44pm on June 18, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुरेश कुमार 'कल्याण'  जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 12:27am on May 5, 2016, स्वाति सोनी 'मानसी' said…
सादर धन्यवाद सुरेश कुमार कल्याण सर :)
At 9:17pm on April 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
सुस्वागतम्!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(मूंदकर आंखें.....)
"आ. भाई मनन कुमार जी, सादर अभिवादन । बहुत खूबसूरत गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-चाँद के चर्चे आसमानों में
"आ. भाई बृजेश कुमार जी, सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अछूतों सा - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई  बृजेश जी सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और सुझाव के लिए आभार ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post महज चाहत का रिस्ता है - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल)
"आ. भाई सुरेंद्र जी, सादर अभिवादन । गजलपर उपस्थिति व समालोचना के लिए आभार । आपके कथनानुसार गजल पर…"
3 hours ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post पानी गिर रहा है
"आदरणीय श्री  बृजेश कुमार 'ब्रज' जी रचना पर मूल्यवान टिप्पणी के लिए बहुत…"
10 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी...)
"भाई ब्रजेश कुमार जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी हाजिरी और सराहना के लिए हृदयतल से आभार."
16 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल-चाँद के चर्चे आसमानों में

लंबे अंतराल के बाद एक ग़ज़ल के साथ 2122 1212 22चाँद के चर्चे आसमानों में और मेरे सभी फसानों मेंअय हवा…See More
16 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी...)
"बड़ी ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है आदरणीय सालिक जी...आदरणीय समर जी एवं रवि जी की विवेचना भी शानदार रही.."
16 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अछूतों सा - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय धामी जी बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है परंतु मतले का उला खटक रहा है... "वगरना वक़्त दे देगा…"
16 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post सितारों के बिना ये आसमाँ अच्छा नहीं लगता
"बहुत ही भावपूर्ण ग़ज़ल कही है मित्र...बधाई मेरा दम शहर में घुटता है कुछ दुख गाँव में भी हैं यहाँ…"
16 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post वक़्त ने हमसे मुसल्सल इस तरह की रंजिशें (११९ )
"आपकी स्नेहिल सराहना के लिए हार्दिक आभार Dimple Sharma जी  एवं नमन | "
16 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service