For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

asha jugran
Share on Facebook MySpace

Asha jugran's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
 

asha jugran's Page

Latest Activity

asha jugran replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"     कुहासा छंट गया  { अधिकार }                 जाने कितनी देर तक वे दोनों पाषण देवी के आगे बैठे रहे.गहराती सांझ के साथ ही ठण्ड की झुरझुरी बढ़ने लगी. "अब हमें चलना चाहिए." कहते…"
Aug 31, 2019
asha jugran replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"कार्यालयों की कार्य प्रणाली का बहुत सही चित्रण किया गया है,लघुकथा का मध्य नसीहतों से बोझिल सा लगा. मूल्यों से अवगत कराता अंत सुखद है."
Aug 30, 2019

Profile Information

Gender
Female
City State
rishkesh, uttarakhand
Native Place
pauri garhawal

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:52pm on July 6, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीया आशा जी आपके कीमती शब्दों के लिए हार्दिक धन्यवाद ।
At 1:38am on August 5, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीया आशा जी, आप एक सीखने-सिखाने की परंपरा से समृद्ध और अनुशासित मंच आई है. यहाँ सभी एक दूसरे से समवेत सीख रहे है. मंच और मंच के सदस्यों से आपको बहुत कुछ सीखने मिलेगा और यक़ीनन आप से  भी सभी सदस्यों को नया सीखने मिलेगा. पुनः स्वागत है. आपकी मौलिक व अप्रकाशित रचना की प्रतीक्षा रहेगी. सादर  

Asha jugran's Blog

फिसली फसल

         

           "क्या मम्मी आप भी जरा-जरा सी बातों पर तुनक पड़ती हो,पूरा आसमान सिर पर उठा लेती हो.पापा के दोस्तों के बीच में ही तो थीं आप   वे लोग कोई जानवर तो नहीं,हँसी-मजाक ही तो किया चीर हरण तो नहीं.."सुनकर खून उतर आया था उसकी आँखों में,अपनी ही लाठी,अपने पर वार,तिलमिलाते हुए पलकें बंद कर ली तो दर्द आंसू बन बह निकला.वह सोचने लगी,

     'उम्र की पहली फसल बाबा की अँगुलियों में अटक गई,सतरंगी सपने उड़े भी न थे कि उम्र की दूसरी फसल बिन हवा-पानी घूँघट में उजड़ गई और तीसरी को तो…

Continue

Posted on October 31, 2015 at 11:30pm — 17 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . नैन
"आदरणीय जी सृजन आपकी स्नेहिल प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . नैन
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . शंका
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . सन्तान
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
15 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी .....
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी .....
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . सन्तान
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल - ये जो खंडरों सा मकान है
"आ. भाई आजी तमाम जी, अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . शंका
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service