For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सतविन्द्र कुमार
  • Male
  • karnal,haryana
  • India
Share

सतविन्द्र कुमार's Friends

  • पंखराज
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • महिमा  वर्मा
  • KALPANA BHATT
  • रामबली गुप्ता
  • रतन राठौड़
  • sameer ranjan
  • Pawan Jain
  • Sunil Verma
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • TEJ VEER SINGH
  • Seema Singh
 

सतविन्द्र कुमार's Page

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार posted blog posts
13 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on सतविन्द्र कुमार's blog post तरही गजल
"आ, सतविंदर भाई, थोड़े और चिंतन की आवश्यकता है ग़ज़ल पर। अंतिम मिसरा देख लें, बहर छोड़ रहा है। सादर"
17 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on सतविन्द्र कुमार's blog post तरही गजल
"भाई सतविन्द्र कुमार जी, ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई,"
18 hours ago

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार's Blog

तरही गजल

1222 1222 122

.

नही हमको जो भाता क्यों करें हम

कोई झूठा बहाना क्यों करें हम



हमीं से रौशनी है चार सू जब

तो बुझने का इरादा क्यूँ करें हम



खमोशी की सदा अक्सर सुनी है

न सुनने का बहाना क्यूँ करें हम



भरोसा जब नहीं खुद पे हमें ही

*वफ़ादारी का दावा क्यूँ करें हम*



हो झगड़ा आपसी सुलझाएँ खुद ही

ज़माने में तमाशा क्यों करें हम



न होता झूठ का कोई ठिकाना

फिर उसको ही तराशा क्यूँ करें हम



मौलिक…

Continue

Posted on September 19, 2017 at 6:00am — 2 Comments

दूर है वह मग़र जुदा न हुआ

2122 1212 22/(112)

साथी उससे कोई खरा न हुआ

साथ गम ने दिया जुदा न हुआ



रोकती बस रही रज़ा तेरी

हमने चाहा बुरा,बुरा न हुआ



छल कपट से रहा कमाता जिसे

जऱ यूँ ही बह गया तेरा न हुआ



बस बनावट भरा लगा रिश्ता

जिसमें कोई कभी खफ़ा न हुआ



डोर दिल की बँधी रही जिससे

दूर है वह मग़र जुदा न हुआ



जिंदगी को सही समझ न सके

मुश्किलों से जो सामना न हुआ



बंद आँखों ने जो किया दीदार

आँखें खोली वो देखना न… Continue

Posted on September 3, 2017 at 8:00am — 3 Comments

लकीरों में तो कुछ रक्खा नहीं है(गजल) /सतविन्द्र कुमार राणा

गजल

बह्र 1222 1222 122



फरेबी तू जो बन पाया नहीं है

तभी सिक्का तेरा चलता नहीं है



नहीं नीयत में ही जब काम करना

कहे क्यों तू, मिला मौका नहीं है



ज़ुबाँ में सादगी उसकी झलकती

भले देहात में रहता नहीं है



जिया था तू वतन के वास्ते पर

शहादत का तेरी चर्चा नहीं है



सरे बाज़ार देखो झूठ बिकता

जो' बिक जाए वो' फिर सच्चा नहीं है



लिखी तकदीर हाथों से ही जाती

लकीरों में तो कुछ रक्खा नहीं है



मौलिक एवं… Continue

Posted on August 6, 2017 at 12:30pm — 3 Comments

एक ग़ज़ल/सतविन्द्र राणा

बह्र:1222 1222 122

नहीं पहले-सी चेहरे पे चमक है
हँसी में आपकी गम की झलक है

नहीँ आमाल में जिसकी है नीयत
उसी की क़ामयाबी पे भी शक है

कोई तो खेल में पानी बहाता
कहीं पर प्यासा मरने की धमक है

पहुँचना उसका ही होगा फलक तक
नज़र जिसकी बहुत आगे तलक है

रहेगी रात तन्हा, दिन अकेला
हमारा साथ कुछ ही देर तक है

उसे बंदिश भला क्या रोक पाए?
नजर में जिसकी ये सारा फलक है

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 6, 2017 at 11:00am — 14 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हर मुख हिंदी कब गायेगा ?:-मोहित मुक्त
"आदरणीय अफ़रोज़ जी उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया "
9 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हर मुख हिंदी कब गायेगा ?:-मोहित मुक्त
"आदरणीय समर सर अभी इतना परिपक्व नहीं हूँ ,पर आप जैसे पैनी निगाहों वाले गुणीजनों के छाया तले हूँ आज…"
9 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - दो पहर की धूप भी अच्छी लगी ( गिरिराज भंडारी )
"सब में रहता है ख़ुदा ये मान करजब भी की तो बन्दगी अच्छी लगीआदरणीय गिरिराज जी , उम्दा शेर अच्छी ग़ज़ल।…"
9 hours ago
Niraj Kumar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"आदरणीय निलेश जी, जो भी पोस्ट डिलीट हुईं है उनका सार मैंने पिछली पोस्ट में सामिल कर दिया है. और आपने…"
9 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"सुन्दर रचना आदरणीया। जय माँ काली। बधाई "
9 hours ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " पर्दा हटाना हो गया "
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सलीम भाई जी ....."
10 hours ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " पर्दा हटाना हो गया "
"जी नीलेश दादा .... आपके आशिर्वाद से और निखार आ गया ग़ज़ल में ...... बेहद शुक्रगुज़ार हूँ , आपके…"
10 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"आ. नीरज जी,हम तो कबीर जैसे अनपढ़ जुलाहे हैं.... धुन पकडकर कह लेते हैं... किताबें आपको मुबारक़ जिनसे…"
11 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"आ. नीरज जी,कमेंट्स क्यूँ  डिलीट    कर दिए आपने अपने..जिस में आपने घोषणा की थी कि ऐसी…"
11 hours ago
Niraj Kumar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"आदरणीय निलेश जी,  कोई भी तक्तीअ तभी सही मानी जाती है जब वह किसी मान्य बह्र के अनुरूप हो,…"
11 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"आ. नीरज जी,आलोचकों और शाइरों में यही फर्क  है ..आप नाम खोजते रहिये  बहर का ..हम उस बहर पर…"
11 hours ago
Afroz 'sahr' commented on Afroz 'sahr''s blog post ग़ज़ल -ए- सहर
"आदरणीय बृजेश जी आपने ग़ज़ल को सराहा आपका बहुत आभारी हूँ ।सादर"
11 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service