For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सतविन्द्र कुमार
  • Male
  • karnal,haryana
  • India
Share

सतविन्द्र कुमार's Friends

  • पंखराज
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • महिमा  वर्मा
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • रामबली गुप्ता
  • रतन राठौड़
  • sameer ranjan
  • Pawan Jain
  • Sunil Verma
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • TEJ VEER SINGH
  • Seema Singh
 

सतविन्द्र कुमार's Page

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश भाई साहब,सादर वन्दन। पोस्ट करने के बाद नहाना शब्द   देख कर। अटक रहा। था। नहलाना केे अर्थ  मेंइस लेंेे गलत नाआ। मार्गदर्स्शन के  ।लिए सादर आभार"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,हौंसलाफ़ज़ाई के लिए सादर हार्दिक आभार"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"अनुमोदन एवं उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत आभार आदरणीय अग्रज शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"सभी छंद अच्छे हुए हैं यहाँ तो जरा जो कमी की सँभालो सँभालो"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"बधाई बधाई बधाई कहें सभी छंद अच्छे यहां जो रहें जरा व्याकरण का अगर ध्यान हो बड़ा छंद का फिर बढ़ा मान हो। सआदर"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"कि सुंदर सभी छंद जो ये कहे बधाई तभी हम तुम्हें दे रहे"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"रखो साफ तन *तुम* नहाकर यहां बड़ा कष्ट देता *यही* काज है सदा ईश *की* ही हमें आस है। जरा चूक भाई यहां जो रही तभी बात हमने यहाँ ये कही बधाई रहे दे तुम्हें हम यहाँ"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"कि 'जच्चा' खिला देत गच्चा हमें यहाँ अर्थ लगता न सच्चा हमें हुई बात बकिया मगर है सही जुबां ये बधाई तभी दे रही"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"हुआ चित्र सारा कही बात प्यारी तभी लो बधाई भई ढेर सारी"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"नहाना ज़रूरी सही ये कहा नहीं व्यर्थ पानी यहाँ पर बहा बधाई तभी मैं यहाँ दे रहा अनुपम यहाँ छंद जो है कहा"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"कहीं चूक थोड़ी लगे हो गई है कही बात वो जो सही ही भई है पढ़े छंद सारे खुशी है मनाई कि लो दे रहा हूँ तुम्हें मैं बधाई"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"भुजंगप्रयात छंद(आशु प्रयास) उजाला घरों का रहे देख बच्चेभले अक्ल थोड़ी सदा होत सच्चे जरा-से अडें तो सुनें डाँट माँ कीनहीं टाल पाते कभी बात माँ की फ़िजा सर्द हो या भले गर्म हो येनहाना जरूरी सही कर्म हो ये हमारा जमा मैल सारा भगेगानहीं रोग कोई त्वचा को…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-88
"कुण्डलिया बनते बाधा हैं कभी,कभी बनें संस्कारचार लोग जो लोग हैं,सदा रहेंगे यारसदा रहेंगे यार,बुद्धि में सबकी ऐसेकरना पड़े विचार,करें कर्मों को कैसेसतविंदर कविराय,खुशी गम इनसे मनतेबनें कभी संस्कार,कभी बाधा ये बनते। मौलिक एवं अप्रकाशित"
Feb 10
सतविन्द्र कुमार commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल..रात भर-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"उम्दा अशआर कहे हैं,बधाई आदरणीय"
Feb 9
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-88
"बहुत बढ़िया अशआर हुए हैं ,उर्दू के साथ तत्सम शब्दों का कम्बीनेशन बढ़िया! बधाई आ तन्हा जी"
Feb 9
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-88
"उम्दा अतुकांत हुई है,हार्दिक बधाई आदरणीय"
Feb 9

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार's Blog

कि है जो कर्ज़ माटी का लहू देकर चुकाते हैं-सतविन्द्र कुमार राणा

गजल

1222 1222 1222 1222

बताना है सभी को हम हलाली का ही खाते हैं

कि है जो कर्ज़ माटी का लहू देकर चुकाते हैं



सियासत भी है अच्छी शय जिसे अक्सर बुरा माना

भले कुछ रहनुमा भी हैं जो सबके काम आते हैं



दिशा दक्षिण में सर्दी चल पड़ी मधुमास आते ही

चमन में गुल महक उट्ठे भ्रमर भी गुनगुनाते हैं



समझना है जरा मुश्किल भरोसा किस पे करलें हम

कभी अपने उठाते हैं कभी अपने गिराते हैं



सलामत किस तरह दुनिया रहेगी आज 'राणा' बोल

भुलाकर लोग…

Continue

Posted on January 30, 2018 at 7:00am — 15 Comments

बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल


1222 1222 122
बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है
अबस आँखों से झर कर टूटता है

गुमाँ ने कस लिया जिस पर शिकंजा
भटकता है वो दर-दर,टूटता है

नहीं गम घर मेरे आता अकेले
कि वो तो कोह बनकर टूटता है

सुने गर चीख बच्चे की तो देखो
रहा जो सख़्त पत्थर टूटता है

बजें बर्तन हमेशा साथ रह कर
भला इनसेे कभी घर टूटता है

मौलिक अप्रकाशित

अबस:बेबस

कोह:पहाड़

Posted on January 21, 2018 at 9:00pm — 10 Comments

बहाने पर ज़माना चल रहा है-ग़ज़ल

1222 1222 122

बहाना ही बहाना चल रहा है
बहाने पर ज़माना चल रहा है

बदलना रंग है फ़ितरत जहाँ की
अटल सच पर दिवाना चल रहा है

नही गम में हँसा जाता है फिर भी
अबस इक मुस्कुराना चल रहा है

निवाला बन गया अपमान मेरा
ये कैसा आबो दाना चल रहा है

वफा मेरी मुनासिब है तो फिर क्यों
अगन सेआजमाना चल रहा है

नहीं रिश्ता है पहले-सा हमारा
मग़र मिलना-मिलाना चल रहा है

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on January 17, 2018 at 6:16pm — 8 Comments

कुंडलियां

कुण्डलियाँ



१.

मिलना-जुलना जान लो,है रिश्तों को खाद

स्नेह-मिलन होता रहे,चखें नेह का स्वाद

चखें नेह का स्वाद,बात औरों की जानें

करकें बातें चार,स्वयं को अच्छा मानें

'सतविंदर' इस स्नेह,की न हो सकती तुलना

पनपें एक्य विचार,रहे यदि मिलना-जुलना।।



२.

समरथ हैं बस देवता,सच्चे रचनाकार

गीत गजल संगीत के,हैं अच्छे फ़नकार

हैं अच्छे फ़नकार,रचें नित न्यारी माया

इनका हर सद्कर्म, ज़माने को है भाया

'सतविंदर' कविराय,करो न प्रयास… Continue

Posted on January 15, 2018 at 9:31am — 8 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एक और रत्नाकर(लघुकथा)
"आद0 कल्पना जी सादर अभिवादन। बढिया लघुकथा कही आपने। बधाई स्वीकार कीजिए। सादर"
9 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दबे  पाप  ऊपर  जो  आने  लगे  हैं- गजल
"आद0 लक्ष्मण जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल का बढिया प्रयास। शेष आद0 समर साहब कह चुके हैं। इस ग़ज़ल पर बधाई…"
12 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on SHARAD SINGH "VINOD"'s blog post 'मधुर' जी की मधुर स्मृति .......
"आद0 शरद जी सादर अभिवादन। प्रयास उत्तम है, शेष गुणीजनों ने कह दिया है। सादर"
15 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on विनय कुमार's blog post स्टेटस--लघुकथा
"आद0 विनय जी सादर अभिवादन। बढिया व्यंग कसा आपने,स्टेटस के नाम पर दिखावा। बहुत बहुत बधाई आपको।"
25 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आद0 बृजेश कुमार ब्रज जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर बढिया कोशिस।हार्दिक बधाई आपको शेष गुणीजनों की बातों का…"
28 minutes ago
रामबली गुप्ता commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"मारक सरसी हुए हैं दोनों हार्दिक बधाई स्वीकारें। सादर"
34 minutes ago
रामबली गुप्ता commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"दोनों छंद सुंदर और सार्थक हुए हैं। हार्दिक बधाई स्वीकारें।सादर"
41 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Dr. Vijai Shanker's blog post सब सही पर कुछ भी सही नहीं है - डॉo विजय शंकर
"मुहतरम जनाब विजय साहिब , ज़हन में सवाल उठाती सुन्दर रचना हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
48 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post मिज़ाज (लघुकथा)
"जनाब शेख़ शहज़ाद साहिब , छोटी मगर असरदार लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
50 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब, बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है , मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।  टाइप में…"
52 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Mohammed Arif's blog post कविता--फागुन
"मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब, होली से पहले होलीकी याद दिलाती सुन्दर कविता हुईहै ,मुबारकबाद क़ुबूल…"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एक और रत्नाकर(लघुकथा)
"मुहतर्मा कल्पना साहिबा , बहुत ही सुन्दर लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service