For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Male
  • noida
  • India
Share

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Friends

  • Afroz 'sahr'
  • सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Samar kabeer
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • vijay nikore
 

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Page

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गीत -सब कुछ पाना हमें यहाँ है
"आदरणीय शर्मा जी अच्छा गीत हुआ..सादर"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Arpana Sharma's blog post *" गुरु पूर्णिमा "* - कविता/अर्पणा शर्मा, भोपाल
"उत्तम गुरु वंदना है  आदरणीया..सादर"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post मैं अभी भी मुस्कुराता हूँ “
"अच्छी कविता है आदरणीय..कुछ वर्तनीगत अशुद्धियाँ हैं..देखिएगा"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on rajesh kumari's blog post मेघदूत गीत (राज )
"वाह आदरणीया बहुत ही सुन्दर और सरस विरह गीत हुआ है..."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on मोहन बेगोवाल's blog post मुजरिम : लघुकथा
"विषय की सार्थकता को लेकर लघुकथा अच्छी लगी आदरणीय..बाकी आदरणीय समर जी और आदरणीय तेजवीर सिंह जी से मैं भी सहमत हूँ.."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post गजल- जहाँ ईमान का पौधा नहीं है
"वाह बड़ी अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय शर्मा जी...सादर"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on surender insan's blog post "दर्द वो इस तरह छुपाता है"
"अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय...बधाई"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Arpana Sharma's blog post लघुकथा- " छद्म- संवेदना"/ अर्पणा शर्मा, भोपाल
"बहुत ही सही ढंग से और कटु सत्य का यथार्थ चित्रण किया है आदरणीया...बधाई"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post परछाईयाँ (२ क्षणिकाएं ) ....
"वाह आदरणीय सुन्दर क्षणिकाएं..बधाई"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on santosh khirwadkar's blog post दिल के नज़दीक से ....”संतोष”
"वाह बड़ी ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है आदरणीय..बधाई"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post श्रद्धांजलि
"वाह वाह सुन्दर सरस श्रद्धा सुमन अर्पित किये हैं आपने परम आदरणीय नीरज जी को.."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on TEJ VEER SINGH's blog post साँझा चूल्हा - लघुकथा –
"लघुकथा तो बड़ी अच्छी है आदरणीय...बटवारे का दंश वाकई चुभन देता ही रहता है..."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mirza Hafiz Baig's blog post दर्द (लघुकथा)
"बहुत बढ़िया मिर्ज़ा साहब...बड़ी ही सार्थकता से आपने अपनी बात कही है लघुकथा में..बधाई"
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"आदरणीय सतविंद्र जी बड़ी खूबसूरती से अपने बहुत ही सटीक विषय को उठाया है लघुकथा में..माता पिता को ये समझना होगा कि एक परीक्षा की असफलता का मतलब योग्य या अयोग्य होने से नहीं है.."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Arpana Sharma's blog post लघुकथा- रिसते खूनी नासूर
"बहुत ही संवेदनशील विषय का चुनाव किया है आपने आदरणीया और कोशिश अच्छी की है उसके लिए बधाई..."
Jul 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- ख़ुद-परस्ती का दायरा क्या था / दिनेश कुमार
"बहुतखूब बहुतखूब आदरणीय..बेहतरीन ग़ज़ल"
Jul 13

Profile Information

Gender
Male
City State
noida
Native Place
jhansi

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Blog

ग़ज़ल...यादों के सरमाये-बृजेश कुमार 'ब्रज'

बह्र-ए-मीर पर आधारित ग़ज़ल

कमबख्त कहाँ से आये इतनी रात गये

उनकी यादों के साये इतनी रात गये

आज उभर के आया है इक दर्द पुराना

बेलौस हवा सहलाये इतनी रात गये

कश्ती कागज की गहरे यादों के दरिया

अब नींद कहाँ से आये इतनी रात गये

गीली मिटटी की सौंधी सौंधी सी खुशबू

अंतस में आग लगाये इतनी रात गये

किस प्रियतम के लिए हुआ बैचैन पपीहा

जो घड़ी घड़ी चिल्लाये इतनी रात गये

दूर उफ़क़ से आती हैं ग़मगीन…

Continue

Posted on July 1, 2018 at 4:30pm — 8 Comments

ग़ज़ल....दिल जला के रौशनी होती नहीं है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन

दर्द अपना यूँ सर-ए-बाज़ार कर के

क्या मिलेगा वक़्त से तक़रार कर के

कुछ नहीं हासिल,समझते क्यों नहीं हो

गम उठाना आह भरना प्यार कर के

सामने उस मोड़ पर कुछ अनमना सा

शख़्स इक बैठा है सब न्योछार कर के

बन्दगी उल्फत है मैं था इस गुमां में

वो नहीं आया अना को पार कर के

दिल जला के रौशनी होती नहीं है

ये भी 'ब्रज' ने देखा है सौ बार कर के



(मौलिक एवं अप्रकाशित)…

Continue

Posted on June 25, 2018 at 6:00pm — 24 Comments

लघुकथा-पराकाष्ठा

मोबाइल पर मेल का नोटिफिकेशन देख मोहन की आँखें चमक उठीं।शायद पायल का मेल हो।जल्दी से मेल खोला..हाँ ,ठीक 17 दिन बाद पायल का मेल था।अक्सर मेल नोटिफिकेशन देख खिल जाता है मोहन लेकिन अक्सर मायूसी ही हाथ लगती।खैर देखूं तो सही क्या लिखा है...अपने चश्मे को ठीक करता हुआ मोहन मेल पढ़ने लगा।"56 को हो गईं हूँ मैं और आप भी 60-65 तो होंगे ही,अब तो बता दो क्या मायने रखती हूँ मैं?और क्यों?" पिछले 40 सालों से ये सवाल कई बार पूछा था पायल ने लेकिन "कुछ सवालों को लाजबाब रहने दो" कह कर हर बार टाल गया मोहन।पर…

Continue

Posted on June 22, 2018 at 5:30pm — 20 Comments

ग़ज़ल...पिछले कुछ दिनों से-बृजेश कुमार 'ब्रज'

फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन

हूँ बहुत हैरान पिछले कुछ दिनों से

ज़ीस्त है हलकान पिछले कुछ दिनों से

चाँद भी है आजकल कुछ खोया खोया

रातें हैं वीरान पिछले कुछ दिनों से

आदमी हूँ आदमी के काम आऊँ

है यही अरमान पिछले कुछ दिनों से

कौड़ियों के भाव बिकती हैं अनाएं

मर गया ईमान पिछले कुछ दिनों से

जोश में है भीड़ 'ब्रज' आक्रोश भी है

बस नहीं है जान पिछले कुछ दिनों से

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

बृजेश कुमार…

Continue

Posted on June 12, 2018 at 5:00pm — 14 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:59pm on October 24, 2017, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

स्वागत है आदरणीय ,  आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है .

At 11:43pm on November 17, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Harihar Jha posted a blog post

इतने मैले वस्त्र!

इतने मैले वस्त्र!गंगा  माँ! ठिकाने कर देरह गया धब्बा जोडाट डपट हमें चक्कर दे।  कीचड़ इसका कहे, किसी…See More
3 minutes ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"आदरणीय बाऊजी सादर प्रणाम और बहुत सारा आभार"
6 minutes ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"आदरणीय उस्मानी सर सादर प्रणाम और आभार"
6 minutes ago
Samar kabeer commented on विनय कुमार's blog post सहारा- लघुकथा
"जनाब विनय कुमार जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
6 minutes ago
Samar kabeer commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post श्री अटल-मृत्यु संवाद:- कविता
"जनाब मोहित मिश्रा जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
9 minutes ago
Samar kabeer commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"अज़ीज़म पंकज कुमार मिश्रा जी आदाब, बेहतरीन श्रद्धांजलि सृजन। हार्दिक बधाई स्वीकार करें इस प्रस्तुति…"
12 minutes ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post प्रिय भाई डा० रामदरश मिश्र जी
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब,जनाब रामदरश मिश्र जी के जन्म दिवस पर उनके साथ गुज़ारे पल,याद करके उनको…"
24 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

"असली पहचान : नई सदी, नई मुसीबतें" (लघुकथा)

"लगता है वाक़ई बहुत गड़बड़ हो गई। कुछ ज़्यादा ही नेक साहित्य पढ़ ऊल-जलूल उसूल बना कर उलझन में डाल दिया…See More
57 minutes ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

घूंघट - लघुकथा –

घूंघट - लघुकथा –"बहू, जुम्मे जुम्मे आठ दिन भी नहीं हुए शादी को और तुमने अपने रंग दिखाने शुरू कर…See More
57 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post श्री अटल-मृत्यु संवाद:- कविता
"श्रद्धांजलि स्वरूप समसामयिक बढ़िया सृजन। इस मंच के काव्य-विधा/छंद संबंधित आलेख व आयोजनों के अध्ययन…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mahendra Kumar's blog post धार्मिक पशु (लघुकथा)
"शुक्रिया मेरी टिप्पणी के अनुमोदन और पुनर्विचार कर बढ़िया तनिक बदलाव के लिए आदरणीय महेंद्र कुमार…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'करुणा-सन्निधि' (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग प्रविष्टि पर समय देकर हौसला अफ़ज़ाई हेतु सादर हार्दिक धन्यवाद आदरणीया बबीता…"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service