For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SALIM RAZA REWA
  • Male
  • REWA
  • India
Share

SALIM RAZA REWA's Friends

  • Samar kabeer
  • Kewal Prasad
  • ram shiromani pathak
  • वीनस केसरी
  • Saurabh Pandey
 

SALIM RAZA REWA's Page

Latest Activity

SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"आ. बहन कल्पना भट्ट जी, ग़ज़ल पसंद करने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया,"
Sep 14
KALPANA BHATT commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"ये ज़िंदगी तिलिस्म की तरहा है दोस्तो ” क्या देखते नहीं हो बिखरते हुबाब को ” . जुगनू मुक़ाबले पे न आ जाएं अब कहीं ” इस बात ने परेशां किया आफ़ताब को ” बहुत खूब आदरणीय | हार्दिक बधाई |"
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "
"शुक्रिया शकूर साहब ये बताने ने के लिए की मै कोशिश कर रहा हूँ,"
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"बहुत बहुत शुक्रिया अफरोज भाई साहब,"
Sep 13

सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "
"अच्छी कोशिश है सलीम रज़ा साहब बहुत बहुत बधाई"
Sep 13
Afroz 'sahr' commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"जनाब सलीम रज़ा सहब बहुत अच्छे अच्छे शेर कहे आपने इस ग़ज़ल में ! ख़ास तौर से मक्ता दिल को छु गया ! बहुत बहुत बधाई आपको"
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"अली जनाब समर साहब, आपका हुक्म सर आँखों पर, आपकी मुहब्बत के लिए शुक्रिया,"
Sep 13
Samar kabeer commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"जनाब सलीम रज़ा साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'वह हो गुनाहगार या परहेज़गार हो' इस मिसरे में ऐब-ए-तनाफ़ुर है'वह हो',और तक़ाबुल-ए-रदीफ़ भी है, तक़ाबुल-ए-रदीफ़ चूँकि जुज़्वी है इसलिए चल जायेगा,ऐब-तनाफ़ुर…"
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "
"आप सभी के मुहब्बातो इनायत का शुक्रिया,"
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल - वफ़ाओं के बदले वफ़ा चाहता हूँ
"भाई महेंद्र जी ग़ज़ल अभी मेहनत मांग रही हैं,बांकी प्रयास अच्छा है."
Sep 13
SALIM RAZA REWA posted blog posts
Sep 13
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "
"आली जनाब तस्दीक़ अहमद  साहब,आपकी नज़रे इनायत के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, आपकी मुहब्बत सलामत रहे ,"
Sep 12
Tasdiq Ahmed Khan commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "
"जनाब सलीम रज़ा साहिब ,उम्दा ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें।"
Sep 12
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल -- मोतिओं की तरह जगमगाते रहो --सलीम रज़ा रीवा
"आदरणीय गिरिराज जी ग़ज़ल पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया,तुझे को तुम्हें पढ़ने की मेहरबानी करें, वक़्त लगते ही सुधार लिया जाएगा,"
Sep 12
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल -- मोतिओं की तरह जगमगाते रहो --सलीम रज़ा रीवा
"भाई अरुण शर्मा जी बहुत बहुत शुक्रिया,"
Sep 12
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post जब भी देखूँ वो मुझे  चाँद नज़र आता है: सलीम रज़ा रीवा
"मोहित जी शुक्रिया,"
Sep 12

Profile Information

Gender
Male
City State
REWA M.P.
Native Place
REWA (M.P.)
Profession
MANAGER
About me
GAZAL WRITER

SALIM RAZA REWA's Photos

Loading…
  • Add Photos
  • View All

SALIM RAZA REWA's Blog

जिसे ख़यालों में रखता हूँ - सलीम रज़ा रीवा



1212 1122 1212 22

............................................

जिसे ख़यालों में रखता हूँ शायरी की तरह.

मुझे वो जान से प्यारा है जिंदगी की तरह.

.

क़सम जो खाता था उल्फ़त में जीने मरने की.

वो सामने  से गुज़रता है अजनबी की तरह.

.

यूँ ही न बज़्म  से  तारीकियाँ  हुईं रुख़सत.

कोई न कोई तो आया है रोशनी की तरह.

.

खड़े हैं छत पे  हटा कर…

Continue

Posted on September 18, 2017 at 9:30am — 23 Comments

ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा

.221 2121 1221 212

..................................

अपने हसीन रुख़ से हटा कर निक़ाब को,  

शर्मिन्दा  कर  रहा  है  कोई माहताब को 

.

कोई  गुनाहगार   या   परहेज़गार    हो,

रखता है रब सभी केअमल के हिसाब को 

.

उनकी निगाहे नाज़ ने मदहोश कर दिया,

मैं  ने  छुआ  नहीं है क़सम से शराब को 

.

दिल चाहता है उनको दुआ से नावाज़ दूँ,

जब देखता हूँ बाग में खिलते गुलाब को 

.

ये ज़िन्दगी तिलिस्म के जैसी है…

Continue

Posted on September 13, 2017 at 8:00am — 17 Comments

ग़ज़ल - दिलबर तुम कब आओगे " सलीम रज़ा

22 22 22 22 22 22 22 2

...........................................

दिलबर तुम कब आओगे सबआस लगाए बैठे हैं "

देखो  फूलों  से  अपना  घर - बार सजाए बैठे हैं "

.

हम तो उनके प्यार का दीपक दिल में जलाए बैठे हैं " 

जाने  क्यों  वो  हमको  अपने  दिल से भुलाए बैठे हैं "

.

किसको ख़बर थी भूलेंगे वो बचपन की सब यादों को "

उनकी  चाहत आज तलक हम दिल में बसाए बैठे हैं "…

Continue

Posted on September 8, 2017 at 10:00pm — 5 Comments

ग़ज़ल - आएं न आएं वो लेकिन हम " सलीम रज़ा रीवा "

फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ा 

..................................................................................................................…

Continue

Posted on September 8, 2017 at 10:00pm — 10 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

रामबली गुप्ता commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post खुद से मुझ को अलग करो----- ग़ज़ल पंकज मिश्र द्वारा
"हो करते भी तुम याद मुझे, ये हिचकी से कहलाया तो। इस प्रकार करिये। तंकड़ त्रुटि हुई है।"
9 minutes ago
रामबली गुप्ता commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post खुद से मुझ को अलग करो----- ग़ज़ल पंकज मिश्र द्वारा
"आदरणीय पंकज मिश्र जी मात्रिक बहर पर प्रयास अच्छा है। सादर बधाई स्वीकारें। बताना चाहूँगा कि इस बहर…"
14 minutes ago
Mohammed Arif commented on सतविन्द्र कुमार's blog post तरही गजल
"आदरणीय सतविंद्र कुमार जी आदाब, अच्छा प्रयास । बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
30 minutes ago
Mohammed Arif commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल शाम होते ही सँवर जाएंगे
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, बेहतरीन ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । मुबारकबाद क़ुबूल करें । बाक़ी…"
32 minutes ago
Mohammed Arif commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय कालीपद प्रसाद जी आदाब, अच्छा प्रयास मगर गुणीजनों के आने का इंतज़ार करें। हार्दिक बधाई स्वीकार…"
36 minutes ago
Mohammed Arif commented on अलका 'कृष्णांशी''s blog post श्राद्ध.....लघुकथा..../अलका 'कृष्णांशी'
"आदरणीया अलका जी आदाब, आखिर आप इस लघुकथा के बहाने क्या कहना चाहती हैं ?"
43 minutes ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post तरही ग़ज़ल
"आदाब और शुक्रिया आदरणीय गिरिराज भंडारी श्रीवास्तव जी "
52 minutes ago
Kalipad Prasad Mandal posted a blog post

ग़ज़ल

काफिया : आये ; रदीफ़ :न बनेबहर : ११२२-| ११२२  ११२२  २२/११२      २१२२}तंज़ सुनना तो’ विवशता है’,…See More
52 minutes ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post तरही ग़ज़ल
"आदाब और शुक्रिया आदरणीय महम्मद आरिफ साहिब "
53 minutes ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post तरही ग़ज़ल
"आदाब और शुक्रिया आदरणीय समर कबीर साहिब "
54 minutes ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post तरही ग़ज़ल
"शुक्रिया आदरणीय अफरोज सहर जी "
56 minutes ago
Naveen Mani Tripathi posted blog posts
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service