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अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "
  • Male
  • बाग़पत, उत्तर प्रदेश.
  • India
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अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s Friends

  • Samar kabeer

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अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ग़ज़ल
"ब हुज़ूर जनाब कबीर उस्ताद ए मुहतरम आदाब, शुक्रगुजा़र हूँ आपका कि आपने अहक़र की तस्नीफ़ पर रौशनी डालने और रहबरी करने के लिए अपने बेशकी़मती वक़्त का एक बड़ा हिस्सा ख़र्च किया है। आपसे रहबरी और इस्लाह मिलना मेरे लिए किसी तोहफ़े से कम नहीं है। जनाब रवि…"
Tuesday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अह्सास जी आदाब,  ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिये तहे-दिल से मुबारकबाद कु़बूल फरमाइये। "
Tuesday
Samar kabeer commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ग़ज़ल
"जनाब अमीरुद्दीन जी आदाब,ओबीओ के तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है,लेकिन ग़ज़ल अभी समय चाहती है,रवि भसीन जी ग़ज़ल की त्रुटियाँ बता ही चुके हैं ,संज्ञान लें । 'आग सीने में लगी हो तो ज़रर  बनता है' इस मिसरे में क़ाफ़िया रदीफ़ से इंसाफ़ नहीं…"
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अमीरुद्दीन ख़ान 'अमीर' साहिब, मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि आपने नाचीज़ की सलाह पर ग़ौर किया। मुहतरम, मैं आपसे भी छोटा तालिब-ए-इल्म हूँ। कोई जसारत हो गई हो तो माज़रत-ख़्वाह हूँ।"
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " left a comment for श्याम मोहन पाराशर(मोहन संप्रास)
"जनाब श्याम मोहन पराशर (मोहन संप्रास) जी, ओ बी ओ पर आपका हार्दिक स्वागत करते हैं।"
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ग़ज़ल
"ब हुज़ूर आ़ली जनाब रवि भसीन 'शाहिद' साहिब आदाब। हक़ीर की ग़ज़ल पर आपकी पहुंच, इतना वक्त देने , तशरीह व तनक़ीद और दाद  देने  के लिये बेहद मशकूर व ममनून हूँ। अल्फाज़ की हिज्जे के बारे में आपके ज़रिये दी गयी जानकारी…"
Sunday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अमीरुद्दीन ख़ान 'अमीर' साहिब, बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही आपने तरही मिस्रे पर, नाचीज़ आपको दाद और मुबारक़बाद पेश करता है। मुहतरम आपने जो इन अल्फ़ाज़ के हिज्जे लिखे हैं: व, मेहि, सेहि, ज, लग'तिइन्हें ऐसे लिखना मुनासिब होगा:वो, में ही, से ही,…"
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted blog posts
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post तड़प उनकी भी चाहत की इधर जैसी उधर भी क्या ?(७७ )
"जनाब 'तुरन्त ' बीकानेरी साहब आदाब। बहुत ही ख़ूबसूरत मज़्मून और तख़य्युलात बहुत ख़ूबसूरती से पेश किए गये हैं। कुछेक मामूली टाइपिंग चूक हो गयी हैं देखियेगा. जो बेचैनी है 'शोहबत' को सोहबत कर लें, तो 'निभाई' …"
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " updated their profile
Sunday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जी हाँ (ग़ज़ल)
"अभी भी है तुझे उस बेवफ़ा से प्यार - जी हां। मोहतरम 'शाहिद' साहब आदाब। बेहतरीन ग़ज़ल कहने के लिये तहे-दिल से मुबारकबाद कु़बूल फरमाइये। "
Mar 26
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post अ़ज़्म
"जनाब कबीर साहब हौसला अफ़ज़ाई के लिये बेहद शुक्रिया। आपने बजा फ़रमाया, तकनीकी तौर पर मेरी शायरी और क़ित'अ में बहुत सारी खा़मियां हो सकती हैं, सीखना चाहता हूं। आपकी गाइडेंस मेरे लिये बहुत अहम है, मैंने ग़ज़ल की कक्षा ज्वाइन कर ली है। बेशक आपकी…"
Mar 10
Samar kabeer commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post अ़ज़्म
"जनाब अमीरुद्दीन साहिब आदाब,क़ित'अ का प्रयास अच्छा है,लेकिन बह्र और क़वाफ़ी दुरुस्त नहीं हैं,ग़ज़ल सीखने के लिए ओबीओ पर मौजूद 'ग़ज़ल की कक्षा' का लाभ लें, इस क़ित'अ को यूँ कर सकते हैं:- 221 1222 221 1222 "डरते हैं जो मुश्किल से…"
Mar 10
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " joined Admin's group
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ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के इच्‍छुक है वो यह ग्रुप ज्वाइन कर लें |धन्यवाद |See More
Mar 9
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted a blog post

अ़ज़्म

डरते  हैं  जो मुश्किल से घबराते हैं  ख़तरों से , लरज़ीदः क़दम फिर वो मन्ज़िल को नहीं पाते ,, गर अ़ज़्म जो पुख़्ता हो लें काम भी हिम्मत से, तो  लोग  सितारों  से  आगे  हैं  निकल  जाते ।                   'मौलिक व अप्रकाशित' See More
Mar 9
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " left a comment for Samar kabeer
"शुक्रिया जनाब."
Mar 9

Profile Information

Gender
Male
City State
BAGHPAT , UTTAR PRADESH.
Native Place
BARAUT
Profession
Private job
About me
उर्दु शायरी हिन्दी में लिखने और पढ़ने का शौक़ है॥

अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s Blog

ग़ज़ल

रौशनी दिल में नहीं हो तो ख़तर बनता है,

आग सीने में लगी हो तो ज़रर  बनता है।

टूट  जाते हैं कई  रिश्ते ग़लत  फ़हमी से,

रंजिशें भूल ही जाए जो, बशर बनता है।

बात जो निकले ज़बां से व असर रखती है,

राज़ हो जाए अ़यां गर, तो ज़हर बनता है।

अदबियत जिसको विरासत मेहि मिल जाती हो,

बस कोई ऐसे नहीं 'दाग़' ओ 'जिगर' बनता है।

ह़स्बो फ़ितरत सेहि पहचान लिये  जाते हैं,

रफ़्त: रफ़्ता ज कोई शोख़ नज़र बनता…

Continue

Posted on March 29, 2020 at 2:43pm — 5 Comments

अ़ज़्म

डरते  हैं  जो मुश्किल से घबराते हैं  ख़तरों से , 

लरज़ीदः क़दम फिर वो मन्ज़िल को नहीं पाते ,, 

गर अ़ज़्म जो पुख़्ता हो लें काम भी हिम्मत से, 

तो  लोग  सितारों  से  आगे  हैं  निकल  जाते ।

                   

'मौलिक व अप्रकाशित' 

Posted on March 29, 2020 at 12:19pm — 2 Comments

Comment Wall (1 comment)

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At 6:21pm on March 9, 2020, Samar kabeer said…

जनाब अमीरुद्दीन साहिब,ओबीओ पर आपका स्वागत है,मैं हर ख़िदमत के लिए हाज़िर हूँ ।

 
 
 

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